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Rohtak News: अंधड़ और बारिश से आफत... मंडियों में भीगा 10 लाख क्विंटल गेहूं
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। मौसम में आए बदलाव के चलते मंगलवार दोपहर बाद तेज हवा के साथ बारिश आई, जो किसानों के लिए आफत बनी। मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश ने किसानों का पीला सोना एक बार फिर भिगो दिया। मंडियों में खुले में पड़ा करीब 10 लाख क्विंटल गेहूं भीगने से खरीद कार्य भी प्रभावित हुआ है। इससे किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। गेहूं में नमी कम होने पर ही खरीद हो पाएगी।
मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मौसम में अचानक बदलाव आया। आसमान में बादल छाए गए। तेज हवा के साथ पहले धूूल उड़ी। इसके बाद बारिश हुई। मौसम विभाग की मानें तो करीब 15 मिनट में चार एमएम बारिश हुई। इस बारिश ने मौसम में ठंडक घोलने के साथ मंडियों में पड़ा गेहूं भी भिगो डाला।
इससे खरीद कार्य भी प्रभावित हुआ है। शाम को नमी वाले गेहूं की खरीद नहीं हो पाई। यही नहीं, अब बुधवार को भी खरीद कार्य शुरू होना मुश्किल नजर आ रहा है। मौसम साफ रहने पर ही गेहूं सुखाने की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
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अब तक 18 लाख 56 हजार 858 क्विंटल गेहूं की आवक
प्रशासन से मिले आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में अब तक 18 लाख 56 हजार 858 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से 13 लाख 38 हजार 374 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है, जबकि पांच लाख 18 हजार 484 क्विंटल गेहूं को खरीद का इंतजार है। खरीदे गए गेहूं में से से कुछ ही शेड के नीचे बारिश से सुरक्षित है, जबकि करीब 10 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की ढेरियां खुले आसमान तले पड़ी हैं। यहां इन पर न तो तिरपाल है, न बारिश के बचाव के अन्य उपाय। यही वजह रही कि मंगलवार दोपहर बाद बारिश में गेहूं भीग गया।
समय पर नहीं हुआ उठान : आढ़ती
बीते तीन-चार दिनों से मौसम में बदलवा चल रहा था और मौसम विभाग द्वारा भी बारिश की आशंका जताई गई थी। इसके बावजूद अनाज मंडी से खुले आसमान के नीचे पड़ी फसल को तिरपाल से नहीं ढका गया। खरीदी गई फसल का उठान भी नहीं हो पाया और न ही खुले में पड़े अनाज के ढकने के इंतजामात हो पाए।
इसके चलते काफी मात्रा में अनाज बारिश की भेंट चढ़ गया है। आढ़तियों का मानना है कि खरीदे गए अनाज का समय पर उठान हो जाता तो इतना नुकसान नहीं होता। सांपला अनाज मंडी में अब तक 4 लाख दस हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। वेयर हाउस एजेंसी ने ढाई लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की है। खरीदा हुआ गेहूं भी आधे से ज्यादा खुले आसमान के नीचे पड़ा है।
आढ़तियों को कर दिया था आगाह : सचिव
मार्केट कमेटी के सचिव दीपक कुमार ने माना कि उठान धीमी गति से हुआ है। इसके चलते बड़ी मात्रा में अनाज खुले में पड़ा है। खराब मौसम के चलते बारिश की आशंका को देखते हुए आढ़तियों को पहले ही आगाह कर दिया गया था कि वे अनाज को ढकने के लिए तिरपाल का प्रबंध कर लें। गेहूं नहीं ढकने से नुकसान हुआ है।
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रोहतक। मौसम में आए बदलाव के चलते मंगलवार दोपहर बाद तेज हवा के साथ बारिश आई, जो किसानों के लिए आफत बनी। मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश ने किसानों का पीला सोना एक बार फिर भिगो दिया। मंडियों में खुले में पड़ा करीब 10 लाख क्विंटल गेहूं भीगने से खरीद कार्य भी प्रभावित हुआ है। इससे किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। गेहूं में नमी कम होने पर ही खरीद हो पाएगी।
मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मौसम में अचानक बदलाव आया। आसमान में बादल छाए गए। तेज हवा के साथ पहले धूूल उड़ी। इसके बाद बारिश हुई। मौसम विभाग की मानें तो करीब 15 मिनट में चार एमएम बारिश हुई। इस बारिश ने मौसम में ठंडक घोलने के साथ मंडियों में पड़ा गेहूं भी भिगो डाला।
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इससे खरीद कार्य भी प्रभावित हुआ है। शाम को नमी वाले गेहूं की खरीद नहीं हो पाई। यही नहीं, अब बुधवार को भी खरीद कार्य शुरू होना मुश्किल नजर आ रहा है। मौसम साफ रहने पर ही गेहूं सुखाने की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
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अब तक 18 लाख 56 हजार 858 क्विंटल गेहूं की आवक
प्रशासन से मिले आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में अब तक 18 लाख 56 हजार 858 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से 13 लाख 38 हजार 374 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है, जबकि पांच लाख 18 हजार 484 क्विंटल गेहूं को खरीद का इंतजार है। खरीदे गए गेहूं में से से कुछ ही शेड के नीचे बारिश से सुरक्षित है, जबकि करीब 10 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की ढेरियां खुले आसमान तले पड़ी हैं। यहां इन पर न तो तिरपाल है, न बारिश के बचाव के अन्य उपाय। यही वजह रही कि मंगलवार दोपहर बाद बारिश में गेहूं भीग गया।
समय पर नहीं हुआ उठान : आढ़ती
बीते तीन-चार दिनों से मौसम में बदलवा चल रहा था और मौसम विभाग द्वारा भी बारिश की आशंका जताई गई थी। इसके बावजूद अनाज मंडी से खुले आसमान के नीचे पड़ी फसल को तिरपाल से नहीं ढका गया। खरीदी गई फसल का उठान भी नहीं हो पाया और न ही खुले में पड़े अनाज के ढकने के इंतजामात हो पाए।
इसके चलते काफी मात्रा में अनाज बारिश की भेंट चढ़ गया है। आढ़तियों का मानना है कि खरीदे गए अनाज का समय पर उठान हो जाता तो इतना नुकसान नहीं होता। सांपला अनाज मंडी में अब तक 4 लाख दस हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। वेयर हाउस एजेंसी ने ढाई लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की है। खरीदा हुआ गेहूं भी आधे से ज्यादा खुले आसमान के नीचे पड़ा है।
आढ़तियों को कर दिया था आगाह : सचिव
मार्केट कमेटी के सचिव दीपक कुमार ने माना कि उठान धीमी गति से हुआ है। इसके चलते बड़ी मात्रा में अनाज खुले में पड़ा है। खराब मौसम के चलते बारिश की आशंका को देखते हुए आढ़तियों को पहले ही आगाह कर दिया गया था कि वे अनाज को ढकने के लिए तिरपाल का प्रबंध कर लें। गेहूं नहीं ढकने से नुकसान हुआ है।