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Rewari News: वायरल के मरीज बढ़े, आंखों में जलन व सांस के रोगी घटे
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सिविल अस्पताल की ओपीडी में ईलाज के लिए पहुंचे मरीज। संवाद
रेवाड़ी। तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव आने की वजह से वायरल के मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। मंगलवार को वायरल के करीब 400 के आसपास मरीज दर्ज किए गए हैं। लोगों को खांसी, जुकाम व सिरदर्द की अधिक शिकायतें हैं।
वहीं, लगातार घटते प्रदूषण की वजह से अब आंखों में जलन, त्वचा पर एलर्जी, सांस रोगियों की संख्या में कमी आई है। रोजाना ऐसे मरीजों की संख्या 250- 300 के आसपास दर्ज की जा रही थी। अब 100 के आसपास मरीज पहुंच रहे हैं। कुल ओपीडी 1400 के आसपास दर्ज की जा रही है।
चिकित्सकों का कहना है कि इस समय दिन-रात के मौसम में बदलाव के चलते अधिकांश लोग बीमार पड़ रहे हैं। लोगों को सर्दी, खांसी, त्वचा रोग, फीवर के प्रकोप से बचाव के लिए अपनी सेहत का अधिक ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर नवजात शिशुओं की अधिक देखभाल करना जरूरी है, क्योंकि सर्द मौसम से शिशुओं को बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं।
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वर्जन:
फिजिशियन डॉक्टर मनीष ने बताया कि लोगों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, मौसम बदल रहा है। कभी गर्मी तो कभी ठंड लग रही है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। जितना हो सके ठंडे पानी का सेवन कम करें।
-डॉक्टर मनीष, फिजिशियन
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वहीं, लगातार घटते प्रदूषण की वजह से अब आंखों में जलन, त्वचा पर एलर्जी, सांस रोगियों की संख्या में कमी आई है। रोजाना ऐसे मरीजों की संख्या 250- 300 के आसपास दर्ज की जा रही थी। अब 100 के आसपास मरीज पहुंच रहे हैं। कुल ओपीडी 1400 के आसपास दर्ज की जा रही है।
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चिकित्सकों का कहना है कि इस समय दिन-रात के मौसम में बदलाव के चलते अधिकांश लोग बीमार पड़ रहे हैं। लोगों को सर्दी, खांसी, त्वचा रोग, फीवर के प्रकोप से बचाव के लिए अपनी सेहत का अधिक ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर नवजात शिशुओं की अधिक देखभाल करना जरूरी है, क्योंकि सर्द मौसम से शिशुओं को बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं।
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वर्जन:
फिजिशियन डॉक्टर मनीष ने बताया कि लोगों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, मौसम बदल रहा है। कभी गर्मी तो कभी ठंड लग रही है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। जितना हो सके ठंडे पानी का सेवन कम करें।
-डॉक्टर मनीष, फिजिशियन