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Rewari News: कर्मचारियों के शोषण और ठेकेदारी व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी

Tue, 28 Oct 2025 12:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 28 Oct 2025 12:16 AM IST
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Warning of agitation against exploitation of workers and contract system
फोटो : 24डिपो परिसर में बैठक करते कर्मचारी। स्रोत : संगठन
रेवाड़ी। हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी रेवाड़ी डिपो की बैठक डिपो परिसर में आयोजित की गई। बैठक में राज्य प्रधान संजीव सिंह ने कर्मचारियों के शोषण और ठेकेदारी व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रोडवेज चालकों और परिचालकों से 18-18 घंटे की कठिन ड्यूटी लेकर उन्हें बहुत कम वेतनमान दे रही है।
कर्मचारियों के अर्जित अवकाशों में नियमों के विपरीत कटौती की जा रही है और पिछले 8-9 वर्षों से बोनस तक नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग में चालक, परिचालक, मैकेनिक, हेल्पर और चोकीदार के हजारों पद खाली पड़े हैं लेकिन सरकार भर्ती नहीं कर रही जिससे कर्मचारियों पर कार्य का भारी बोझ है।
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संजीव सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को वार्ताओं में तो मान लेती है लेकिन उन्हें लागू नहीं करती। सरकार के पास कर्मचारियों को लाभ देने के लिए हमेशा बजट की कमी बताई जाती है। वहीं दूसरी ओर ठेके की किलोमीटर स्कीम बसों को करोड़ों रुपये का भुगतान करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग के महानिदेशक और अतिरिक्त परिवहन सचिव द्वारा 27 अक्तूबर तक भुगतान करने के आदेश जारी किए गए हैं जबकि कोरोना काल की बंद पड़ी बसों के लिए 40 से 50 करोड़ रुपये तक का भुगतान करने का निर्णय लिया गया है।
इस पर यूनियनों ने कड़ा एतराज जताया है और परिवहन मंत्री व महानिदेशक को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अध्यक्षता राज्य प्रधान संजीव सिंह ने की। बैठक में उपप्रधान ओमप्रकाश, डिपो प्रधान संजय यादव, राजपाल यादव, प्रवीण यादव, शवि यादव और सुरेश यादव आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।

रोडवेज यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की जायज मांगों को नहीं माना और ठेकेदारी बसों के भुगतान की जांच नहीं करवाई, तो यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
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