{"_id":"5b1d91e34f1c1bf46e8b71d5","slug":"101528664547-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेईई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेईई
Updated Mon, 11 Jun 2018 02:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो : 115
र्जेईई परीक्षा में रितिका ने हासिल किया 112वां रैंक
- सोफ्टवेयर इंजीनियर बनना है माडल टाउन की इस छात्रा का सपना
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जेईई एडवांस परीक्षा का परिणाम रविवार को जारी हुआ। इसमें शहर की रितिका ने 112 रैंक हासिल किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए छात्रा ने दो साल रोजाना सात से घंटे पढ़ाई की।
शहर के मॉडल टाउन निवासी रितिका ने बताया कि वह पिछले दो साल से इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी। परीक्षा में अच्छी रैंक हासिल करने केलिए रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई में लगाए। किताबों के साथ साथ इंटरनेट व यूट्यूब का इस्तेमाल किया। छात्रा का सपना सोफ्टवेयर इंजीनियर बनना है। इसके लिए उसे देश के बेहतर आईआईटी संस्थान में दाखिला लेना है। यह बाधा देश में 112वें रैंक से दूर होगी। इंडस स्कूल की इस छात्रा के पिता सांघी अस्पताल में न्यूरोलाजिस्ट हैं। छात्रा ने बारहवीं कक्षा में 87.6 प्रतिशत अंक हासिल किए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीवी से परहेज बरता।
विज्ञापन
र्जेईई परीक्षा में रितिका ने हासिल किया 112वां रैंक
- सोफ्टवेयर इंजीनियर बनना है माडल टाउन की इस छात्रा का सपना
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जेईई एडवांस परीक्षा का परिणाम रविवार को जारी हुआ। इसमें शहर की रितिका ने 112 रैंक हासिल किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए छात्रा ने दो साल रोजाना सात से घंटे पढ़ाई की।
शहर के मॉडल टाउन निवासी रितिका ने बताया कि वह पिछले दो साल से इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी। परीक्षा में अच्छी रैंक हासिल करने केलिए रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई में लगाए। किताबों के साथ साथ इंटरनेट व यूट्यूब का इस्तेमाल किया। छात्रा का सपना सोफ्टवेयर इंजीनियर बनना है। इसके लिए उसे देश के बेहतर आईआईटी संस्थान में दाखिला लेना है। यह बाधा देश में 112वें रैंक से दूर होगी। इंडस स्कूल की इस छात्रा के पिता सांघी अस्पताल में न्यूरोलाजिस्ट हैं। छात्रा ने बारहवीं कक्षा में 87.6 प्रतिशत अंक हासिल किए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीवी से परहेज बरता।
विज्ञापन