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Rewari News: बाघ को लेकर फिर दहशत में ग्रामीण, सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहें
Mon, 29 Jan 2024 01:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 29 Jan 2024 01:49 AM IST
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धारूहेड़ा। राजस्थान सीमा के साथ सटे धारूहेड़ा क्षेत्र में फिर से बाघ को लेकर दहशत का माहौल पैदा हो रहा है। दरअसल, बाघ को लेकर सोशल मीडिया पर भी अफवाहें तेज हो गई हैं। अफवाहों की वजह से लोग भी काफी डरे सहमे हुए हैं।
गांव नांगल जमालपुर और निमोठ में बाघ को लेकर जानकारी दी गई। मौके पर जब पंजों के निशान चेक किए तो मालूम चला कि यह निशान बाघ के नहीं किसी अन्य जानवर के हो सकते हैं। साथ ही वन विभाग ने कहा है कि इस तरह अफवाह फैलाने से माहौल खराब होता है। बाघ की अब सही लोकेशन क्या है इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। कोई बाघ की लोकेशन राजस्थान के बुढ़ी बावल गांव में बता रहा है तो कोई नारनौल। कुल मिलाकर, बाघ को लेकर डर का माहौल बना हुआ है। किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। धीरे धीरे जनजीवन समान्य हो रहा था। अब फिर से तनावपूर्ण माहौल पैदा हो रहा है।
कटड़ी और बकरी पर कोई निशान आ रहे तो बाघ पर जताया जा रहा शक
कटड़ी और बकरी को अगर कोई निशान भी आ रहे हैं तो इसका शक बाघ पर जताया जा रहा है। कुछ दिनों पहले बावल में कटड़ी को चोट के निशान आए थे। तब अंदाजा लगाया गया था कि बाघ ने ही पंजा मारा है। हालांकि ऐसा कुछ भी नहीं था। एक और स्थान पर बकरी पर खून के निशान थे। शक बाघ पर जताया गया था।
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हीरालाल के भर रहे हैं जख्म
बाघ के हमले में घायल हुआ अलवर वन विभाग का होमगार्ड हीरालाल के जख्म भी धीरे-धीरे भर रहे हैं। हीरालाल करीब 70 प्रतिशत तक ठीक हो चुका है। हीरालाल ने बताया कि वह अब ठीक हो चुका है। जख्म भी उसके धीरे-धीरे भर रहे हैं। साथ ही हीरालाल उन दिनों को याद कर रहा है जब बाघ उसके सामने आया था और हमला किया था। हीरालाल ने बताया कि उसको एक बार लगा कि वह बाघ से नहीं बच पाएगा क्योंकि इतनी करीब से बाघ उसने पहले कभी नहीं देखा था। उसने भगवान का शुक्रिया किया है कि वह बाघ के हमले के बाद भी बच गया।
बाघ ने अभी तक किसी की नहीं ली जान
बाघ ने अभी तक किसी की जान नहीं ली है। हालांकि, 4 दिनों में दो लोगों पर हमला किया जिसमें एक बेहोश हुआ था। सबसे पहले उसने राजस्थान के खुशखेड़ा गांव में खेत में काम कर रहे बुजुर्ग किसान रघुवीर पर हमला किया। उसके बाद उसने रविवार को भटसाना गांव पहुंची सरिस्का टाइगर रिजर्व की टीम के सदस्य हीरालाल पर हमाल किया, धर्म सिंह बेहोश हुआ था। बाघ ने अभी तक किसी की जान नहीं ली। बाघ ने एक नीलगाय को खाया था। करीब 3 महीने से अलवर में वन विभाग बाघ टीम की ट्रैकिंग कर रही थी।
19 दिसंबर को भटसाना में पहुंचा था बाघ
राजस्थान की तरफ से जिस रास्ते 19 दिसंबर को बाघ भटसाना पहुंचा था। अगले दिन बाघ सुबह उसी रास्ते से पहले गांव खरखड़ा के खेतों की तरफ वापस आया और फिर रविवार को भी उसी रास्ते में पड़ने वाले गांव भटसाना तक पहुंच गया। हालांकि, पिछले सोमवार को सुबह भटसाना में ही बाघ के होने की जानकारी मिली थी, लेकिन दोपहर बाद उसकी लोकेशन ट्रैक नहीं हो पाई। देर शाम वन विभाग की टीमों के पास सूचना पहुंची कि बाघ राजस्थान और रेवाड़ी सीमा पर पड़ने वाले गांव बूढ़ी बावल में देखा गया। धारूहेड़ा में घुसने के बाद ये बाघ 4 दिनों के अंदर 4 गांवों में लोकेशन बदल चुका था। इनमें ततारपुर खालसा, भटसाना, खरखड़ा और जड़थल गांव शामिल था।
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गांव नांगल जमालपुर और निमोठ में बाघ को लेकर जानकारी दी गई। मौके पर जब पंजों के निशान चेक किए तो मालूम चला कि यह निशान बाघ के नहीं किसी अन्य जानवर के हो सकते हैं। साथ ही वन विभाग ने कहा है कि इस तरह अफवाह फैलाने से माहौल खराब होता है। बाघ की अब सही लोकेशन क्या है इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। कोई बाघ की लोकेशन राजस्थान के बुढ़ी बावल गांव में बता रहा है तो कोई नारनौल। कुल मिलाकर, बाघ को लेकर डर का माहौल बना हुआ है। किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। धीरे धीरे जनजीवन समान्य हो रहा था। अब फिर से तनावपूर्ण माहौल पैदा हो रहा है।
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कटड़ी और बकरी पर कोई निशान आ रहे तो बाघ पर जताया जा रहा शक
कटड़ी और बकरी को अगर कोई निशान भी आ रहे हैं तो इसका शक बाघ पर जताया जा रहा है। कुछ दिनों पहले बावल में कटड़ी को चोट के निशान आए थे। तब अंदाजा लगाया गया था कि बाघ ने ही पंजा मारा है। हालांकि ऐसा कुछ भी नहीं था। एक और स्थान पर बकरी पर खून के निशान थे। शक बाघ पर जताया गया था।
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हीरालाल के भर रहे हैं जख्म
बाघ के हमले में घायल हुआ अलवर वन विभाग का होमगार्ड हीरालाल के जख्म भी धीरे-धीरे भर रहे हैं। हीरालाल करीब 70 प्रतिशत तक ठीक हो चुका है। हीरालाल ने बताया कि वह अब ठीक हो चुका है। जख्म भी उसके धीरे-धीरे भर रहे हैं। साथ ही हीरालाल उन दिनों को याद कर रहा है जब बाघ उसके सामने आया था और हमला किया था। हीरालाल ने बताया कि उसको एक बार लगा कि वह बाघ से नहीं बच पाएगा क्योंकि इतनी करीब से बाघ उसने पहले कभी नहीं देखा था। उसने भगवान का शुक्रिया किया है कि वह बाघ के हमले के बाद भी बच गया।
बाघ ने अभी तक किसी की नहीं ली जान
बाघ ने अभी तक किसी की जान नहीं ली है। हालांकि, 4 दिनों में दो लोगों पर हमला किया जिसमें एक बेहोश हुआ था। सबसे पहले उसने राजस्थान के खुशखेड़ा गांव में खेत में काम कर रहे बुजुर्ग किसान रघुवीर पर हमला किया। उसके बाद उसने रविवार को भटसाना गांव पहुंची सरिस्का टाइगर रिजर्व की टीम के सदस्य हीरालाल पर हमाल किया, धर्म सिंह बेहोश हुआ था। बाघ ने अभी तक किसी की जान नहीं ली। बाघ ने एक नीलगाय को खाया था। करीब 3 महीने से अलवर में वन विभाग बाघ टीम की ट्रैकिंग कर रही थी।
19 दिसंबर को भटसाना में पहुंचा था बाघ
राजस्थान की तरफ से जिस रास्ते 19 दिसंबर को बाघ भटसाना पहुंचा था। अगले दिन बाघ सुबह उसी रास्ते से पहले गांव खरखड़ा के खेतों की तरफ वापस आया और फिर रविवार को भी उसी रास्ते में पड़ने वाले गांव भटसाना तक पहुंच गया। हालांकि, पिछले सोमवार को सुबह भटसाना में ही बाघ के होने की जानकारी मिली थी, लेकिन दोपहर बाद उसकी लोकेशन ट्रैक नहीं हो पाई। देर शाम वन विभाग की टीमों के पास सूचना पहुंची कि बाघ राजस्थान और रेवाड़ी सीमा पर पड़ने वाले गांव बूढ़ी बावल में देखा गया। धारूहेड़ा में घुसने के बाद ये बाघ 4 दिनों के अंदर 4 गांवों में लोकेशन बदल चुका था। इनमें ततारपुर खालसा, भटसाना, खरखड़ा और जड़थल गांव शामिल था।