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विश्व लिवर दिवस : जंक फूड की आदत से बढ़ रहा फैटी लिवर, युवा सबसे ज्यादा प्रभावित

Sat, 18 Apr 2026 11:59 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2026 11:59 PM IST
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World Liver Day: Junk Food Habits Fueling Rise in Fatty Liver; Youth Most Affected
रेवाड़ी। घर से दूर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, ट्यूशन और नौकरी के चलते युवाओं व कामकाजी महिलाओं में जंक फूड खाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और फैटी लिवर के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
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नागरिक अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी में आने वाले करीब 25 से 30 फीसदी मरीज फैटी लिवर से ग्रस्त पाए जा रहे हैं। इनमें अधिकतर की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच है। फैटी लिवर की शुरुआती अवस्था में कोई खास लक्षण नजर नहीं आते जिससे लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। समय रहते ध्यान न देने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
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बाद के चरणों में पेट में पानी भरना, खून की उल्टी, लिवर कैंसर जैसी जटिल समस्याएं सामने आ सकती हैं। कई मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट तक की नौबत आ जाती है। जब लिवर ठीक से काम नहीं करता तो शरीर में हानिकारक तत्व जमा होने लगते हैं।
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इससे मानसिक भ्रम, खुजली और दिमाग के काम करने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक लिवर की बीमारी रहने पर सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति का खतरा बढ़ जाता है जो लिवर को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है।
नियमित भोजन न करने वालों में ज्यादा समस्या
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव यादव ने बताया कि जंक फूड, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अधिक मांसाहार फैटी लिवर के प्रमुख कारण हैं। खासकर वे युवा जो अकेले रहते हैं और नियमित व संतुलित भोजन नहीं कर पाते, उनमें यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। फैटी लिवर इस बात का संकेत है कि शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा हो रही है जो आगे चलकर लिवर सिरोसिस में बदल सकती है। मधुमेह के बाद लिवर से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। फैटी लिवर के कारण भविष्य में डायबिटीज, हृदय रोग, कैंसर, स्ट्रोक और किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
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ये हैं प्रमुख लक्षण
पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द, थकान, भूख में कमी, कमजोरी, जी मिचलाना, लिवर का बढ़ना और गर्दन व बाजुओं के नीचे त्वचा का काला पड़ना इसके मुख्य लक्षण हैं। फैटी लिवर दो प्रकार का होता है इनमें एल्कोहोलिक और नॉन-एल्कोहोलिक शामिल है।

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बचाव के लिए संतुलित जीवनशैली जरूरी
डॉ. गौरव यादव के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों को नियमित रूप से लिवर की जांच करानी चाहिए। इस बीमारी से बचाव के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और योग बेहद जरूरी है। फास्ट फूड से दूरी बनाकर फाइबर, प्रोटीन और संतुलित वसा युक्त भोजन को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। साथ ही वजन नियंत्रित रखना भी आवश्यक है।
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