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विश्व सार्वजनिक परिवहन दिवस आज : जिले की जनसंख्या तो बढ़ी, पर घट गई बसों की संख्या

Sun, 10 Nov 2024 12:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sun, 10 Nov 2024 12:44 AM IST
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World Public Transport Day today: The population of the district increased, but the number of buses decreased
फोटो : 23रेवाड़ी। बस स्टैंड पर बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। जिले की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके हिसाब से सुविधाएं और संसाधन नहीं बढ़े जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज डिपो में 10 वर्ष पहले 180 बसें थीं जो घटकर अब 150 हो गई हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ी है लेकिन बसों की संख्या अपेक्षाकृत काफी कम है।
वर्तमान में रोडवेज डिपो के पास 150 बसें हैं, जिसमें 35 बसें किलोमीटर स्कीम की शामिल हैं। 10 साल पहले करीब 180 बसें थीं। 10 साल में 30 बसें कम हुई हैं जबकि प्रतिदिन 25 हजार यात्री बसों से सफर करते हैं। त्योहारों पर यात्रियों की संख्या बढ़कर 40 हजार के आसपास पहुंच जाती है। 10 साल पहले 15 हजार यात्री सफर करते थे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन बसों की संख्या कम हो रही है। यही कारण है कि जब एकदम से भीड़ बढ़ती है तो व्यवस्था बनाने में काफी मुश्किल हो जाती है। कई बार तो स्थिति इस प्रकार हो जाती है कि लोगों को लटक कर जाना पड़ता है।
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1 साल में 20 बसें हुईं कंडम

रोडवेज के पास बसों की संख्या कम होने का सबसे बड़ा कारण बसों का कंडम होना है। इस साल करीब 20 बसें कंडम घोषित की गई हैं, जिन्हें रूटों से हटाया जा चुका है। दूसरी तरफ नई बसें भी समय पर नहीं मिल पा रही हैं। नई बसों की मांग लगातार की जा रही है।
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नया बस स्टैंड बनने के बाद बढ़ेगा रोडवेज का बेड़ा

वर्तमान में स्थित बस स्टैंड कई दशक पुराना है। अब नया बस स्टैंड बनने के बाद ही रोडवेज का बेड़ा बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। रेवाड़ी डिपो के लिए 50 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं। चार्जिंग प्वाइंट के लिए बने रैक पर मशीनें लगेंगी। इन्हें ऑन करने के बाद बसों को बिल्डिंग के बाहर खड़ी करके उन्हें चार्ज किया जाएगा। यह बसें भी कुछ महीनो में मिल जाएंगी।
विश्व सार्वजनिक परिवहन दिवस का इतिहास
विश्व सार्वजनिक परिवहन दिवस का इतिहास बढ़ते शहरीकरण और पर्यावरण संबंधी चिंताओं के मद्देनजर टिकाऊ परिवहन समाधानों की बढ़ती जरूरत से जुड़ा है। जैसे-जैसे शहरों का विस्तार हुआ और कारों का उपयोग बढ़ा, यातायात की भीड़, वायु प्रदूषण और संसाधनों की कमी जैसे मुद्दे प्रमुख हो गए। यह स्पष्ट हो गया कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए एक कुशल और सुनियोजित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली आवश्यक थी। इन मुद्दों के जवाब में सार्वजनिक परिवहन एजेंसियां, पर्यावरण समूह और शहरी योजनाकार सहित विभिन्न संगठन सार्वजनिक परिवहन को समर्पित एक वार्षिक जागरूकता दिवस बनाने के लिए एक साथ आए। यह दिन सार्वजनिक परिवहन के लाभों को उजागर करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है, जैसे कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, वायु गुणवत्ता में सुधार, यातायात की भीड़ में कमी और शहरी क्षेत्रों तक बेहतर पहुच।

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वर्जन:

रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। बसों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। कई रूट पर बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी ना हो।-देवदत्त, जीएम, रोडवेज रेवाड़ी
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