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जीएसटी - 15 करोड़ का कारोबार रहा ठप
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:24 AM IST
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जीएसटी के विरोध में एक हजार दुकानें रहीं बंद
भिवानी। जीएसटी के विरोध में कपड़ा मार्केट समेत शहर की एक हजार से अधिक कपड़ा दुकानें बंद रही। बड़े दुकानदारों के साथ-साथ छोटे दुकानदारों ने भी दुकानें बंद कर रोष जताया। व्यापारियों ने शहर में रोष जुलूस निकालकर मार्केट की दुकानें बंद करवाई। साथ ही बिचला बाजार में धरना देकर रोष जताया। दुकानदारों ने चेतावनी दी कि जीएसटी का सरलीकरण नहीं किया गया तो वे मार्केट नहीं खालेंगे। शादी सीजन में कपड़ों की दुकानें बंद होने से करीब 15 करोड़ का काम ठप रहा।
जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों की तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को व्यापक असर दिखाई दिया। शहर की एक हजार से अधिक दुकानों पर दिनभर ताले लटके रहे। बड़े दुकानदारों के साथ छोटे दुकानदार भी हड़ताल में शामिल हुए। सुबह बिचला बाजार में दुकानदारों ने एकत्रित होकर रोष जताया और फिर जुलूस के रूप में सराय चौपटा, घंटाघर चौक, कृष्णा कॉलोनी व अन्य बाजारों से होते हुए वापस बिचला बाजार पहुंचे। दुकानदारों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। व्यापार मंडल के जिला प्रधान भानुप्रकाश ने बताया कि हड़ताल में सभी दुकानदार हड़ताल में शामिल हुए। एक हजार से अधिक दुकानें पूरा दिन बंद रहना बताता है कि दुकानदारों में जीएसटी के प्रति कितना रोष है।
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने कहा कि कपड़े पर पहले कोई टैक्स नहीं था तथा अब जीएसटी लागू कर भारतीय व्यापारियों के जरिए सरकार जनता पर बोझ डालने का प्रयास कर रही है। एक माह में तीन रिटर्न भरने का फरमान का कोई औचत्य नहीं है। व्यापारी तो लाइनों में लगे रह जाएंगे और काम-काज सब ठप हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जीएसटी लागू करें, मगर इसका सरलीकरण करें तो बेहतर होगा वरना व्यापारी इसका पुरजोर विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि तीन दिन तक समूचे भारत में कपड़ा व्यापारी हड़ताल रखेंगे और इसके बाद 30 जून को भारत बंद रहेगा। इसके बाद भी सरकार नहीं चेती तो व्यापारी एक जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल और आंदोलन शुरू कर देंगे।
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रोष प्रदर्शन में क्लाथ एसोसिएशन के अध्यक्ष गिगराज जैन, भगत सिंह मार्केट के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, भग्गनपुरी बाजार के अध्यक्ष श्यामलाल, मामनचंद, रवि भग्गनका, रवि हलवासिया, महावीर घाटी के अध्यक्ष किशनलाल जैन, सराय चौपटा के अध्यक्ष रितेश मित्तल, सुभाष जैन, मदन जैन, विक्की अरोड़ा, प्रवीण नारंग, मनोज ठाकुर, जेपी कौशिक, नवीन जैन, रतनलाल चौखानी, ललित मोदी आदि मौजूद रहे।
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कपड़ों के लिए लोग रहे परेशान
कपड़ा व्यापारियों की हड़ताल के कारण जहां 15 करोड़ का काम ठप हुआ वहीं कपड़ों के लिए लोग परेशान रहे। इस समय शादी सीजन है और लोग खासी संख्या में खरीददारी के लिए उमड़ रहे है। मगर बाजार आए अधिकतर लोगों को निराश ही लौटना पड़ा।
जीएसटी में टैक्स प्रक्रिया इतनी जटिल है कि दुकानदार, व्यापारी इन्हीं को पूरा करने में रह जाएंगे। अपनी दुकानदारी तो कर रही नहीं पाएंगे। पहले कोई टैक्स नहीं था और अब एक दम तो थोप दिया गया है। दुकानदारों के पास कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है, टैक्स नंबर नहीं है। सरकार का गलत निर्णय है।
किशन लाल पहाड़ी, प्रधान
बिचला बाजार भग्गनपुरी मार्केट
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एक माह में तीन रिटर्न भरनी होगी। सेल-परचेज का पूरा हिसाब रखने के अलावा टैक्स व अन्य बेवजह की चीजों का भी रिकार्ड रखना होगा। रिकार्ड में खामी पर सजा का प्रावधान। ऐसे तुगलकी फरमान जारी किए गए हैं। इससे दुकानदारों में डर का माहौल है। छोटे दुकानदारों की दुकानदारी बंद हो जाएगी। सरकार जीएसटी लागू करें, मगर इसमें व्यापारियों की सहूलियत के अनुसार बदलाव करे। मांगे नहीं मानी तो अनिश्चिकालीन हड़ताल की जाएगी।
गिगराज जैन, संरक्षक
व्यापारियों से नहीं ली गई राय : भानप्रकाश
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला प्रधान भानुप्रकाश शर्मा ने व्यापारियों की बैठक में कहा कि सरकार जीएसटी लागू करें, मगर इसका सरलीकरण करें। मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्याम बिहारी मिश्रा के निर्देश पर जीएसटी के विरोध में 30 जून को भारत बंद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के व्यापारी समाज ने एक सूत्रीय, सरल पारदर्शी व 15 फीसदी से कम दरों वाली जीएसटी की मांग की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कहा था कि जीएसटी को लेकर व्यापारियों की राय ली जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उल्टा जीएसटी में सजा का प्रावधान कर दिया गया।
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भिवानी। जीएसटी के विरोध में कपड़ा मार्केट समेत शहर की एक हजार से अधिक कपड़ा दुकानें बंद रही। बड़े दुकानदारों के साथ-साथ छोटे दुकानदारों ने भी दुकानें बंद कर रोष जताया। व्यापारियों ने शहर में रोष जुलूस निकालकर मार्केट की दुकानें बंद करवाई। साथ ही बिचला बाजार में धरना देकर रोष जताया। दुकानदारों ने चेतावनी दी कि जीएसटी का सरलीकरण नहीं किया गया तो वे मार्केट नहीं खालेंगे। शादी सीजन में कपड़ों की दुकानें बंद होने से करीब 15 करोड़ का काम ठप रहा।
जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों की तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को व्यापक असर दिखाई दिया। शहर की एक हजार से अधिक दुकानों पर दिनभर ताले लटके रहे। बड़े दुकानदारों के साथ छोटे दुकानदार भी हड़ताल में शामिल हुए। सुबह बिचला बाजार में दुकानदारों ने एकत्रित होकर रोष जताया और फिर जुलूस के रूप में सराय चौपटा, घंटाघर चौक, कृष्णा कॉलोनी व अन्य बाजारों से होते हुए वापस बिचला बाजार पहुंचे। दुकानदारों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। व्यापार मंडल के जिला प्रधान भानुप्रकाश ने बताया कि हड़ताल में सभी दुकानदार हड़ताल में शामिल हुए। एक हजार से अधिक दुकानें पूरा दिन बंद रहना बताता है कि दुकानदारों में जीएसटी के प्रति कितना रोष है।
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प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने कहा कि कपड़े पर पहले कोई टैक्स नहीं था तथा अब जीएसटी लागू कर भारतीय व्यापारियों के जरिए सरकार जनता पर बोझ डालने का प्रयास कर रही है। एक माह में तीन रिटर्न भरने का फरमान का कोई औचत्य नहीं है। व्यापारी तो लाइनों में लगे रह जाएंगे और काम-काज सब ठप हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जीएसटी लागू करें, मगर इसका सरलीकरण करें तो बेहतर होगा वरना व्यापारी इसका पुरजोर विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि तीन दिन तक समूचे भारत में कपड़ा व्यापारी हड़ताल रखेंगे और इसके बाद 30 जून को भारत बंद रहेगा। इसके बाद भी सरकार नहीं चेती तो व्यापारी एक जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल और आंदोलन शुरू कर देंगे।
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रोष प्रदर्शन में क्लाथ एसोसिएशन के अध्यक्ष गिगराज जैन, भगत सिंह मार्केट के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, भग्गनपुरी बाजार के अध्यक्ष श्यामलाल, मामनचंद, रवि भग्गनका, रवि हलवासिया, महावीर घाटी के अध्यक्ष किशनलाल जैन, सराय चौपटा के अध्यक्ष रितेश मित्तल, सुभाष जैन, मदन जैन, विक्की अरोड़ा, प्रवीण नारंग, मनोज ठाकुर, जेपी कौशिक, नवीन जैन, रतनलाल चौखानी, ललित मोदी आदि मौजूद रहे।
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कपड़ों के लिए लोग रहे परेशान
कपड़ा व्यापारियों की हड़ताल के कारण जहां 15 करोड़ का काम ठप हुआ वहीं कपड़ों के लिए लोग परेशान रहे। इस समय शादी सीजन है और लोग खासी संख्या में खरीददारी के लिए उमड़ रहे है। मगर बाजार आए अधिकतर लोगों को निराश ही लौटना पड़ा।
जीएसटी में टैक्स प्रक्रिया इतनी जटिल है कि दुकानदार, व्यापारी इन्हीं को पूरा करने में रह जाएंगे। अपनी दुकानदारी तो कर रही नहीं पाएंगे। पहले कोई टैक्स नहीं था और अब एक दम तो थोप दिया गया है। दुकानदारों के पास कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है, टैक्स नंबर नहीं है। सरकार का गलत निर्णय है।
किशन लाल पहाड़ी, प्रधान
बिचला बाजार भग्गनपुरी मार्केट
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एक माह में तीन रिटर्न भरनी होगी। सेल-परचेज का पूरा हिसाब रखने के अलावा टैक्स व अन्य बेवजह की चीजों का भी रिकार्ड रखना होगा। रिकार्ड में खामी पर सजा का प्रावधान। ऐसे तुगलकी फरमान जारी किए गए हैं। इससे दुकानदारों में डर का माहौल है। छोटे दुकानदारों की दुकानदारी बंद हो जाएगी। सरकार जीएसटी लागू करें, मगर इसमें व्यापारियों की सहूलियत के अनुसार बदलाव करे। मांगे नहीं मानी तो अनिश्चिकालीन हड़ताल की जाएगी।
गिगराज जैन, संरक्षक
व्यापारियों से नहीं ली गई राय : भानप्रकाश
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला प्रधान भानुप्रकाश शर्मा ने व्यापारियों की बैठक में कहा कि सरकार जीएसटी लागू करें, मगर इसका सरलीकरण करें। मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्याम बिहारी मिश्रा के निर्देश पर जीएसटी के विरोध में 30 जून को भारत बंद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के व्यापारी समाज ने एक सूत्रीय, सरल पारदर्शी व 15 फीसदी से कम दरों वाली जीएसटी की मांग की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कहा था कि जीएसटी को लेकर व्यापारियों की राय ली जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उल्टा जीएसटी में सजा का प्रावधान कर दिया गया।