{"_id":"5e1e07448ebc3e4b556407d3","slug":"toll-news-fastag-rewari-news-rtk537295536","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोजाना 10 हजार में से फास्टैग वाले गुजर रहे 6500 वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोजाना 10 हजार में से फास्टैग वाले गुजर रहे 6500 वाहन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी-रोहतक हाईवे स्थित गंगायचा टोल प्लाजा से हर रोज निकलने वाले करीब 10 हजार वाहनों में से 6500 वाहन चालक फास्टैग उपयोग में ला रहे हैं। प्लाजा प्रबंधकों का कहना है कि अधिकतर बड़े वाहन चालक अपने वाहनों पर फास्टैग लगवा चुके हैं, लेकिन कार चालक इस मामले में अभी भी पीछे चल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जिले के 40 फीसदी वाहन चालकों ने फास्टैग लगवाए हैं। वहीं, प्लाजा के 0-5 किमी. के दायरे में आने वाले 95 फीसदी वाहनों पर फास्टैग नहीं लग पाया है। गंगायचा टोल प्लाजा पर 10 लेन हैं। इसमें से दोनों तरफ एक-एक लेन नकद टोल लेने वाले के लिए छोड़ी गई है, बाकी आठ लेन पर फास्टैग का उपयोग किया जा रहा है। 35 फीसदी वाहन चालकों को अभी भी कैश लाइन में लगना पड़ रहा है।
सभी लेन में लागू होगा फास्टैग, नहीं गुजर सकेंगे कैश वाले वाहन चालक
जानकारी के अनुसार अभी तक टोल पर चल रही आठ फास्टैग लेन में यदि कोई कैश वाला वाहन चालक घुस जाता है तो उससे दोगुुना टोल वसूला जा रहा है। जिम्मेदारों का कहना है कि एनएचआई का मकसद डबल चार्ज वसूलना नहीं है, लोगों को लाइन में खड़े होने से बचाना है। ऐसे में जल्द सभी आठ लाइनों ऑटोमैटिक अर्थात फास्टैग लेन पर कोई भी कर्मचारी टोल वसूली के लिए नहीं रहेगा। गाड़ी के आते ही टैग स्कैन हो जाएगा और गाड़ी आगे निकल जाएगी। यदि कोई कैश वाहन चालक इस लेन में प्रवेश कर गया तो उसे वापस आना पड़ेगा और कैश लेन से ही होकर गुजरना पड़ेेगा।
विज्ञापन
आसपास के ग्रामीणों को भी लगवाना पड़ेगा फास्टैग : प्रोजेक्ट हेड
केईपीएल प्रोजेक्ट हेड बिजेंद्र तिवारी ने बताया कि टोल के पांच किमी. दायरे में रहने वाले वाहनों को प्लाजा पर निशुल्क निकाला जाता है। लेकिन अब इन सभी वाहन चालकों को भी फास्टैग लगवाना पड़ेगा। अभी भी ये वाहन चालक निशुल्क रहेंगे, इनके फास्टैग में निशुल्क की व्यवस्था कर दी जाएगी। लेकिन टैग लगवाना जरूरी है। तिवारी ने बताया कि जल्द ही सिस्टम को ऑटोमैटिक कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार जिले के 40 फीसदी वाहन चालकों ने फास्टैग लगवाए हैं। वहीं, प्लाजा के 0-5 किमी. के दायरे में आने वाले 95 फीसदी वाहनों पर फास्टैग नहीं लग पाया है। गंगायचा टोल प्लाजा पर 10 लेन हैं। इसमें से दोनों तरफ एक-एक लेन नकद टोल लेने वाले के लिए छोड़ी गई है, बाकी आठ लेन पर फास्टैग का उपयोग किया जा रहा है। 35 फीसदी वाहन चालकों को अभी भी कैश लाइन में लगना पड़ रहा है।
विज्ञापन
सभी लेन में लागू होगा फास्टैग, नहीं गुजर सकेंगे कैश वाले वाहन चालक
जानकारी के अनुसार अभी तक टोल पर चल रही आठ फास्टैग लेन में यदि कोई कैश वाला वाहन चालक घुस जाता है तो उससे दोगुुना टोल वसूला जा रहा है। जिम्मेदारों का कहना है कि एनएचआई का मकसद डबल चार्ज वसूलना नहीं है, लोगों को लाइन में खड़े होने से बचाना है। ऐसे में जल्द सभी आठ लाइनों ऑटोमैटिक अर्थात फास्टैग लेन पर कोई भी कर्मचारी टोल वसूली के लिए नहीं रहेगा। गाड़ी के आते ही टैग स्कैन हो जाएगा और गाड़ी आगे निकल जाएगी। यदि कोई कैश वाहन चालक इस लेन में प्रवेश कर गया तो उसे वापस आना पड़ेगा और कैश लेन से ही होकर गुजरना पड़ेेगा।
विज्ञापन
आसपास के ग्रामीणों को भी लगवाना पड़ेगा फास्टैग : प्रोजेक्ट हेड
केईपीएल प्रोजेक्ट हेड बिजेंद्र तिवारी ने बताया कि टोल के पांच किमी. दायरे में रहने वाले वाहनों को प्लाजा पर निशुल्क निकाला जाता है। लेकिन अब इन सभी वाहन चालकों को भी फास्टैग लगवाना पड़ेगा। अभी भी ये वाहन चालक निशुल्क रहेंगे, इनके फास्टैग में निशुल्क की व्यवस्था कर दी जाएगी। लेकिन टैग लगवाना जरूरी है। तिवारी ने बताया कि जल्द ही सिस्टम को ऑटोमैटिक कर दिया जाएगा।