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Rohtak News: दर्शन योग महाविद्यालय में नवसंवत्सर पर 101 कुण्डीय यज्ञ का आयोजन
Mon, 31 Mar 2025 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 31 Mar 2025 01:17 AM IST
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रोहतक। दर्शन योग महाविद्यालय, सुन्दरपुर के तत्वावधान में रविवार को स्थानीय जाट कॉलेज खेल प्रांगण में नवसंवत्सर के अवसर पर 101 कुण्डीय यज्ञ का आयोजन किया गया। इस यज्ञ में छत्तीसगढ़ से पधारे यज्ञ ब्रह्मा आचार्य डॉ. कमल नारायण ने विशेष रूप से भाग लिया।
आचार्य ने यज्ञ का वैज्ञानिक महत्व बताते हुए कहा कि यज्ञ से विभिन्न रोगों की चिकित्सा की जा सकती है। नवसंवत्सर पर प्राकृतिक परिवर्तन होते हैं इसलिए यह प्राकृतिक त्योहार है। सज्ञ के दौरान मुख्य यजमान आशा आर्या, राहुल आर्य एवं प्रिया आर्या रहे। स्वामी शान्तानन्द सरस्वती ने यज्ञ, अध्ययन, दान आदि धर्म के आठ मार्ग बताये। इस अवसर पर स्वामी शान्तानन्द द्वारा लिखित लघु पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। राजसिंह कानूनगो और पवनजीत ने भजन प्रस्तुत किए। जाट शिक्षण संस्थान के प्रधान गुलाब सिंह दिमाना ने आर्यसमाज के कार्यों की प्रशंसा की। विशिष्ट अतिथि जितेन्द्र भाटिया ने कहा कि यज्ञ बहुत श्रेष्ठ कर्म है। रिंकू सैनी ने कहा कि सभी को आर्य समाज के दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए। आचार्य प्रवींद्र आर्य ने स्वामी विवेकानंद परिव्राजक का सामान्य जनता और आर्य परिवारों के लिए प्रेरणादायक संदेश प्रस्तुत किया। दर्शन योग महाविद्यालय सुन्दरपुर के प्रबन्धक निगम मुनि ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। मंच संचालन अंकुर अरोड़ा ने किया।
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आचार्य ने यज्ञ का वैज्ञानिक महत्व बताते हुए कहा कि यज्ञ से विभिन्न रोगों की चिकित्सा की जा सकती है। नवसंवत्सर पर प्राकृतिक परिवर्तन होते हैं इसलिए यह प्राकृतिक त्योहार है। सज्ञ के दौरान मुख्य यजमान आशा आर्या, राहुल आर्य एवं प्रिया आर्या रहे। स्वामी शान्तानन्द सरस्वती ने यज्ञ, अध्ययन, दान आदि धर्म के आठ मार्ग बताये। इस अवसर पर स्वामी शान्तानन्द द्वारा लिखित लघु पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। राजसिंह कानूनगो और पवनजीत ने भजन प्रस्तुत किए। जाट शिक्षण संस्थान के प्रधान गुलाब सिंह दिमाना ने आर्यसमाज के कार्यों की प्रशंसा की। विशिष्ट अतिथि जितेन्द्र भाटिया ने कहा कि यज्ञ बहुत श्रेष्ठ कर्म है। रिंकू सैनी ने कहा कि सभी को आर्य समाज के दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए। आचार्य प्रवींद्र आर्य ने स्वामी विवेकानंद परिव्राजक का सामान्य जनता और आर्य परिवारों के लिए प्रेरणादायक संदेश प्रस्तुत किया। दर्शन योग महाविद्यालय सुन्दरपुर के प्रबन्धक निगम मुनि ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। मंच संचालन अंकुर अरोड़ा ने किया।
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