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मस्तनाथ नगर नहीं होगा वैध, निगम की नई सूची से भी बाहर
Updated Sat, 17 Jun 2017 02:32 AM IST
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विजेंद्र कौशिक।
रोहतक।
प्रदेश सरकार दो साल पहले वैध हुई 70 कॉलोनियों में विकास कार्य शुरू नहीं करा पाई है और अब 13 और नई कॉलोनियों को वैध करने की तैयारी की जा रही है। निगम की बिल्डिंग ब्रांच की ओर से कॉलोनियों का पूरा ब्यौरा एकत्रित कर लिया गया है। सोमवार को फाइनल रिपोर्ट चंडीगढ़ भेजी जाएगी। इस सूची में मस्तनाथ नगर को शामिल नहीं किया गया है। मस्तनाथ नगर के लोग काफी दिनों से कॉलोनी को वैध करने की मांग कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने दो साल पहले शहर की 70 अवैध कॉलोनियों को वैध किया था। इसके बाद फैसला हुआ कि उक्त कॉलोनियों में बिजली, पानी, सीवरेज, सड़क और दूसरी सुविधाएं विकास शुल्क जमा कराने के बाद दी जाएंगी। योजना के तहत कालोनी के लोग एक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन गठित करेंगे। इसमें एक प्रधान होगा और एसोसिएशन के प्रधान और निगम आयुक्त का एक ज्वाइंट खाता बनेगा। इसमें विकास शुल्क की राशि डाली जाएगी। इसमें सरकार को अपनी ओर से सहयोग करना है। इस राशि से ही कॉलोनी के अंदर विकास कार्य कराए जाएंगे। निगम की ओर से कॉलोनियों में लोगों से एसोसिएशन गठन को कहा लेकिन अधिकांश में ऐसा नहीं हो पाया। इस कारण उक्त कॉलोनियों में विकास कार्यों को मामला फाइलों में ही उलझा हुआ है। वहीं दूसरी ओर अब प्रदेश सरकार ने निगम प्रशासन ने अवैध से वैध की जा सकने वाली नई कॉलोनियों की सूची मांग ली है। इसके बाद निगम की ओर से रिकार्ड की जांच पड़ताल की गई और 13 कालोनियों की सूची तैयार की है। इन्हें चंडीगढ़ पास होने के लिए भेजा जाएगा।
ये नई कालोनियां हैं सूची में
: अस्थल बोहर का बाहरी एरिया।
: फ्रैंड्स कॉलोनी
: डेयरी कांप्लैक्स के सामने पार्ट्स 1 और 2
: खेड़ीसाध लाल डोरे के बाहर भाग 1, 2, 3, 4, 5
: शीतल नगर
: सुनारिया खुर्द का लाल डोरे से बाहर का एरिया
: सुनारिया कलां का लाल डोरे से बाहर का एरिया
: बोहर गांव में लाल डोरे से बाहर का एरिया।
मस्तनाथ नगर पर विचार नहीं, दो मंत्रियों से मिल चुके हैं लोग
दिल्ली रोड पर चार साल पहले निजी प्रॉपर्टी डीलर ने प्लॉट काटकर बेचे थे। यहां अब 200 के करीब मकान बन चुके हैं। लोगों का कहना है कि मकान बनाते समय बिजली निगम के एक अधिकारी ने कहा कि यहां लाइन बिछेगी और कॉलोनी भी वैध होगी। पहले लोग अपने खर्च से लाइन बिछा लें और बाद में विभाग हैंडओवर कर लेगा। लोगों ने चंदा एकत्रित करे खंभे खड़े करवा लिए लेकिन बिजली निगम ने अब तक कनेक्शन नहीं दिए। ऐसे में लोग सोलर सिस्टम लगाकर काम चला रहे हैं। कॉलोनी निवासी सत्यवान नांदल का कहना वे कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर तक से मिल चुके हैं लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।
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सरकार और निगम का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा कॉलोनियों में विकास कार्य करवाना है। 13 नई कालोनियों को वैध करने के लिए सूची तैयार की है। जल्द उनकी सूची चंडीगढ़ भेज दी जाएगी। जहां तक मस्तनाथ नगर के मामले में मुख्यालय से हरी झंडी नहीं मिल रही है।
कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, डीटीपी, नगर निगम।
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रोहतक।
प्रदेश सरकार दो साल पहले वैध हुई 70 कॉलोनियों में विकास कार्य शुरू नहीं करा पाई है और अब 13 और नई कॉलोनियों को वैध करने की तैयारी की जा रही है। निगम की बिल्डिंग ब्रांच की ओर से कॉलोनियों का पूरा ब्यौरा एकत्रित कर लिया गया है। सोमवार को फाइनल रिपोर्ट चंडीगढ़ भेजी जाएगी। इस सूची में मस्तनाथ नगर को शामिल नहीं किया गया है। मस्तनाथ नगर के लोग काफी दिनों से कॉलोनी को वैध करने की मांग कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने दो साल पहले शहर की 70 अवैध कॉलोनियों को वैध किया था। इसके बाद फैसला हुआ कि उक्त कॉलोनियों में बिजली, पानी, सीवरेज, सड़क और दूसरी सुविधाएं विकास शुल्क जमा कराने के बाद दी जाएंगी। योजना के तहत कालोनी के लोग एक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन गठित करेंगे। इसमें एक प्रधान होगा और एसोसिएशन के प्रधान और निगम आयुक्त का एक ज्वाइंट खाता बनेगा। इसमें विकास शुल्क की राशि डाली जाएगी। इसमें सरकार को अपनी ओर से सहयोग करना है। इस राशि से ही कॉलोनी के अंदर विकास कार्य कराए जाएंगे। निगम की ओर से कॉलोनियों में लोगों से एसोसिएशन गठन को कहा लेकिन अधिकांश में ऐसा नहीं हो पाया। इस कारण उक्त कॉलोनियों में विकास कार्यों को मामला फाइलों में ही उलझा हुआ है। वहीं दूसरी ओर अब प्रदेश सरकार ने निगम प्रशासन ने अवैध से वैध की जा सकने वाली नई कॉलोनियों की सूची मांग ली है। इसके बाद निगम की ओर से रिकार्ड की जांच पड़ताल की गई और 13 कालोनियों की सूची तैयार की है। इन्हें चंडीगढ़ पास होने के लिए भेजा जाएगा।
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ये नई कालोनियां हैं सूची में
: अस्थल बोहर का बाहरी एरिया।
: फ्रैंड्स कॉलोनी
: डेयरी कांप्लैक्स के सामने पार्ट्स 1 और 2
: खेड़ीसाध लाल डोरे के बाहर भाग 1, 2, 3, 4, 5
: शीतल नगर
: सुनारिया खुर्द का लाल डोरे से बाहर का एरिया
: सुनारिया कलां का लाल डोरे से बाहर का एरिया
: बोहर गांव में लाल डोरे से बाहर का एरिया।
मस्तनाथ नगर पर विचार नहीं, दो मंत्रियों से मिल चुके हैं लोग
दिल्ली रोड पर चार साल पहले निजी प्रॉपर्टी डीलर ने प्लॉट काटकर बेचे थे। यहां अब 200 के करीब मकान बन चुके हैं। लोगों का कहना है कि मकान बनाते समय बिजली निगम के एक अधिकारी ने कहा कि यहां लाइन बिछेगी और कॉलोनी भी वैध होगी। पहले लोग अपने खर्च से लाइन बिछा लें और बाद में विभाग हैंडओवर कर लेगा। लोगों ने चंदा एकत्रित करे खंभे खड़े करवा लिए लेकिन बिजली निगम ने अब तक कनेक्शन नहीं दिए। ऐसे में लोग सोलर सिस्टम लगाकर काम चला रहे हैं। कॉलोनी निवासी सत्यवान नांदल का कहना वे कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर तक से मिल चुके हैं लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।
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सरकार और निगम का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा कॉलोनियों में विकास कार्य करवाना है। 13 नई कालोनियों को वैध करने के लिए सूची तैयार की है। जल्द उनकी सूची चंडीगढ़ भेज दी जाएगी। जहां तक मस्तनाथ नगर के मामले में मुख्यालय से हरी झंडी नहीं मिल रही है।
कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, डीटीपी, नगर निगम।