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बीकानेर में आंगनबाड़ी आंदोलन के बीच प्रशिक्षण शिविर शुरू
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रेवाड़ी। आंगनबाड़ी आंदोलन के बीच महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिले में सर्कल अनुसार प्ले स्कूल ट्रेनिंग शुरू कराई हैं। मंगलवार को बीकानेर में प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 44 सर्कल संचालित हैं और सभी जगह ऐसे शिविर आयोजित कराए जाने का कार्यक्रम बनाया गया था, मगर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के आंदोलन की वजह से काफी सर्कलों में ऐसे प्रशिक्षण आयोजित कराने में परेशानी आई है।
आंगनबाड़ी केंद्र 26 जनवरी तक बंद हैं। इस 25 जनवरी तक विरोध पर गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को काम पर लौटने की मोहलत दी गई है। उधर 42वें दिन भी सुभाष पार्क में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का विरोध जारी रहा। करीब डेढ़ माह यानी 26 जनवरी के बाद अगर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्रों में जाएंगी, ऐसी उम्मीद है। इससे पहले सरकार की ओर से अभी तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की कोरोना जांच सुनिश्चित नहीं की गई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के संक्रमित होने पर गंभीर होगा मामला
जिले में अगर 26 जनवरी के बाद आंगनबाड़ी केंद्र खुलते हैं तो उनमें निश्चित तौर पर गर्भवती महिलाएं, दूध पिलाने वाली माताएं और छोटे बच्चों के आने की संभावना है। ऐसी सूरत में अगर कोई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका कोरोना से संक्रमित हुई और उससे किसी बच्चे की हेल्थ केस हिस्ट्री से यह बात सामने आती है तो यह गंभीर मामला होगा। इसलिए सरकार को समय रहते हुए यह सुनिश्चित करना होगा ताकि कोई बड़ी भूल व्यवस्था में ना हो।
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कोट
सरकार की ओर से कोरोना जांच के कोई निर्देश नहीं आया है। सर्कलवार प्ले स्कूल की ट्रेनिंग विभाग की ओर से कराई जा रही है। विरोध पर गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस देने के बाद अगला कोई कदम अभी तक नहीं उठाया गया है।
-संगीता, पीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग
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आंगनबाड़ी केंद्र 26 जनवरी तक बंद हैं। इस 25 जनवरी तक विरोध पर गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को काम पर लौटने की मोहलत दी गई है। उधर 42वें दिन भी सुभाष पार्क में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का विरोध जारी रहा। करीब डेढ़ माह यानी 26 जनवरी के बाद अगर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्रों में जाएंगी, ऐसी उम्मीद है। इससे पहले सरकार की ओर से अभी तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की कोरोना जांच सुनिश्चित नहीं की गई है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के संक्रमित होने पर गंभीर होगा मामला
जिले में अगर 26 जनवरी के बाद आंगनबाड़ी केंद्र खुलते हैं तो उनमें निश्चित तौर पर गर्भवती महिलाएं, दूध पिलाने वाली माताएं और छोटे बच्चों के आने की संभावना है। ऐसी सूरत में अगर कोई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका कोरोना से संक्रमित हुई और उससे किसी बच्चे की हेल्थ केस हिस्ट्री से यह बात सामने आती है तो यह गंभीर मामला होगा। इसलिए सरकार को समय रहते हुए यह सुनिश्चित करना होगा ताकि कोई बड़ी भूल व्यवस्था में ना हो।
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कोट
सरकार की ओर से कोरोना जांच के कोई निर्देश नहीं आया है। सर्कलवार प्ले स्कूल की ट्रेनिंग विभाग की ओर से कराई जा रही है। विरोध पर गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस देने के बाद अगला कोई कदम अभी तक नहीं उठाया गया है।
-संगीता, पीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग