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जहलही
Updated Sun, 27 May 2018 03:12 AM IST
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‘निपाह वायरस’ की सूचना पर फलों के बागान में भी अलर्ट
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। निपाह वायरस की सूचना पर जहां स्वास्थ्य विभाग और वन्य जीव विभाग अलर्ट पर है, वहीं बागान में भी इसे लेकर सभी सचेत हैं। बागों में आने वाले पक्षियों पर ध्यान रखा जा रहा है। इसमें सभी विशेष रूप से चमगादड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, शहर के आसपास बागानों में तैनात लोग खुश हैं कि अभी उनके यहां पेड़ों पर फल ही नहीं लगे हैं और जो लगे हैं वह कच्चे हैं।
जींद रोड स्थित बाग की रखवाली कर रहे व्यक्ति ने आश्वस्त होकर कहा कि अभी अमरूदों को पकने में डेढ़ से दो माह लगेगा। इससे पहले यह काफी सख्त हैं, इसे कोई परिंदा नहीं पसंद करेगा। वहीं कुछ बाग मालिकों ने सिर्फ यह कह कर बात टाल दी कि वह अपनी तरफ से सुरक्षा का पुरा इंतजाम कर रहे हैं, लेकिन फल के पकने से पहले कोई डर नहीं है। वहीं जिला वन्य जीव विभाग के डॉ. अशोक खासा ने बताया कि सरकार द्वारा अलर्ट जारी होने के बाद से वह लगातार ध्यान रख रहे हैं कि कोई समस्या न हो। शहर में फलों के बाग न होने से फल का रस चूसने वाले चमगादड़ न के बराबर हैं, इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आम जन से अपील है कि वह फलों को प्रयोग करने से पहले अच्छी तरह धो लें और कटे तथा पैनी चीज से चुभे फलों का प्रयोग न करें। रनिंग वाटर में फलों को धोने से यूरिन के माध्यम से फैलने वाले वायरस से बचा जा सकेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। निपाह वायरस की सूचना पर जहां स्वास्थ्य विभाग और वन्य जीव विभाग अलर्ट पर है, वहीं बागान में भी इसे लेकर सभी सचेत हैं। बागों में आने वाले पक्षियों पर ध्यान रखा जा रहा है। इसमें सभी विशेष रूप से चमगादड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, शहर के आसपास बागानों में तैनात लोग खुश हैं कि अभी उनके यहां पेड़ों पर फल ही नहीं लगे हैं और जो लगे हैं वह कच्चे हैं।
जींद रोड स्थित बाग की रखवाली कर रहे व्यक्ति ने आश्वस्त होकर कहा कि अभी अमरूदों को पकने में डेढ़ से दो माह लगेगा। इससे पहले यह काफी सख्त हैं, इसे कोई परिंदा नहीं पसंद करेगा। वहीं कुछ बाग मालिकों ने सिर्फ यह कह कर बात टाल दी कि वह अपनी तरफ से सुरक्षा का पुरा इंतजाम कर रहे हैं, लेकिन फल के पकने से पहले कोई डर नहीं है। वहीं जिला वन्य जीव विभाग के डॉ. अशोक खासा ने बताया कि सरकार द्वारा अलर्ट जारी होने के बाद से वह लगातार ध्यान रख रहे हैं कि कोई समस्या न हो। शहर में फलों के बाग न होने से फल का रस चूसने वाले चमगादड़ न के बराबर हैं, इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आम जन से अपील है कि वह फलों को प्रयोग करने से पहले अच्छी तरह धो लें और कटे तथा पैनी चीज से चुभे फलों का प्रयोग न करें। रनिंग वाटर में फलों को धोने से यूरिन के माध्यम से फैलने वाले वायरस से बचा जा सकेगा।
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