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Rewari News: जलभराव परेशानी नहीं, बीमारियां भी फैलाता है
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फोटो: 11 रेवाड़ी। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर साबन पुल कट के पास से छोटे व मध्यम वाहनों को डायव
रेवाड़ी। लगातार हो रही बरसात से जिले में जलभराव की स्थिति न बने, इसके लिए बुधवार को उपायुक्त अभिषेक मीणा स्वयं फील्ड में निकले। उन्होंने गांव खेड़ा आलमपुर, पाल्हावास व पहराजवास सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर जल निकासी प्रबंधों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीसी ने सिंचाई विभाग, पंचायत विभाग, जन स्वास्थ्य एवं शहरी निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो, वहां तुरंत प्रभाव से जल निकासी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जलभराव केवल अस्थायी परेशानी नहीं है, बल्कि इससे डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए सभी पंप सेट चालू अवस्था में रहें और सीवरेज लाइनों में किसी प्रकार की रुकावट न हो।
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उन्होंने बरसात के दौरान ट्रैक्टर चालित पंप सेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नालों की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहते हुए समय पर प्रभावी कदम उठाने के आदेश दिए।
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन के लिए लघु सचिवालय में कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्यरत है। इसमें कर्मचारियों की चौबीसों घंटे ड्यूटी लगाई गई है। कोई भी कर्मचारी इस मामले में लापरवाही न बरतें।
उन्होंने कहा कि आम जनता को किसी भी प्रकार की समस्या या हानि न हो, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीसी ने स्पष्ट किया कि आमजन ही नहीं, बल्कि पशुधन की सुरक्षा के लिए भी व्यवस्थित कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि रेवाड़ी जिला प्रशासन बारिश और संभावित बाढ़ जैसी स्थितियों को गंभीरता से लेते हुए विशेष सतर्कता बरत रहा है और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
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डीसी ने सिंचाई विभाग, पंचायत विभाग, जन स्वास्थ्य एवं शहरी निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो, वहां तुरंत प्रभाव से जल निकासी सुनिश्चित की जाए।
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उन्होंने कहा कि जलभराव केवल अस्थायी परेशानी नहीं है, बल्कि इससे डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए सभी पंप सेट चालू अवस्था में रहें और सीवरेज लाइनों में किसी प्रकार की रुकावट न हो।
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उन्होंने बरसात के दौरान ट्रैक्टर चालित पंप सेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नालों की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहते हुए समय पर प्रभावी कदम उठाने के आदेश दिए।
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन के लिए लघु सचिवालय में कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्यरत है। इसमें कर्मचारियों की चौबीसों घंटे ड्यूटी लगाई गई है। कोई भी कर्मचारी इस मामले में लापरवाही न बरतें।
उन्होंने कहा कि आम जनता को किसी भी प्रकार की समस्या या हानि न हो, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीसी ने स्पष्ट किया कि आमजन ही नहीं, बल्कि पशुधन की सुरक्षा के लिए भी व्यवस्थित कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि रेवाड़ी जिला प्रशासन बारिश और संभावित बाढ़ जैसी स्थितियों को गंभीरता से लेते हुए विशेष सतर्कता बरत रहा है और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।