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Rewari News: प्रदेश में बारिश का असमान वितरण, जिले में 7% अधिक बारिश
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पकाई की ओर अग्रसर बाजरे की फसल। संवाद
मनोज राजपूत
रेवाड़ी। इस बार प्रदेश में मानसूनी बारिश का वितरण बेहद असमान रहा। एक जून से 18 अगस्त तक प्रदेश के 22 जिलों में औसतन 269.03 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं इस अवधि में सामान्य बारिश का औसत 305.97 एमएम है। रेवाड़ी में सात प्रतिशत अधिक तो पंचकूला में 60 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं प्रदेश में इस अवधि के दौरान औसतन करीब 12 फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है और कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।
बारिश की कमी वाले जिलों में बाजरा व कपास की फसलों की औसत बढ़वार भी सामान्य से कम है। इस समय बाजरा, कपास व मूंग सहित अन्य फसलें पकाई की ओर है। पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने से खेतों की नमी सूख चुकी है। ऐसे में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
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दक्षिणी हरियाणा में बेहतर रही स्थिति
दक्षिणी हरियाणा के जिलों में मानसून की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। महेंद्रगढ़ में 284 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से एक प्रतिशत अधिक है। पलवल में सामान्य से 23 और फरीदाबाद में 19 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के असमान वितरण का असर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। कम बारिश वाले क्षेत्रों में फसलों को आगामी दिनों में अच्छी बारिश की जरूरत रहेगी।
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20 से 24 अगस्त तक मानसून सक्रिय होने की उम्मीद
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि एक जून से 25 जुलाई तक प्रदेश में 132.7 एमएम बारिश हुई, जबकि सामान्य 175.4 एमएम है। इस अवधि में बारिश 24 प्रतिशत कम रही। पिछले सप्ताह मानसून ट्रफ राजस्थान के ऊपर सक्रिय रहने से बारिश कमजोर रही। अब राजस्थान और बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्रों के प्रभाव से 20 से 24 अगस्त तक मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना है। उत्तरी जिलों में भारी, जबकि रेवाड़ी समेत दक्षिणी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
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बारिश के आंकड़े
जिला मिमी बारिश
यमुनानगर: 560 एमएम, सामान्य से 10% कम
फरीदाबाद: 430.2 एमएम, सामान्य से 19% अधिक
पलवल: 330.8 एमएम
गुरुग्राम: 338.4 एमएम
नूंह: 328.3 एमएम
चरखी दादरी: 325.3 एमएम
सिरसा: 83.9 एमएम, सामान्य से 46% कम
जींद: 133.9 एमएम, सामान्य से 49% कम
कैथल: 131.6 एमएम, सामान्य से 48% कम
पंचकूला: 238.6 एमएम, सामान्य से 60% कम
करनाल: सामान्य से 31% कम
सोनीपत: सामान्य से 27% कम
रोहतक: सामान्य से 36% कम
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रेवाड़ी। इस बार प्रदेश में मानसूनी बारिश का वितरण बेहद असमान रहा। एक जून से 18 अगस्त तक प्रदेश के 22 जिलों में औसतन 269.03 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं इस अवधि में सामान्य बारिश का औसत 305.97 एमएम है। रेवाड़ी में सात प्रतिशत अधिक तो पंचकूला में 60 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं प्रदेश में इस अवधि के दौरान औसतन करीब 12 फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है और कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।
बारिश की कमी वाले जिलों में बाजरा व कपास की फसलों की औसत बढ़वार भी सामान्य से कम है। इस समय बाजरा, कपास व मूंग सहित अन्य फसलें पकाई की ओर है। पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने से खेतों की नमी सूख चुकी है। ऐसे में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
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दक्षिणी हरियाणा में बेहतर रही स्थिति
दक्षिणी हरियाणा के जिलों में मानसून की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। महेंद्रगढ़ में 284 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से एक प्रतिशत अधिक है। पलवल में सामान्य से 23 और फरीदाबाद में 19 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के असमान वितरण का असर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। कम बारिश वाले क्षेत्रों में फसलों को आगामी दिनों में अच्छी बारिश की जरूरत रहेगी।
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20 से 24 अगस्त तक मानसून सक्रिय होने की उम्मीद
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि एक जून से 25 जुलाई तक प्रदेश में 132.7 एमएम बारिश हुई, जबकि सामान्य 175.4 एमएम है। इस अवधि में बारिश 24 प्रतिशत कम रही। पिछले सप्ताह मानसून ट्रफ राजस्थान के ऊपर सक्रिय रहने से बारिश कमजोर रही। अब राजस्थान और बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्रों के प्रभाव से 20 से 24 अगस्त तक मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना है। उत्तरी जिलों में भारी, जबकि रेवाड़ी समेत दक्षिणी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
बारिश के आंकड़े
जिला मिमी बारिश
यमुनानगर: 560 एमएम, सामान्य से 10% कम
फरीदाबाद: 430.2 एमएम, सामान्य से 19% अधिक
पलवल: 330.8 एमएम
गुरुग्राम: 338.4 एमएम
नूंह: 328.3 एमएम
चरखी दादरी: 325.3 एमएम
सिरसा: 83.9 एमएम, सामान्य से 46% कम
जींद: 133.9 एमएम, सामान्य से 49% कम
कैथल: 131.6 एमएम, सामान्य से 48% कम
पंचकूला: 238.6 एमएम, सामान्य से 60% कम
करनाल: सामान्य से 31% कम
सोनीपत: सामान्य से 27% कम
रोहतक: सामान्य से 36% कम