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सरपंच के अलावा एक अन्य ग्रामीण पर भी की थी फायरिंग
Updated Sun, 15 Apr 2018 02:12 AM IST
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सरपंच के अलावा एक अन्य ग्रामीण पर भी की थी फायरिंग
चरखी दादरी।
हड़ौदी निवासी सरपंच अनिल के साथ लुटेरों ने एक अन्य ग्रामीण बिजेंद्र पर भी फायरिंग की थी। गनीमत रही कि गोली बिजेंद्र के कपड़ों का छू कर निकल गई और वह बाल-बाल बच गया। सरपंच अनिल के क्रेटा गाड़ी के आगे बोलेरो लगाने पर बिजेंद्र ने अन्य ग्रामीणों सहित आरोपियों को पिछली तरफ से घेरने का प्रयास किया था। इसी दौरान एक आरोपी ने पीछे की खिड़की खोलकर फायरिंग कर दी। इसके बाद बिजेंद्र ने बहादुरी दिखाते हुए गाड़ी से उतरकर भाग रहे आरोपी का हाथ पकड़ लिया। बिजेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने जब पिस्तौल छीनने का प्रयास किया तो इस दौरान जमीन पर भी दो फायर हुए। यह खुलासा बिजेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने शनिवार सुबह किया।
बिजेंद्र के मुताबिक जगदे ने जब सरपंच अनिल को क्रेटा गाड़ी लूटने की जानकारी दी तो इसके तत्काल बाद उन्होंने गांव के ग्रामीणों को फोन पर इसकी जानकारी दी। इसके बाद कुछ ग्रामीण बाइकों पर सवार होकर लुटेरों की तलाश में निकल लिए तो कुछ ने गलियों में पत्थर डालकर रास्ते को बाधित कर दिया। इस दौरान दो गाड़ियों में सवार चार लुटेरों में से दो पकड़े गए। आरोपी परविंद्र उर्फ लीली व दीपक उर्फ दीपा क्रेटा गाड़ी में सवार थे और पत्थरों पर चढ़ने से क्रेटा गाड़ी का टायर फट गया। इसके बाद भी आरोपियों ने गाड़ी नहीं रोकी और करीब 200 मीटर तक गाड़ी दौड़ाते रहे। टायर फटने से आरोपियों की गाड़ी की रफ्तार धीमी हो गई जबकि उनका संतुलन भी बिगड़ गया। इसका फायदा उठाकर सरपंच अनिल ने अपनी गाड़ी उनके सामने अड़ा दी तो वहीं ग्रामीणों ने पीछे से गाड़ी को घेर लिया। इसी दौरान आरोपियों ने गाड़ी का शीशा उतारकर सरपंच पर फायर कर दिया और एक गोली गर्दन में जा लगी और सरपंच लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। इससे पहले मौके का फायदा उठाकर स्कार्पियो सवार दो युवक मौके से भागने में कामयाब हो गए। आरोपियों की स्कोर्पियो गाड़ी को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
प्रत्यक्षदर्शी बोले: खुद को घिरता देखकर आरोपियों ने किए पांच फायर
प्रत्यक्षदर्शी बिजेंद्र ने बताया कि जब वह गाड़ी के पीछे आरोपियों को घेरने के लिए खड़ा हुआ तो एक आरोपी ने खिड़की खोलकर उस पर फायर कर दिया। खुशकिस्मती से गोली उसके कपड़ों को छूकर निकल गई। उसने बताया कि जब आरोपी को काबू कर पिस्तौल छीनने का प्रयास किया तो इस दौरान जमीन पर भी दो फायर हुए। इससे पहले जब आरोपियों का पत्थर से टकराकर टायर फटा तब भी उन्होंने एक फायर किया था।
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बिजेंद्र उर्फ सुबा, प्रत्यक्षदर्शी
- सरपंच अनिल का मेरे पास फोन आया था और उन्होंने लूट की जानकारी दी। इसके बाद मैं अपने एक साथी सहित लुटेरों की तलाश में बाइक पर सवार होकर निकल लिया। हमने करीब दो किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा भी किया। जब तक हम स्पॉट पर पहुंचते लुटेरे सरपंच को गोली मार चुके थे। इसके बाद अन्य ग्रामीणों की मदद से उन्हें काबू कर लिया। फरार होने के प्रयास में उन्हें गिरने से चोटें भी आई।
विजयपाल, प्रत्यक्षदर्शी
बाक्स: रास्तों के जाल में उलझकर हड़ौदी गांव ही पहुंच गए लुटेरे
क्रेटा लूटने के बाद आरोपी दोनों गाड़ियां लेकर बाढड़ा की तरफ फरार हो गए। इसी दौरान ये हड़ौदी गांव की तरफ ही मुड़ गए। बता दें कि क्रेटा गाड़ी भी हड़ौदी निवासी जगदे की ही थी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो यहां के रास्तों से वाकिफ नहीं थे और न ही उन्हें ये पता था कि लूटी गई क्रेटा गाड़ी भी हड़ौदी के ग्रामीण की ही है।
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चरखी दादरी।
हड़ौदी निवासी सरपंच अनिल के साथ लुटेरों ने एक अन्य ग्रामीण बिजेंद्र पर भी फायरिंग की थी। गनीमत रही कि गोली बिजेंद्र के कपड़ों का छू कर निकल गई और वह बाल-बाल बच गया। सरपंच अनिल के क्रेटा गाड़ी के आगे बोलेरो लगाने पर बिजेंद्र ने अन्य ग्रामीणों सहित आरोपियों को पिछली तरफ से घेरने का प्रयास किया था। इसी दौरान एक आरोपी ने पीछे की खिड़की खोलकर फायरिंग कर दी। इसके बाद बिजेंद्र ने बहादुरी दिखाते हुए गाड़ी से उतरकर भाग रहे आरोपी का हाथ पकड़ लिया। बिजेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने जब पिस्तौल छीनने का प्रयास किया तो इस दौरान जमीन पर भी दो फायर हुए। यह खुलासा बिजेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने शनिवार सुबह किया।
बिजेंद्र के मुताबिक जगदे ने जब सरपंच अनिल को क्रेटा गाड़ी लूटने की जानकारी दी तो इसके तत्काल बाद उन्होंने गांव के ग्रामीणों को फोन पर इसकी जानकारी दी। इसके बाद कुछ ग्रामीण बाइकों पर सवार होकर लुटेरों की तलाश में निकल लिए तो कुछ ने गलियों में पत्थर डालकर रास्ते को बाधित कर दिया। इस दौरान दो गाड़ियों में सवार चार लुटेरों में से दो पकड़े गए। आरोपी परविंद्र उर्फ लीली व दीपक उर्फ दीपा क्रेटा गाड़ी में सवार थे और पत्थरों पर चढ़ने से क्रेटा गाड़ी का टायर फट गया। इसके बाद भी आरोपियों ने गाड़ी नहीं रोकी और करीब 200 मीटर तक गाड़ी दौड़ाते रहे। टायर फटने से आरोपियों की गाड़ी की रफ्तार धीमी हो गई जबकि उनका संतुलन भी बिगड़ गया। इसका फायदा उठाकर सरपंच अनिल ने अपनी गाड़ी उनके सामने अड़ा दी तो वहीं ग्रामीणों ने पीछे से गाड़ी को घेर लिया। इसी दौरान आरोपियों ने गाड़ी का शीशा उतारकर सरपंच पर फायर कर दिया और एक गोली गर्दन में जा लगी और सरपंच लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। इससे पहले मौके का फायदा उठाकर स्कार्पियो सवार दो युवक मौके से भागने में कामयाब हो गए। आरोपियों की स्कोर्पियो गाड़ी को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
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प्रत्यक्षदर्शी बोले: खुद को घिरता देखकर आरोपियों ने किए पांच फायर
प्रत्यक्षदर्शी बिजेंद्र ने बताया कि जब वह गाड़ी के पीछे आरोपियों को घेरने के लिए खड़ा हुआ तो एक आरोपी ने खिड़की खोलकर उस पर फायर कर दिया। खुशकिस्मती से गोली उसके कपड़ों को छूकर निकल गई। उसने बताया कि जब आरोपी को काबू कर पिस्तौल छीनने का प्रयास किया तो इस दौरान जमीन पर भी दो फायर हुए। इससे पहले जब आरोपियों का पत्थर से टकराकर टायर फटा तब भी उन्होंने एक फायर किया था।
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बिजेंद्र उर्फ सुबा, प्रत्यक्षदर्शी
- सरपंच अनिल का मेरे पास फोन आया था और उन्होंने लूट की जानकारी दी। इसके बाद मैं अपने एक साथी सहित लुटेरों की तलाश में बाइक पर सवार होकर निकल लिया। हमने करीब दो किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा भी किया। जब तक हम स्पॉट पर पहुंचते लुटेरे सरपंच को गोली मार चुके थे। इसके बाद अन्य ग्रामीणों की मदद से उन्हें काबू कर लिया। फरार होने के प्रयास में उन्हें गिरने से चोटें भी आई।
विजयपाल, प्रत्यक्षदर्शी
बाक्स: रास्तों के जाल में उलझकर हड़ौदी गांव ही पहुंच गए लुटेरे
क्रेटा लूटने के बाद आरोपी दोनों गाड़ियां लेकर बाढड़ा की तरफ फरार हो गए। इसी दौरान ये हड़ौदी गांव की तरफ ही मुड़ गए। बता दें कि क्रेटा गाड़ी भी हड़ौदी निवासी जगदे की ही थी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो यहां के रास्तों से वाकिफ नहीं थे और न ही उन्हें ये पता था कि लूटी गई क्रेटा गाड़ी भी हड़ौदी के ग्रामीण की ही है।