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Rewari News: स्लोगन लेखन में स्वयंसेविकाओं ने लिया हिस्सा
Sat, 07 Feb 2026 11:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 07 Feb 2026 11:55 PM IST
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एनएसएस शिविर में बेटियों के अधिकारों पर जागरूक करतीं छात्राएं। स्रोत : कॉलेज
- फोटो : घी की दुकान पर जांच करने के बाद एकत्रित खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम। स्रोत: डीआईओ।
कोसली। राजकीय महाविद्यालय नाहड़ की एनएसएस यूनिट-2 का शिविर राजपूत धर्मशाला में लगाया गया है। इस दौरान आयोजित स्लोगन लेखन स्पर्धा में अंजलि, महक और रितु ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
स्वयंसेविकाओं ने बेटी है अनमोल उपहार, शिक्षा का है उसको अधिकार और बेटियों को तुम मत रखो निरक्षर, तभी बनेगी बड़ी अफसर जैसे नारों के माध्यम से ग्रामीणों को बेटियों के महत्व और शिक्षा की आवश्यकता के प्रति जागरूक किया।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विषय पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से संदेश दिया गया कि बेटा और बेटी को समान समझे बिना देश का समुचित विकास संभव नहीं है।
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कैंप के अगले सत्र में डॉ. अशोक, नरेंद्र सिंह एवं जितेंद्र आर्य ने स्वयंसेविकाओं को जीवन का मूल मंत्र बताते हुए चरित्र निर्माण, आत्ममूल्यांकन और व्यवहारिक ज्ञान पर जोर दिया। अंतिम सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
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स्वयंसेविकाओं ने बेटी है अनमोल उपहार, शिक्षा का है उसको अधिकार और बेटियों को तुम मत रखो निरक्षर, तभी बनेगी बड़ी अफसर जैसे नारों के माध्यम से ग्रामीणों को बेटियों के महत्व और शिक्षा की आवश्यकता के प्रति जागरूक किया।
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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विषय पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से संदेश दिया गया कि बेटा और बेटी को समान समझे बिना देश का समुचित विकास संभव नहीं है।
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कैंप के अगले सत्र में डॉ. अशोक, नरेंद्र सिंह एवं जितेंद्र आर्य ने स्वयंसेविकाओं को जीवन का मूल मंत्र बताते हुए चरित्र निर्माण, आत्ममूल्यांकन और व्यवहारिक ज्ञान पर जोर दिया। अंतिम सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।