{"_id":"6adbb2d3cb4157985d071190","slug":"to-become-an-artist-hard-work-and-discipline-are-as-essential-as-talent-dr-jyoti-yadav-rewari-news-c-198-1-rew1001-247631-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलाकार बनने के लिए प्रतिभा के साथ मेहनत और अनुशासन जरूरी : डॉ. ज्योति यादव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलाकार बनने के लिए प्रतिभा के साथ मेहनत और अनुशासन जरूरी : डॉ. ज्योति यादव
Sat, 24 Oct 2026 12:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:47 AM IST
विज्ञापन
राजकीय महिला महाविद्यालय में कार्यक्रम के दौरान एकजुट विद्यार्थी व स्टाफ। स्रोत : कॉलेज
रेवाड़ी। सेक्टर-18 स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ की ओर से आर्टिस्ट इंस्पिरेशन एंड मोटिवेशन विषय पर व्याख्यान हुआ। इसमें छात्राओं को कला एवं मनोरंजन के क्षेत्र में कॅरिअर की संभावनाएं बताई गईं। साथ ही अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता को निखारने के लिए प्रेरित किया गया।
प्राचार्या डॉ. ज्योति यादव ने कहा कि कलाकार बनने के लिए प्रतिभा के साथ मेहनत और अनुशासन जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनसे छात्राओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, नए अवसरों के प्रति जागरूक होने और आत्मविश्वास के साथ भविष्य की दिशा तय करने में मदद मिलती है।
व्याख्यान के दौरान कला के महत्व, कलाकारों के जीवन में आने वाले संघर्ष और सफलता प्राप्त करने में निरंतर अभ्यास, अनुशासन, समर्पण व सकारात्मक सोच की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। छात्राओं को अपनी रुचि और कौशल पहचानने तथा लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया गया।
विज्ञापन
कार्यक्रम का मंच संचालन महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. सुचेता कौशिक ने किया। इस अवसर पर डॉ. रितु चौधरी, डॉ. सुनीता, मोनिका और पूनम सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
प्राचार्या डॉ. ज्योति यादव ने कहा कि कलाकार बनने के लिए प्रतिभा के साथ मेहनत और अनुशासन जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनसे छात्राओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, नए अवसरों के प्रति जागरूक होने और आत्मविश्वास के साथ भविष्य की दिशा तय करने में मदद मिलती है।
विज्ञापन
व्याख्यान के दौरान कला के महत्व, कलाकारों के जीवन में आने वाले संघर्ष और सफलता प्राप्त करने में निरंतर अभ्यास, अनुशासन, समर्पण व सकारात्मक सोच की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। छात्राओं को अपनी रुचि और कौशल पहचानने तथा लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया गया।
विज्ञापन
कार्यक्रम का मंच संचालन महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. सुचेता कौशिक ने किया। इस अवसर पर डॉ. रितु चौधरी, डॉ. सुनीता, मोनिका और पूनम सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।