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Rewari News: बिना अनुमति के रास्ते का निर्माण और विस्तार करने के आरोप में सरपंच निलंबित
Mon, 12 Oct 2026 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:25 AM IST
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डहीना (रेवाड़ी)। राजस्व रिकॉर्ड के विपरीत बिना अनुमति के रास्ते का निर्माण और विस्तार कराने के आरोप में मसीत गांव के सरपंच अशोक कुमार को डीसी अभिषेक मीणा ने निलंबित कर दिया।
ग्रामीण की शिकायत की जांच एसडीएम कोसली ने की थी। एसडीएम की रिपोर्ट और सरपंच के जवाब का अवलोकन करने के बाद डीसी ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 51(1)(बी) के तहत सरपंच के निलंबन की कार्रवाई की। अब सरपंच ग्राम पंचायत की किसी भी बैठक में भाग नहीं ले सकेंगे।
गांव मसीत निवासी हजारी लाल ने सरपंच के खिलाफ शिकायत देकर पंचायत की बचत भूमि के प्लॉट नंबर 277 और 364 पर रास्ता नंबर आर-20 का निर्माण और विस्तार कराने का आरोप लगाया था। शिकायत पर 25 फरवरी को एसडीएम कोसली को जांच के लिए कहा गया। इसके बाद 20 मई की जांच रिपोर्ट के आधार पर सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
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इसके बाद एसडीएम कोसली से दोबारा टिप्पणी मांगी गई। 6 अक्तूबर की रिपोर्ट में बताया गया कि रास्ता को रास्ता नंबर 144 से जोड़ने के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना विस्तार किया गया। राजस्व रिकॉर्ड में रास्ता नंबर 144 की चौड़ाई 11 फीट निर्धारित है। डीसी ने सरपंच के जवाब को संतोषजनक नहीं मानते हुए 8 अक्तूबर को निलंबन के आदेश जारी किए।
डीसी ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी डहीना को निर्देश दिए हैं कि सरपंच से ग्राम पंचायत का चार्ज, संपत्ति और सामान तुरंत लिया जाए। इसके बाद अधिनियम की धारा 51(2) के तहत बहुमत वाले पंच को पंचायत का चार्ज सौंपा जाएगा।
लापरवाही नहीं, नियमों की जानकारी नहीं होने से हुई गलती
सरपंच अशोक कुमार ने 8 जुलाई को नोटिस का जवाब देते हुए कहा था कि उन्होंने रास्ता नंबर 144 को पक्का करवाया है, जबकि रास्ता आर-20 की न तो मरम्मत कराई और न ही नया निर्माण किया। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायत संबंधित अदालत के मामले में पक्षकार नहीं है। नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण गलती हुई, लेकिन जानबूझकर लापरवाही नहीं की गई। सरपंच ने बताया कि उन्हें निलंबन के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। आदेश की प्रति मिलने के बाद ही वह इस मामले में कुछ बता पाएंगे।
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ग्रामीण की शिकायत की जांच एसडीएम कोसली ने की थी। एसडीएम की रिपोर्ट और सरपंच के जवाब का अवलोकन करने के बाद डीसी ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 51(1)(बी) के तहत सरपंच के निलंबन की कार्रवाई की। अब सरपंच ग्राम पंचायत की किसी भी बैठक में भाग नहीं ले सकेंगे।
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गांव मसीत निवासी हजारी लाल ने सरपंच के खिलाफ शिकायत देकर पंचायत की बचत भूमि के प्लॉट नंबर 277 और 364 पर रास्ता नंबर आर-20 का निर्माण और विस्तार कराने का आरोप लगाया था। शिकायत पर 25 फरवरी को एसडीएम कोसली को जांच के लिए कहा गया। इसके बाद 20 मई की जांच रिपोर्ट के आधार पर सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
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इसके बाद एसडीएम कोसली से दोबारा टिप्पणी मांगी गई। 6 अक्तूबर की रिपोर्ट में बताया गया कि रास्ता को रास्ता नंबर 144 से जोड़ने के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना विस्तार किया गया। राजस्व रिकॉर्ड में रास्ता नंबर 144 की चौड़ाई 11 फीट निर्धारित है। डीसी ने सरपंच के जवाब को संतोषजनक नहीं मानते हुए 8 अक्तूबर को निलंबन के आदेश जारी किए।
डीसी ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी डहीना को निर्देश दिए हैं कि सरपंच से ग्राम पंचायत का चार्ज, संपत्ति और सामान तुरंत लिया जाए। इसके बाद अधिनियम की धारा 51(2) के तहत बहुमत वाले पंच को पंचायत का चार्ज सौंपा जाएगा।
लापरवाही नहीं, नियमों की जानकारी नहीं होने से हुई गलती
सरपंच अशोक कुमार ने 8 जुलाई को नोटिस का जवाब देते हुए कहा था कि उन्होंने रास्ता नंबर 144 को पक्का करवाया है, जबकि रास्ता आर-20 की न तो मरम्मत कराई और न ही नया निर्माण किया। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायत संबंधित अदालत के मामले में पक्षकार नहीं है। नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण गलती हुई, लेकिन जानबूझकर लापरवाही नहीं की गई। सरपंच ने बताया कि उन्हें निलंबन के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। आदेश की प्रति मिलने के बाद ही वह इस मामले में कुछ बता पाएंगे।