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Rewari News: राष्ट्रध्वज तिरंगे के बीच में धर्म चक्र लगाने का सुझाव वीर सावरकर ने दिया
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रेवाड़ी। पीपीपी के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला, दलीप शास्त्री, डॉ. आरके जांगड़ा के नेतृत्व में सैंकड़ों लोगों ने शहर के सेक्टर एक स्थित कार्यालय पर राष्ट्रध्वज के बीच में धर्म चक्र लगाने का सुझाव देने वाले महान क्रांतिकारी वीर सावरकर की 58 वीं पुण्यतिथि पर चित्र पर पुष्पार्पित करके नमन किया, तथा उनके जीवन के बारे में विस्तृत रूप भी से बताया।
इस मौके पर डॉ. सतीश खोला ने कहा कि वीर सावरकर ने राष्ट्रध्वज तिरंगे के बीच में धर्म चक्र लगाने का सुझाव सर्वप्रथम दिया था। जिसे राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने माना। उन्होंने ही सबसे पहले पूर्ण स्वतंत्रता को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का लक्ष्य घोषित किया। वे ऐसे प्रथम राजनीतिक बंदी थे जिन्हें विदेशी (फ्रांस) भूमि पर बंदी बनाने के कारण हेग के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मामला पहुंचा। वे पहले क्रांतिकारी थे जिन्होंने राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का चिंतन किया तथा बंदी जीवन समाप्त होते ही जिन्होंने अस्पृश्यता आदि कुरीतियों के विरुद्ध आंदोलन शुरू किया।
इस कार्यक्रम में संजय, दिलबाग सिंह, गंगा सिंह, जसवंत सिंह, राहुल शर्मा, सजना, मुकेश सिंह, होशियार सिंह, राजेंद्र सिंह, उमा देवी, सविता, दिनेश कुमार, गिरीश चंद्र, सोनू सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
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इस मौके पर डॉ. सतीश खोला ने कहा कि वीर सावरकर ने राष्ट्रध्वज तिरंगे के बीच में धर्म चक्र लगाने का सुझाव सर्वप्रथम दिया था। जिसे राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने माना। उन्होंने ही सबसे पहले पूर्ण स्वतंत्रता को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का लक्ष्य घोषित किया। वे ऐसे प्रथम राजनीतिक बंदी थे जिन्हें विदेशी (फ्रांस) भूमि पर बंदी बनाने के कारण हेग के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मामला पहुंचा। वे पहले क्रांतिकारी थे जिन्होंने राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का चिंतन किया तथा बंदी जीवन समाप्त होते ही जिन्होंने अस्पृश्यता आदि कुरीतियों के विरुद्ध आंदोलन शुरू किया।
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इस कार्यक्रम में संजय, दिलबाग सिंह, गंगा सिंह, जसवंत सिंह, राहुल शर्मा, सजना, मुकेश सिंह, होशियार सिंह, राजेंद्र सिंह, उमा देवी, सविता, दिनेश कुमार, गिरीश चंद्र, सोनू सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
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