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Rewari News: नहर में आया पानी, आज से सुचारू होगी पेयजल आपूर्ति
Sun, 23 Apr 2023 02:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 23 Apr 2023 02:13 AM IST
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रेवाड़ी। शहर की ढाई लाख की आबादी को पेयजल किल्लत से राहत मिलेगी। जवाहर लाल नेहरू (जेएलएन) नहर में शुक्रवार रात को पानी आने से गांव कालाका व लिसान में बने वाटर टैंकों में भंडारण शुरू कर दिया गया है। शहर में रविवार से पेयजल आपूर्ति सुचारू हो जाएगी।
कुछ स्थानों पर तो शनिवार की शाम से पेयजल सप्लाई होने लगी है। अब आगामी 16 दिनों तक नियमित रूप से पानी की आपूर्ति होगी। अभी शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हो रही थी। इस बार नहर में शेड्यूल अनुसार पानी आ गया। शहर को कालाका और लिसाना में स्थित जलघर से पेयजल सप्लाई होती है।
दिनभर टैंकों में पानी भरने का हुआ काम:
शनिवार को दिनभर वाटर टैंकों में पानी भरने का काम हुआ। शाम तक फिल्टर के बाद संबंधित क्षेत्रों में सप्लाई पहुंचाने की प्रक्रिया आरंभ हुई। अप्रैल में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराने से लोग परेशान हैं। अधिकतम तापमान 40 से ऊपर चल रहा है। अभी मई-जून की गर्मी बाकी है। इस दौरान निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पानी की आपर्ति नहीं होती है तो दिक्कतें बढ़ जाएंगी। नहरों के माध्यम से कालाका और लिसाना जलघरों (वाटर टैंकों) तक पहुंचेगा। इसके बाद इसे शहर के विभिन्न हिस्सों में पेयजल के रूप में आपूर्ति किया जाएगा। गर्मी के मौसम में शहर के ऊंचाई वाले रिहायशी इलाकों में पानी पहुंचाना काफी मुश्किल होता है। शहर की रोजाना की जल खपत करीब दो लाख करोड़ लीटर है।
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बड़ी मोटरों से टैंक भरने में लगेगा एक सप्ताह
जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार नहरी पानी सुबह वाटर टैंकों में पहुंचता है तो जल्दी लिफ्टिंग के लिए बड़ी मोटरें लगाकर जलघरों को भरा जाएगा। बड़ी मोटरों के बाद भी वाटर टैंकों को पूरी तरह भरने में एक सप्ताह लग जाएंगे। इसलिए मोटर भी लगातार चलाई जाएंगी।
जनसंख्या के हिसाब से नहीं स्टोरेज क्षमता
शहर की जनसंख्या के हिसाब से पानी को स्टोर करने की क्षमता नहीं बढ़ पाई है। गांव कालका में पांच वाटर टैंक है तथा लिसाना में दो वाटर टैंक हैं, जिनमें पानी स्टोर करके रखा जाता है। शहर में सप्लाई किया जाता है। इसके अलावा कालका वाटर टैंक 10 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) व लिसाना में 18 एमएलडी पानी की स्टोरेज क्षमता है। विभाग के अनुुसार कालका व लिसाना वाटर टैंक में फिल्टर यूनिटों की मेनटेनेंस का कार्य जारी है। इसके अलावा शहर को ओर वाटर टैंक की आवश्यकता है। राशनिंग के दौरान बारिश ने शहर को पेयजल समस्या से निजात दिलाई थी। नहरी पानी का शेड्यूल कुछ ऐसा है कि शहर के लोगों को हर माह पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है।
नहर में पानी आते ही टैंक में भंडारण शुरू कर दिया है। शनिवार को भी कुछ क्षेत्रों में पानी दिया गया है। अब रविवार से पूर्ण रूप से निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पेयजल आपूर्ति होगी। लोग आवश्यकता के अनुसार ही पानी का उपयोग करें।
- विनय चौहान, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग, रेवाड़ी
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कुछ स्थानों पर तो शनिवार की शाम से पेयजल सप्लाई होने लगी है। अब आगामी 16 दिनों तक नियमित रूप से पानी की आपूर्ति होगी। अभी शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हो रही थी। इस बार नहर में शेड्यूल अनुसार पानी आ गया। शहर को कालाका और लिसाना में स्थित जलघर से पेयजल सप्लाई होती है।
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दिनभर टैंकों में पानी भरने का हुआ काम:
शनिवार को दिनभर वाटर टैंकों में पानी भरने का काम हुआ। शाम तक फिल्टर के बाद संबंधित क्षेत्रों में सप्लाई पहुंचाने की प्रक्रिया आरंभ हुई। अप्रैल में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराने से लोग परेशान हैं। अधिकतम तापमान 40 से ऊपर चल रहा है। अभी मई-जून की गर्मी बाकी है। इस दौरान निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पानी की आपर्ति नहीं होती है तो दिक्कतें बढ़ जाएंगी। नहरों के माध्यम से कालाका और लिसाना जलघरों (वाटर टैंकों) तक पहुंचेगा। इसके बाद इसे शहर के विभिन्न हिस्सों में पेयजल के रूप में आपूर्ति किया जाएगा। गर्मी के मौसम में शहर के ऊंचाई वाले रिहायशी इलाकों में पानी पहुंचाना काफी मुश्किल होता है। शहर की रोजाना की जल खपत करीब दो लाख करोड़ लीटर है।
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बड़ी मोटरों से टैंक भरने में लगेगा एक सप्ताह
जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार नहरी पानी सुबह वाटर टैंकों में पहुंचता है तो जल्दी लिफ्टिंग के लिए बड़ी मोटरें लगाकर जलघरों को भरा जाएगा। बड़ी मोटरों के बाद भी वाटर टैंकों को पूरी तरह भरने में एक सप्ताह लग जाएंगे। इसलिए मोटर भी लगातार चलाई जाएंगी।
जनसंख्या के हिसाब से नहीं स्टोरेज क्षमता
शहर की जनसंख्या के हिसाब से पानी को स्टोर करने की क्षमता नहीं बढ़ पाई है। गांव कालका में पांच वाटर टैंक है तथा लिसाना में दो वाटर टैंक हैं, जिनमें पानी स्टोर करके रखा जाता है। शहर में सप्लाई किया जाता है। इसके अलावा कालका वाटर टैंक 10 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) व लिसाना में 18 एमएलडी पानी की स्टोरेज क्षमता है। विभाग के अनुुसार कालका व लिसाना वाटर टैंक में फिल्टर यूनिटों की मेनटेनेंस का कार्य जारी है। इसके अलावा शहर को ओर वाटर टैंक की आवश्यकता है। राशनिंग के दौरान बारिश ने शहर को पेयजल समस्या से निजात दिलाई थी। नहरी पानी का शेड्यूल कुछ ऐसा है कि शहर के लोगों को हर माह पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है।
नहर में पानी आते ही टैंक में भंडारण शुरू कर दिया है। शनिवार को भी कुछ क्षेत्रों में पानी दिया गया है। अब रविवार से पूर्ण रूप से निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पेयजल आपूर्ति होगी। लोग आवश्यकता के अनुसार ही पानी का उपयोग करें।
- विनय चौहान, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग, रेवाड़ी