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Rewari News: रवींद्रगढ़ के शाही अस्तबल में शामिल हुए दो विदेशी नस्ल के घोड़े
Fri, 17 Jul 2026 11:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 17 Jul 2026 11:22 PM IST
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घोड़े के साथ समाजसेविका कुंवरानी अनीता चौहान। स्रोत: स्वयं
डहीना। रवींद्रगढ़ के शाही अस्तबल में दो नए विदेशी नस्ल के घोड़े आए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इन बेशकीमती घोड़ों को समाजसेविका अनीता चौहान पत्नी कंवर रवि चौहान ने लंदन के न्यू मार्केट में आयोजित टैटरसेल की अंतरराष्ट्रीय हॉर्स सेल से खरीदा है।
शाही अस्तबल में शामिल किए गए दोनों घोड़े दौड़ के घोड़े हैं और पहले ही आयरलैंड, स्कॉटलैंड और इंग्लैंड की दौड़ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। इनमें एक घोड़ा तीन वर्ष का है, जिसकी मां अमेरिका की और पिता ग्रेट ब्रिटेन के हैं।
वहीं दूसरा घोड़ा ‘लिसनटूविंडब्लो’ नस्ल का है, जिसके माता-पिता दोनों ग्रेट ब्रिटेन से हैं। बताया गया कि दोनों घोड़ों ने विदेशी दौड़ कोर्स में शानदार प्रदर्शन किया है। अब इन्हें दुबई के प्रसिद्ध महदन दौड़ कोर्स में होने वाली दौड़ के लिए तैयार किया जाएगा।
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रवींद्रगढ़ का शाही अस्तबल लंबे समय से उम्दा नस्ल के घोड़ों के लिए पहचान रखता है। यहां रखे गए घोड़ों की देखभाल और प्रशिक्षण विशेष तरीके से किया जाता है। नए घोड़ों के शामिल होने से अस्तबल की शान और बढ़ गई है।
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शाही अस्तबल में शामिल किए गए दोनों घोड़े दौड़ के घोड़े हैं और पहले ही आयरलैंड, स्कॉटलैंड और इंग्लैंड की दौड़ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। इनमें एक घोड़ा तीन वर्ष का है, जिसकी मां अमेरिका की और पिता ग्रेट ब्रिटेन के हैं।
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वहीं दूसरा घोड़ा ‘लिसनटूविंडब्लो’ नस्ल का है, जिसके माता-पिता दोनों ग्रेट ब्रिटेन से हैं। बताया गया कि दोनों घोड़ों ने विदेशी दौड़ कोर्स में शानदार प्रदर्शन किया है। अब इन्हें दुबई के प्रसिद्ध महदन दौड़ कोर्स में होने वाली दौड़ के लिए तैयार किया जाएगा।
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रवींद्रगढ़ का शाही अस्तबल लंबे समय से उम्दा नस्ल के घोड़ों के लिए पहचान रखता है। यहां रखे गए घोड़ों की देखभाल और प्रशिक्षण विशेष तरीके से किया जाता है। नए घोड़ों के शामिल होने से अस्तबल की शान और बढ़ गई है।