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Rewari News: मामडिया आसमपुर और प्राणपुरा में बनेंगे जलघर

Wed, 10 Jan 2024 04:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Wed, 10 Jan 2024 04:30 AM IST
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Water houses will be built in Mamdiya Assampur and Pranapura
गढ़ी बोलनी रोड ​स्थित जनस्वास्थ्य कार्यालय। संवाद
रेवाड़ी। गांव मामडिया आसमपुर और प्राणपुरा में लोगों को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। दोनों गांवों में जलघर बनाया जाएगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जलघर बनाने के लिए करीब 16 करोड़ 92 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन दोनों जलघरों में नहर से पानी की आपूर्ति की जाएगी।
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ग्रामीणों की ओर से लंबे समय से जलघर की मांग की जा रही थी। क्योंकि कई बार सप्लाई का पानी पीने लायक नहीं होता है। इससे उनको परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर जलघर बनता है तो ग्रामीणों की पानी संबंधी समस्या दूर हो जाएगी। जलघर बनाने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से टेंडर खोल दिया गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जलघर के निर्माण का कार्य शुरू होगा। वहीं, टेंडर लगने के बाद ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है।
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6 हजार लोगों को मिलेगा लाभ

गांव मामडिया आसमपुर और प्राणपुरा में एक-एक जलघर बनने से दोनों गांव के करीब छह हजार लोगों को जल सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही बवाना गुर्जर गांव को भी पानी का लाभ दिया जाएगा। हालांकि, बवाना गुर्जर गांव एडिशनल है। मुख्यतः दो ही गांव को पानी मिलेगा। मौजूदा समय में गांव में पानी की सप्लाई रालियावास भटेड़ा से होती है।
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जलघर बनाने के लिए किए तमाम प्रयास : सरपंच

गांव के सरपंच अशोक कुमार ने बताया कि जलघर के लिए लंबे समय से ग्रामीणों की तरफ से मांग की जा रही थी। उन्हें सरपंच बने हुए अभी 1 साल हुआ है। लोगों की जरूरत को देखते हुए सरपंच बनने के बाद उन्होंने जलघर बनाने के लिए तमाम प्रयास किए। यही नतीजा रहा कि अब जलघर बनाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया की विभाग ने शुरू की है।

कई दिन बाद आता है पानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि मौजूदा समय में जो पानी आता है, कई बार इतना गंदा होता है कि उसे इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता है। कई बार स्थिति इस प्रकार की होती है कि बहुत ही कम समय के लिए पानी मिलता है। ऐसे में काफी समस्या होती है। ऐसे में पानी की जरूरत पूरी नहीं हो पाती है। जलघर बनने के बाद लोगों को काफी हद तक राहत मिलेगी। साथ ही महिलाओं को भी तमाम समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा।

राशनिंग से शहरवासियों को भी छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी

दूसरी तरफ लंबे समय से चली आ रही पानी की राशनिंग से शहरवासियों को भी छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि शहर से सटे गांव भगवानपुर की पंचायत ने जनस्वास्थ्य विभाग को 10 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव पास कर दिया है। इससे पहले गांव चांदावास में वाटर टैंक बनाने के लिए लंबे समय तक बात चली, मगर प्रक्रिया सफल नहीं हो पाई। उसके बाद गांव भगवानपुर में वाटर टैंक के लिए जमीन की मांग पंचायत से की गई। मुख्यालय से मंजूरी मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


गांव मामडिया आसमपुर और प्राणपुरा में एक-एक वाटर टैंक बनेगा। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। -प्रवीण, जेई, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
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