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अंडरपास में भरे पानी ने रोका पांच गांवों का रास्ता
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Wed, 08 Jun 2016 01:24 AM IST
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अंडरपास निवासियों के लिए सरदर्द बना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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साबी नदी के जिस पानी से एक समय भाप के इंजन सिटी बजाते थे, वही पानी अब बावल के पांच गांव के लोगों केे लिए मुसीबत बन गया है। यहां के नांगल उगरा, ढाणी जैतपुर, सांगसण, नांगल तेजु एवं ढाणी की सुविधा के लिए बनाया गया अंडरपास यहां के निवासियों के लिए सरदर्द बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में तो हालात बद से बद्तर हो जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी यहां से गुजरने वाले स्कूली बच्चों को हो रही है।
जानकारी के अनुसार रेवाड़ी में पानी खराब होने के चलते राजस्थान बॉर्डर पर गांव अजरका से गुजरने वाली साबी नदी पर रेलवे की ओर से पानी का प्लांट लगाया था। इससे रेवाड़ी स्टेशन पर भाप के इंजनों को पानी की सप्लाई की जाती थी। समय बदलने के साथ भाप के इंजनों की जगह डीजल और बिजली से चलने वाली रेलगाड़ियों ने ले ली। गांव नांगल तेजु से गुजरने वाली यह पाइप लाइन 2013 में अंडरपास बनाते वक्त क्षतिग्रस्त हो गई थी, रेलवे इंजीनियरों की ओर से इसे रिपेयर भी किया गया, लेकिन वह इसके लीकेज को नहीं रोक पाए।
अधिकारियों से लगाई गुहार, नहीं हुआ सुधार
ढाणी नांगल उगर की सरपंच शर्मिला देवी, नांगल तेजु के सरपंच सुरेंद्र, ढाणी जैतपुर के पंच सुरेश, नवीन एवं डॉक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि समस्या को लेकर वह जयपुर एवं बीकानेर मंडल के उच्च अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन यहां पर कोई सुध लेने तक नहीं आया। ग्रामीणों ने कहा कि अंडरपास में चार से पांच फीट तक पानी भरा रहता है, इसके चलते यहां से निकला किसी खतरे से कम नहीं हैं। वहीं अंडरपास के ऊपर से लाइन क्रास करना भी जान जोखिम में डालना है। उन्होंने कहा कि कई बार यहां पर हादसे भी हो चुके हैं,लेकिन न तो स्थानीय प्रशासन एवं न ही रेलवे प्रशासन उनकी सुनवाई कर रहा है।
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राजस्थान को हरियाणा से जोड़ने के लिए बनाया गया अंडरपास
नांगल तेजू से गुजरने वाली रेलवे लाइन के उस पार हरियाणा के चार गांव हैं। चार गांव की सीमा खत्म होते ही राजस्थान शुरू हो जाता है। बावल के लोगों की अधिकतर रिश्तेदारियां राजस्थान के आसपास के ही गांवों में हैं। हरियाणा को राजस्थान को जोड़ने के लिए ही यह एक मात्र रास्ता है,लेकिन रेलवे की लापरवाही के चलते दो प्रदेशों का रास्ता बंद हो गया है।
मामला संज्ञान में नहीं था। संबंधित रेलवे अधिकारियों से इस संदर्भ में बात की जाएगी और गांव के लोगों की दिक्कत को जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
-डॉ.यश गर्ग, उपायुक्त, जिला रेवाड़ी
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जानकारी के अनुसार रेवाड़ी में पानी खराब होने के चलते राजस्थान बॉर्डर पर गांव अजरका से गुजरने वाली साबी नदी पर रेलवे की ओर से पानी का प्लांट लगाया था। इससे रेवाड़ी स्टेशन पर भाप के इंजनों को पानी की सप्लाई की जाती थी। समय बदलने के साथ भाप के इंजनों की जगह डीजल और बिजली से चलने वाली रेलगाड़ियों ने ले ली। गांव नांगल तेजु से गुजरने वाली यह पाइप लाइन 2013 में अंडरपास बनाते वक्त क्षतिग्रस्त हो गई थी, रेलवे इंजीनियरों की ओर से इसे रिपेयर भी किया गया, लेकिन वह इसके लीकेज को नहीं रोक पाए।
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अधिकारियों से लगाई गुहार, नहीं हुआ सुधार
ढाणी नांगल उगर की सरपंच शर्मिला देवी, नांगल तेजु के सरपंच सुरेंद्र, ढाणी जैतपुर के पंच सुरेश, नवीन एवं डॉक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि समस्या को लेकर वह जयपुर एवं बीकानेर मंडल के उच्च अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन यहां पर कोई सुध लेने तक नहीं आया। ग्रामीणों ने कहा कि अंडरपास में चार से पांच फीट तक पानी भरा रहता है, इसके चलते यहां से निकला किसी खतरे से कम नहीं हैं। वहीं अंडरपास के ऊपर से लाइन क्रास करना भी जान जोखिम में डालना है। उन्होंने कहा कि कई बार यहां पर हादसे भी हो चुके हैं,लेकिन न तो स्थानीय प्रशासन एवं न ही रेलवे प्रशासन उनकी सुनवाई कर रहा है।
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राजस्थान को हरियाणा से जोड़ने के लिए बनाया गया अंडरपास
नांगल तेजू से गुजरने वाली रेलवे लाइन के उस पार हरियाणा के चार गांव हैं। चार गांव की सीमा खत्म होते ही राजस्थान शुरू हो जाता है। बावल के लोगों की अधिकतर रिश्तेदारियां राजस्थान के आसपास के ही गांवों में हैं। हरियाणा को राजस्थान को जोड़ने के लिए ही यह एक मात्र रास्ता है,लेकिन रेलवे की लापरवाही के चलते दो प्रदेशों का रास्ता बंद हो गया है।
मामला संज्ञान में नहीं था। संबंधित रेलवे अधिकारियों से इस संदर्भ में बात की जाएगी और गांव के लोगों की दिक्कत को जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
-डॉ.यश गर्ग, उपायुक्त, जिला रेवाड़ी