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Rewari News: ‘राव तुलाराम के जीवन से प्रेरणा ले युवा वर्ग’
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कार्यक्रम में आए सरपंचों और गण्मान्य व्यक्तियों को भागवतगीता की प्रति भेंट कर सम्मानित करते वीस
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। इंदिरागांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, में राव तुलाराम पीठ एवं छात्र कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी क्रांतिकारी अहीरवाल नरेश राज नायक राव तुलाराम की जयंती के उपलक्ष्य में उनके जीवन व दर्शन पर संगोष्ठीकार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलित कर व विश्वविद्यालय कुलगीत के द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी यादव द्वाराकी गई। इसमें आसपास के11 गांवों के सरपंच एवं अन्य ग्रामीण जन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्रो.जेपी यादव ने भारत के क्रांतिकारी राव तुलाराम को उनके जन्मदिवस पर नमन करते हुए उनके जीवन पर आधारित बातों व घटनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने बताया कि राव तुला राम जी ने किस प्रकार अंग्रेजों की सल्तनत को हिला कर रख दिया था और भारत की आजादी के लिए अंग्रेजो के खिलाफ भारतीय युवाओं में क्रांति उत्पन्न कर दी।
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अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग प्रो. विजय कुमार ने राव तुलाराम के बारे में विद्यार्थियोंको बताया कि हमें उनके जीवन से सीख लेनी चाहिए और अपने कार्यों को भली-भांति कड़ी मेहनत के साथ करते रहना चाहिए। राव तुलाराम के पास पूरी सत्ता थी फिर भी उन्होंने भारतीयआजादी के बारे में सोचा। उन्होंने बताया कि मनुष्य अपने जीवन में दो रास्ते चुनता है, एक जिसमें वह सुख को चुनता है वहीं दूसरी ओर अपने जोश व आंतरिक भावना को जनकल्याण के प्रति कर्मों को चुनता है।
विश्वविद्यालयके कुलसचिव प्रो. प्रमोद कुमार ने राव तुलाराम के जीवन से युवा पीढ़ी को निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि सभी को साथ मिलकर राष्ट्रहित के निर्माण मेंअपनी भागीदारी देनी चाहिए। अच्छी शिक्षा पाकर अपने माता-पिता व गुरुजनों का नाम रोशन करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य और कर्तव्य के बारे में समझना चाहिए और युवा पीढ़ी को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने समाज की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।
राव तुलाराम पीठ के अध्यक्ष डॉ. रविंदर ने संगोष्ठी कार्यक्रम में आसपास के गांवों से आए अतिथि गणों, विद्यार्थियों व स्वयंसेवकों को धन्यवाद दिया और कहा कि सभी के योगदानसे ही किसी भी कार्य को सफल बनाया जा सकता है सभी को एकजुट होकर जनहित के बारे में सोचना चाहिए। मंच संचालन डॉ. सुधीर द्वारा किया गया। कुलपति प्रो. जे.पी. यादव ने सभी सरपंचों और गणमान्य व्यक्तियों को भागवतगीता भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर डॉ. विपिन कुमार, डॉ. विकास बत्रा, डॉ. संजय हुड्डा, सुशांत यादव डॉ.समृद्धि, डॉ. भारती, डॉ. ममता अग्रवाल, डॉ. मीरा भांभा, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. देवेंद्र,डॉ. ईश्वर शर्मा, डॉ. रितु बजाज, डॉ. सोनू मदान, डॉ. जसविंदर, कैप्टन मुकेश, अन्य शिक्षक,शोधार्थी व गैर-शिक्षक कर्मचारियों सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलित कर व विश्वविद्यालय कुलगीत के द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी यादव द्वाराकी गई। इसमें आसपास के11 गांवों के सरपंच एवं अन्य ग्रामीण जन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
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प्रो.जेपी यादव ने भारत के क्रांतिकारी राव तुलाराम को उनके जन्मदिवस पर नमन करते हुए उनके जीवन पर आधारित बातों व घटनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने बताया कि राव तुला राम जी ने किस प्रकार अंग्रेजों की सल्तनत को हिला कर रख दिया था और भारत की आजादी के लिए अंग्रेजो के खिलाफ भारतीय युवाओं में क्रांति उत्पन्न कर दी।
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अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग प्रो. विजय कुमार ने राव तुलाराम के बारे में विद्यार्थियोंको बताया कि हमें उनके जीवन से सीख लेनी चाहिए और अपने कार्यों को भली-भांति कड़ी मेहनत के साथ करते रहना चाहिए। राव तुलाराम के पास पूरी सत्ता थी फिर भी उन्होंने भारतीयआजादी के बारे में सोचा। उन्होंने बताया कि मनुष्य अपने जीवन में दो रास्ते चुनता है, एक जिसमें वह सुख को चुनता है वहीं दूसरी ओर अपने जोश व आंतरिक भावना को जनकल्याण के प्रति कर्मों को चुनता है।
विश्वविद्यालयके कुलसचिव प्रो. प्रमोद कुमार ने राव तुलाराम के जीवन से युवा पीढ़ी को निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि सभी को साथ मिलकर राष्ट्रहित के निर्माण मेंअपनी भागीदारी देनी चाहिए। अच्छी शिक्षा पाकर अपने माता-पिता व गुरुजनों का नाम रोशन करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य और कर्तव्य के बारे में समझना चाहिए और युवा पीढ़ी को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने समाज की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।
राव तुलाराम पीठ के अध्यक्ष डॉ. रविंदर ने संगोष्ठी कार्यक्रम में आसपास के गांवों से आए अतिथि गणों, विद्यार्थियों व स्वयंसेवकों को धन्यवाद दिया और कहा कि सभी के योगदानसे ही किसी भी कार्य को सफल बनाया जा सकता है सभी को एकजुट होकर जनहित के बारे में सोचना चाहिए। मंच संचालन डॉ. सुधीर द्वारा किया गया। कुलपति प्रो. जे.पी. यादव ने सभी सरपंचों और गणमान्य व्यक्तियों को भागवतगीता भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर डॉ. विपिन कुमार, डॉ. विकास बत्रा, डॉ. संजय हुड्डा, सुशांत यादव डॉ.समृद्धि, डॉ. भारती, डॉ. ममता अग्रवाल, डॉ. मीरा भांभा, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. देवेंद्र,डॉ. ईश्वर शर्मा, डॉ. रितु बजाज, डॉ. सोनू मदान, डॉ. जसविंदर, कैप्टन मुकेश, अन्य शिक्षक,शोधार्थी व गैर-शिक्षक कर्मचारियों सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।