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जल संरक्षण वर्तमान समय की बड़ी जरूरत : मुख्तयार लांबा
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हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के सदस्य मुख्तयार लांबा विभागों के अधिकारियों की बैठक लेते हुए।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण के सदस्य मुख्तयार लांबा ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की बड़ी जरूरत है। हमें विभिन्न माध्यमों के जरिये पानी की बचत करने के साथ-साथ जरूरत अनुसार पानी को प्रयोग में लाना है।
लांबा सोमवार को जिला सचिवालय सभागार में जल शक्ति अभियान व अटल भू-जल योजना से संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। जिला परिषद के सीईओ जयदीप कुमार ने जिलेभर में जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण को लेकर किए जा रहे उपायों से अवगत कराया। इस अवसर पर प्राधिकरण के सदस्य मुख्तयार लांबा ने कहा कि आज भू-जल स्तर नीचे जा रहा है, अगर हमें समय रहते जल संरक्षण की तरफ ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य सभी स्त्रोतों के माध्यम से पानी की बचत करना और जमीनी स्तर पर नियमित करना है। उन्होंने सिंचाई, वन, पंचायती राज, जनस्वास्थ्य, कृषि, बागवानी विभागों के अधिकारियों से जिला में भूमिगत जल स्तर को ऊपर उठाने के लिए सुझाव भी लिए। उन्होंने बागवानी व कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कम पानी में पैदा होने वाली फसलों की खेती करने के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कपास और अरंड की खेती में पानी की खपत कम होती है।
योजना में शामिल किया गया खोल खंड
लांबा ने बताया कि रेवाड़ी का खोल खंड इस योजना में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत स्थायी भू-जल प्रबंधन, लक्षित क्षेत्रों में सिंचाई एवं भू-जल संसाधनों के संवर्धन के लिए भूजल उपयोग को कम करना, भू-जल संसाधनों का स्वामित्व और भविष्य की कार्य योजना तय करना शामिल है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन को लेकर सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाएं जा रहे हैं। जल प्रबंधन की अहमियत को लेकर नई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। जिसे राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशंसा मिल रही है। इसी कड़ी में हरियाणा को ग्लोबल इनोवेशन इन वॉटर टेक्नोलॉजी अवॉर्ड भी मिला है। इस अवसर पर डीडीपीओ एचपी बंसल, अधीक्षक अभियंता रविन्द्र पाल, कार्यकारी अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग रविंद्र गोठवाल, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग सचिन भाटी, कार्यकारी अभियंता पंचायती राज नरेन्द्र गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार, जिला बागवानी विभाग सतबीर शर्मा, उपमंडल अधिकारी कृषि दीपक यादव, हरियाणा ऐग्रीकल्चर यूनिवसिर्टी बावल के डॉ जेएस यादव, नगर परिषद एमई अजय सिक्का, नेहरु युवा केन्द्र की जिला युवा समन्वयक मोनिका नांदल, एपीओ अर्जुन गुप्ता व प्रमोद कुशवाहा मौजूद रहे।
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लांबा सोमवार को जिला सचिवालय सभागार में जल शक्ति अभियान व अटल भू-जल योजना से संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। जिला परिषद के सीईओ जयदीप कुमार ने जिलेभर में जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण को लेकर किए जा रहे उपायों से अवगत कराया। इस अवसर पर प्राधिकरण के सदस्य मुख्तयार लांबा ने कहा कि आज भू-जल स्तर नीचे जा रहा है, अगर हमें समय रहते जल संरक्षण की तरफ ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य सभी स्त्रोतों के माध्यम से पानी की बचत करना और जमीनी स्तर पर नियमित करना है। उन्होंने सिंचाई, वन, पंचायती राज, जनस्वास्थ्य, कृषि, बागवानी विभागों के अधिकारियों से जिला में भूमिगत जल स्तर को ऊपर उठाने के लिए सुझाव भी लिए। उन्होंने बागवानी व कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कम पानी में पैदा होने वाली फसलों की खेती करने के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कपास और अरंड की खेती में पानी की खपत कम होती है।
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योजना में शामिल किया गया खोल खंड
लांबा ने बताया कि रेवाड़ी का खोल खंड इस योजना में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत स्थायी भू-जल प्रबंधन, लक्षित क्षेत्रों में सिंचाई एवं भू-जल संसाधनों के संवर्धन के लिए भूजल उपयोग को कम करना, भू-जल संसाधनों का स्वामित्व और भविष्य की कार्य योजना तय करना शामिल है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन को लेकर सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाएं जा रहे हैं। जल प्रबंधन की अहमियत को लेकर नई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। जिसे राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशंसा मिल रही है। इसी कड़ी में हरियाणा को ग्लोबल इनोवेशन इन वॉटर टेक्नोलॉजी अवॉर्ड भी मिला है। इस अवसर पर डीडीपीओ एचपी बंसल, अधीक्षक अभियंता रविन्द्र पाल, कार्यकारी अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग रविंद्र गोठवाल, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग सचिन भाटी, कार्यकारी अभियंता पंचायती राज नरेन्द्र गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार, जिला बागवानी विभाग सतबीर शर्मा, उपमंडल अधिकारी कृषि दीपक यादव, हरियाणा ऐग्रीकल्चर यूनिवसिर्टी बावल के डॉ जेएस यादव, नगर परिषद एमई अजय सिक्का, नेहरु युवा केन्द्र की जिला युवा समन्वयक मोनिका नांदल, एपीओ अर्जुन गुप्ता व प्रमोद कुशवाहा मौजूद रहे।
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