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कॉलेजों में प्राध्यपकों की कमी, कैसे पढ़ेंगे विद्यार्थी

Fri, 16 Jun 2017 12:11 AM IST
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:11 AM IST
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कॉलेजों में प्राध्यपकों की कमी, कैसे पढ़ेंगे विद्यार्थी
बिना गुरु कौन देगा ज्ञान
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नारनौल-महेंद्रगढ़। शिक्षा मंत्री के गृह जिला में शिक्षा का बुरा हाल है। यहां के कालेजों में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई है लेकिन ज्ञान देने के लिए गुरु नहीं हैं। कालेजों में सबसे ज्यादा बुरा हाल नारनौल कालेज का है। यहां पर कुल 111 स्वीकृत पदों में से 85 पद रिक्त हैं। ऐसे में यहां पूरा महाविद्यालय सिर्फ 26 प्राध्यापकों के ही भरोसे चल रहा है। जिले के अन्य कालेजों का भी यही हाल है। कुछ एक्सटेंशन प्राध्यापकों के भरोसे कालेजों में कक्षाएं लग रही हैं।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड व सीबीएसई के बारहवीं कक्षा के नतीजे आ चुके हैं। आठ जून से कालेजों में दाखिला प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इसके कुछ दिन बाद जुलाई माह से नियमित कक्षाएं भी कालेजों में लगने लगेंगी। मगर जिला के कालेजों में प्राध्यापकों को भारी टोटा बना हुआ है। ऐसे में बिना प्राध्यापकों के कैसे पढ़ाई हो पाएगी। कालेजों में कम प्राध्यापक होने के कारण प्राचार्यों को चिंता सता रही है कि बच्चों को पढ़ाने के लिए कहां से प्राध्यापक लाएं।
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क्या है कालेजों की स्थिति
महिला महाविद्यालय नारनौल
सन 1988 में स्थापित हुए राजकीय महिला महाविद्यालय में स्वीकृत पदों में आधे से भी अधिक पद रिक्त पड़े हैं। महिला महाविद्यालय में शिक्षा निदेशालय द्वारा 53 पद स्वीकृत किए गए थे लेकिन केवल 22 ही प्राध्यापक अभी कार्यरत हैं। जबकि महाविद्यालय में विभिन्न संकायों में दो हजार से अधिक छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। महाविद्यालय में फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं जूलोजी में तो प्राध्यापक डेपुटेशन पर रखे जाते हैं।
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पद स्वीकृत रिक्त
प्रिंसिपल 1 01
बॉटनी 2 01
केमिस्ट्री 2 01
कॉमर्स 7 7
कंप्यूटर साइंस 2 02
डिफेंस स्टडी 3 00
इंगलिश 8 6
इकोनॉमिक्स 1 1
भूगोल 12 5
हिन्दी 3 2
इतिहास 1 1
होम साइंस 1 1
गणित 3 1
म्यूजिक 1 1 00
म्यूजिक 5 01 00
फिजिक्स 1 1
शारीरिक शिक्षा 1 1
संस्कृत 2 01
जूलोजी 1 01
पीजी कॉलेज नारनौल
पीजी कालेज नारनौल जिला महेंद्रगढ़ का सबसे पुराना है। इस कालेज में चार हजार के करीब बच्चे पूर्व में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां पर 111 कुल पदों में से 85 पद रिक्त हैं। जिसके कारण इस बार पढ़ाई प्रभावित होती दिखाई दे रही है।
स्वीकृत पद रिक्त
अंग्रेजी 08 04
हिन्दी 03 01
इतिहास 03 03
राजनीतिक शास्त्र 1 0
संस्कृत 1 1
भूगोल 16 12
अर्थशास्त्र 2 2
सैन्य विज्ञान 2 00
गणित 13 10
समाज शास्त्र 1 1
रसायन विज्ञान 15 15
भौतिक विज्ञान 10 9
प्राणी विज्ञान 7 5
वाणिज्य 10 8
कंप्यूटर साइंस 5 5
वनस्पति विज्ञान 7 7
भूगर्भ विज्ञान 5 00
शारीरिक शिक्षा 2 2
राजकीय पीजी कालेज अटेली
कुल पद 45, रिक्त 21
विषय रिक्त
अंग्रेजी 04
भूगोल 06
मैथ 05
इतिहास 01
फिजिक्स 02
केमिस्ट्री 03
नांगल चौधरी के शहीद मेजर सतीश दहिया कालेज में भी हालत ठीक नहीं हैं। यहां के कार्यवाहक प्राचार्य हरलाल यादव ने बताया कि कालेज में 25 पोस्ट स्वीकृत हैं, जबकि केवल 11 ही प्राध्यापक इस समय हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्होंने उच्चाधिकारियों को लिखा हुआ है। वहीं बैजनाथ चौधरी गर्ल्स कॉलेज के इंचार्ज डा. हरनाम यादव ने बताया कि कालेज में 20 पोस्ट स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 15 पोस्ट रिक्त हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्होंने उच्चाधिकारियों को लिखा हुआ है।
महिला महाविद्यालय के रिक्त पदों को भरने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग को लिखा गया है। इसके लिए जल्द कार्रवाई होने की उम्मीद है। -एमएस यादव, कार्यवाहक प्राचार्य महिला महाविद्यालय

बिना सांइस गुरू के कैसे आगे बढेेे़ें विद्यार्थी
इस समय जिले के सभी महाविद्यालयों में मेडिकल एवं नॉन मेडिकल के स्टाफ की कमी है। यहां स्टाफ की कमी एक या दो वर्ष से नहीं बल्कि पांच वर्षों से अधिक से है। सरकारी महाविद्यालयों में से 8 महाविद्यालय में मेडिकल एवं नॉन मेडिकल संकाय हैं। किंतु इनमें से किसी भी महाविद्यालय में साइंस विषय का स्टाफ पूरा नहीं है। हालात इतने चिंतनीय है कि महेंद्रगढ़ एवं नांगल चौधरी के महाविद्यालयों में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ विषय के एक भी लेक्चरर नहीं हैं। जिले के इन आठ महाविद्यालयों में लगभग 2500 विद्यार्थी विज्ञान संकाय की पढ़ाई कर रहे हैं किंतु किसी में एक भी नहीं तो किसी में एक या दो लेक्चरर हैं।


महेंद्रगढ़ खंड में सबसे अधिक हालत खराब
महेंद्रगढ़ खंड के अंतर्गत चार महाविद्यालय आते हैं। इनमें से तीन महाविद्यालयों में नॉन मेडिकल संकाय हैं जबकि एक में नहीं है। महेंद्रगढ़ के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में केमिस्ट्री को छोड़कर, फिजिक्स, मैथ, बॉटनी, जूलोजी में एक भी लेक्चर नहीं है। कनीना राजकीय कॉलेज में बॉटनी एवं जूलोजी में एक-एक लेक्चरर हैं जबकि फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ के लिए एक भी लेक्चरर नहीं है। इसके अलावा सतनाली में केवल मैथ का लेक्चरर है जबकि फिजिक्स और केमिस्ट्री के लेक्चरर नहीं है।
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