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अतिरिक्त दबाव नहीं सहेंगे, नियमों में संशोधन करे सरकार : जैन
Sun, 01 Jun 2025 12:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 01 Jun 2025 12:13 AM IST
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फोटो : 3पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जानकारी देते ठेकेदार यूनियन के पदाधिकारी। स्रोत : यूनियन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। गढ़ी बोलनी रोड स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में ठेकेदार यूनियन की बैठक शनिवार को हुई। इस दौरान एके जैन ने कहा कि ठेकेदार अतिरिक्त दबाव नहीं सहेंगे। सरकार नियमों में संशोधन करे।
उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों ने कुछ नीतियों और प्रक्रियाओं में बदलाव की मांग की है। ठेकेदारों के हितों की रक्षा के लिए अधिक मजबूत उपाय करने की आवश्यकता है। वर्तमान में जो प्रावधान है, वह ठेकेदारों के लिए नुकसानदायक है।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारों का आरोप है कि किए गए कार्यों का भुगतान नहीं मिल रहा है या भुगतान में देरी हो रही है। अनुबंधों में बदलाव अचानक किए जाते हैं, जिससे उन्हें वित्तीय नुकसान होता है।
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कुछ ठेकेदारों ने कहा कि उन्हें अतिरिक्त समय की आवश्यकता है, लेकिन उन्हें नहीं दिया जाता है, जिससे उन्हें नुकसान होता है। ठेकेदारों ने इन समस्याओं का समाधान करने की मांग सरकार से की है।
कहा कि अनुबंधों में बदलाव की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया जाना चाहिए। ठेकेदारों से की जाने वाली गुणवत्ता की अपेक्षा को अधिक व्यावहारिक बनाया जाना चाहिए। ठेकेदारों को अतिरिक्त समय की आवश्यकता होने पर इसे दिया जाना चाहिए।
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रेवाड़ी। गढ़ी बोलनी रोड स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में ठेकेदार यूनियन की बैठक शनिवार को हुई। इस दौरान एके जैन ने कहा कि ठेकेदार अतिरिक्त दबाव नहीं सहेंगे। सरकार नियमों में संशोधन करे।
उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों ने कुछ नीतियों और प्रक्रियाओं में बदलाव की मांग की है। ठेकेदारों के हितों की रक्षा के लिए अधिक मजबूत उपाय करने की आवश्यकता है। वर्तमान में जो प्रावधान है, वह ठेकेदारों के लिए नुकसानदायक है।
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उन्होंने कहा कि ठेकेदारों का आरोप है कि किए गए कार्यों का भुगतान नहीं मिल रहा है या भुगतान में देरी हो रही है। अनुबंधों में बदलाव अचानक किए जाते हैं, जिससे उन्हें वित्तीय नुकसान होता है।
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कुछ ठेकेदारों ने कहा कि उन्हें अतिरिक्त समय की आवश्यकता है, लेकिन उन्हें नहीं दिया जाता है, जिससे उन्हें नुकसान होता है। ठेकेदारों ने इन समस्याओं का समाधान करने की मांग सरकार से की है।
कहा कि अनुबंधों में बदलाव की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया जाना चाहिए। ठेकेदारों से की जाने वाली गुणवत्ता की अपेक्षा को अधिक व्यावहारिक बनाया जाना चाहिए। ठेकेदारों को अतिरिक्त समय की आवश्यकता होने पर इसे दिया जाना चाहिए।