{"_id":"581a3def4f1c1bae31437255","slug":"trafik-light-road-city-six-month","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रैफिक लाइटें खराब होने से चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रैफिक लाइटें खराब होने से चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Nov 2016 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के मुख्य चौराहे महावीर चौक पर 9 लाख रुपए की लागत से करीब 6 माह पूर्व लगाई गई ट्रैफिक लाइट दो-तीन दिन से खराब पड़ी हैं। ट्रैफिक लाइट के पिछले 6 महीनों में करीब तीन से चार बार खराब हो चुकी हैं। हालांकि लाइटें अभी गारंटी पीरियड में हैं। जिसके चलते इसकी मरम्मत का खर्चा नप को नहीं उठाना पड़ रहा है, लेकिन इससे लोगों को असुविधाएं हो रही हैं। लाइटें खराब हो जाने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है। जिसके कारण ट्रैफिक पुलिस के जवानों को पूरा दिन खड़ा रहकर ट्रैफिक कंट्रोल करना पड़ रहा है।
ज्ञात हो कि महावीर चौक पर लगी ट्रैफिक लाइटों के खराब होने तथा बार-बार उनको बदलने की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने यहां पर मई माह में सोलर ट्रैफिक लाइटें लगवाई थी। इन लाइटों को लगाने में नप के 9 लाख रुपए खर्च हुए थे। जिला मुख्यालय नारनौल शहर में इस समय दो जगह महावीर चौक तथा होंडा चौक पर ट्रैफिक लाइटें लगी हुई हैं। होंडा चौक पर लगी ट्रैफिक लाइटें वहां पर कंट्रोलर न होने के कारण लगने के कई दिनों बाद ही खराब हो गई थी। जिसकी ओर एक दो बार ध्यान देने के बाद नप ने फिर ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण ये लाइटें दो साल से ज्यादा समय से बंद ही पड़ी हैं।
चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था
महावीर चौक शहर का मुख्य चौक होने के कारण यहां वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, दीपावली से एक दिन पूर्व भी ये लाइटें खराब हुई थी, लेकिन दीपावली पर इनको ठीक करा दिया गया। जिसके बाद ये सोमवार से फिर से खराब पड़ी हैं। हालांकि सोमवार को गोवर्धन पर्व होने के कारण लोग बाजारों में नहीं आए, इससे ट्रैफिक दबाव कम रहा, मगर मंगलवार को यहां पर यातायात का दबाव अधिक हो गया। जिसके कारण यहां पर मंगलवार व बुधवार को ट्रैफिक व्यवस्था चरमराने लगी तथा लाइटें ठीक न होने के कारण वाहन चालक बेतरतीब ढंग से अपने वाहनों को निकाल रहे थे। जिससे लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
ट्रैफिक पुलिस के छूट रहे पसीने
ट्रैफिक लाइटें खराब हो जाने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी ट्रैफिक पुलिस को हो रही है। ट्रैफिक नियंत्रण करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवानों को कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। पुलिस के जवान वहां पर पूरा दिन खड़े रहकर यातायात को कंट्रोल कर रहे हैं।
-इसलिए पड़ी थी पुरानी लाइटों को बदलने की जरूरत
सोलर लाइट लगने से पूर्व यहां पर चार में से दो दिशा में लगी बिजली संचालित लाइटें सही प्रकार से काम नहीं कर रही थी। इनमें ग्रीन बत्ती का पता नहीं चलता था। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लाइटें सही नहीं होने के कारण ट्रैफिक पुलिस के जवानों को ही ट्रैफिक संभालना पड़ता था। इन परेशानियों से निपटने के लिए नप ने यहां पर सोलर लाइटें लगाने का प्रस्ताव पास किया था। जिसके बाद यहां पर 6 माह पूर्व ही सोलर लाइटें लगाई गई थी।
पहले लगी ट्रैफिक लाइटें अक्सर रहती थी खराब
महावीर चौक पर 6 माह पहले लगी पुरानी बिजली से चलने वाली स्ट्रीट लाइटें अक्सर खराब रहती थी। इन लाइटों के लिए महावीर चौक के एक कोने पर बड़ के पास कंट्रोलर लगाया हुआ था। जहां से इन लाइटों को आटोमेटिक कंट्रोल किया जाता था। यहां से भूमिगत वायर चारों कोनों पर लगी लाइटों को जाती थी। लेकिन इस वायर में अक्सर फाल्ट आ जाता था। जिससे स्ट्रीट लाइटें खराब रहती थी। कई बार टेलीफोन लाइनों व अन्य लाइनों की खुदाई के समय भी ये कट जाती थी। जिसके बाद कई-कई दिनों तक ये लाइटें ठीक नहीं होती थी। जिसके कारण यहां सोलर लाइटें लगाने की जरूरत पड़ी थी।
''शहर में एक जगह ही ट्रैफिक लाइटें लगी हुई है। वहीं ये भी कई बार खराब हो जाती हैं। इससे यहां आने-जाने में बहुत परेशानी होती है। इससे हादसों का डर भी बना रहता है। -हेमंत कुमार
''जब से ये सोलर लाइटें लगी हैं, तब से ये खराब ही रहती हैं। इसके कारण शहर के इस मुख्य चौराहे पर वाहन निकालते समय डर भी लगने लगा है।-कृष्ण कुमार
''ट्रैफिक लाइटों में कुछ तकनीकी खराबी आ गई है। जिसको ठीक करने के लिए मैकेनिक को बुलाया गया है। वीरवार को मैकेनिक आ जाएगा, जो लाइटों को ठीक कर देगा।
-सोमवीर सिंह, लाइट इंस्पेक्टर, नगर परिषद, नारनौल
विज्ञापन
ज्ञात हो कि महावीर चौक पर लगी ट्रैफिक लाइटों के खराब होने तथा बार-बार उनको बदलने की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने यहां पर मई माह में सोलर ट्रैफिक लाइटें लगवाई थी। इन लाइटों को लगाने में नप के 9 लाख रुपए खर्च हुए थे। जिला मुख्यालय नारनौल शहर में इस समय दो जगह महावीर चौक तथा होंडा चौक पर ट्रैफिक लाइटें लगी हुई हैं। होंडा चौक पर लगी ट्रैफिक लाइटें वहां पर कंट्रोलर न होने के कारण लगने के कई दिनों बाद ही खराब हो गई थी। जिसकी ओर एक दो बार ध्यान देने के बाद नप ने फिर ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण ये लाइटें दो साल से ज्यादा समय से बंद ही पड़ी हैं।
विज्ञापन
चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था
महावीर चौक शहर का मुख्य चौक होने के कारण यहां वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, दीपावली से एक दिन पूर्व भी ये लाइटें खराब हुई थी, लेकिन दीपावली पर इनको ठीक करा दिया गया। जिसके बाद ये सोमवार से फिर से खराब पड़ी हैं। हालांकि सोमवार को गोवर्धन पर्व होने के कारण लोग बाजारों में नहीं आए, इससे ट्रैफिक दबाव कम रहा, मगर मंगलवार को यहां पर यातायात का दबाव अधिक हो गया। जिसके कारण यहां पर मंगलवार व बुधवार को ट्रैफिक व्यवस्था चरमराने लगी तथा लाइटें ठीक न होने के कारण वाहन चालक बेतरतीब ढंग से अपने वाहनों को निकाल रहे थे। जिससे लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
ट्रैफिक पुलिस के छूट रहे पसीने
ट्रैफिक लाइटें खराब हो जाने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी ट्रैफिक पुलिस को हो रही है। ट्रैफिक नियंत्रण करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवानों को कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। पुलिस के जवान वहां पर पूरा दिन खड़े रहकर यातायात को कंट्रोल कर रहे हैं।
-इसलिए पड़ी थी पुरानी लाइटों को बदलने की जरूरत
सोलर लाइट लगने से पूर्व यहां पर चार में से दो दिशा में लगी बिजली संचालित लाइटें सही प्रकार से काम नहीं कर रही थी। इनमें ग्रीन बत्ती का पता नहीं चलता था। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लाइटें सही नहीं होने के कारण ट्रैफिक पुलिस के जवानों को ही ट्रैफिक संभालना पड़ता था। इन परेशानियों से निपटने के लिए नप ने यहां पर सोलर लाइटें लगाने का प्रस्ताव पास किया था। जिसके बाद यहां पर 6 माह पूर्व ही सोलर लाइटें लगाई गई थी।
पहले लगी ट्रैफिक लाइटें अक्सर रहती थी खराब
महावीर चौक पर 6 माह पहले लगी पुरानी बिजली से चलने वाली स्ट्रीट लाइटें अक्सर खराब रहती थी। इन लाइटों के लिए महावीर चौक के एक कोने पर बड़ के पास कंट्रोलर लगाया हुआ था। जहां से इन लाइटों को आटोमेटिक कंट्रोल किया जाता था। यहां से भूमिगत वायर चारों कोनों पर लगी लाइटों को जाती थी। लेकिन इस वायर में अक्सर फाल्ट आ जाता था। जिससे स्ट्रीट लाइटें खराब रहती थी। कई बार टेलीफोन लाइनों व अन्य लाइनों की खुदाई के समय भी ये कट जाती थी। जिसके बाद कई-कई दिनों तक ये लाइटें ठीक नहीं होती थी। जिसके कारण यहां सोलर लाइटें लगाने की जरूरत पड़ी थी।
''शहर में एक जगह ही ट्रैफिक लाइटें लगी हुई है। वहीं ये भी कई बार खराब हो जाती हैं। इससे यहां आने-जाने में बहुत परेशानी होती है। इससे हादसों का डर भी बना रहता है। -हेमंत कुमार
''जब से ये सोलर लाइटें लगी हैं, तब से ये खराब ही रहती हैं। इसके कारण शहर के इस मुख्य चौराहे पर वाहन निकालते समय डर भी लगने लगा है।-कृष्ण कुमार
''ट्रैफिक लाइटों में कुछ तकनीकी खराबी आ गई है। जिसको ठीक करने के लिए मैकेनिक को बुलाया गया है। वीरवार को मैकेनिक आ जाएगा, जो लाइटों को ठीक कर देगा।
-सोमवीर सिंह, लाइट इंस्पेक्टर, नगर परिषद, नारनौल