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Rewari News: 5 हजार से अधिक सांप पकड़ चुके जलालपुर के टिंकू
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फोटो : 6गांव में सांप पकड़ते आदित्य राजपूत। संवाद
सोनू सैनी
बावल। जलालपुर गांव के आदित्य सिंह राजपूत उर्फ टिंकू (50) सांपों के बीच रहकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। आदित्य पिछले 20 वर्षों से सांप पकड़ रहे हैं। अब तक वे 5 हजार से अधिक सांपों को पकड़ चुके हैं। 18 बार सांपों के काटने का शिकार भी हो चुके हैं। इसके बावजूद वे पूरी निष्ठा और साहस के साथ लोगों की सेवा कर रहे हैं।
आदित्य बताते हैं कि इस कार्य की प्रेरणा उन्हें टीवी पर एक युवक को सांप पकड़ते देखकर मिली थी। सबसे पहली बार उन्होंने गांव के मंदिर में घुसे एक सांप को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के बाहर निकालकर जंगल में छोड़ा था। इसके बाद उन्होंने यह कार्य निरंतर जारी रखा।
एक बार जब उन्हें एक कंपनी से सांप पकड़ने का फोन आया तो वे तुरंत मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे लेकिन दुर्भाग्यवश उसी दिन सांप ने उन्हें काट लिया। हालत इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें रेवाड़ी से रोहतक रेफर करना पड़ा। आंखों के सामने अंधेरा छा गया था और मानसिक संतुलन भी बिगड़ गया था।
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आदित्य ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उनके वीडियो देखकर कोई भी आम व्यक्ति सांप पकड़ने की कोशिश न करें क्योंकि यह कार्य अत्यंत जोखिम भरा है और इसके लिए विशेष अनुभव की आवश्यकता होती है।
खेलों में भी नाम, अधूरी रह गई देश सेवा की चाह : आदित्य सिंह एक प्रदेश स्तरीय बेस्ट एथलीट भी रह चुके हैं और भारतीय सेना में देश सेवा करना चाहते थे। दसवीं पास न कर पाने के कारण उनका सपना अधूरा रह गया।
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बावल। जलालपुर गांव के आदित्य सिंह राजपूत उर्फ टिंकू (50) सांपों के बीच रहकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। आदित्य पिछले 20 वर्षों से सांप पकड़ रहे हैं। अब तक वे 5 हजार से अधिक सांपों को पकड़ चुके हैं। 18 बार सांपों के काटने का शिकार भी हो चुके हैं। इसके बावजूद वे पूरी निष्ठा और साहस के साथ लोगों की सेवा कर रहे हैं।
आदित्य बताते हैं कि इस कार्य की प्रेरणा उन्हें टीवी पर एक युवक को सांप पकड़ते देखकर मिली थी। सबसे पहली बार उन्होंने गांव के मंदिर में घुसे एक सांप को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के बाहर निकालकर जंगल में छोड़ा था। इसके बाद उन्होंने यह कार्य निरंतर जारी रखा।
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एक बार जब उन्हें एक कंपनी से सांप पकड़ने का फोन आया तो वे तुरंत मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे लेकिन दुर्भाग्यवश उसी दिन सांप ने उन्हें काट लिया। हालत इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें रेवाड़ी से रोहतक रेफर करना पड़ा। आंखों के सामने अंधेरा छा गया था और मानसिक संतुलन भी बिगड़ गया था।
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आदित्य ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उनके वीडियो देखकर कोई भी आम व्यक्ति सांप पकड़ने की कोशिश न करें क्योंकि यह कार्य अत्यंत जोखिम भरा है और इसके लिए विशेष अनुभव की आवश्यकता होती है।
खेलों में भी नाम, अधूरी रह गई देश सेवा की चाह : आदित्य सिंह एक प्रदेश स्तरीय बेस्ट एथलीट भी रह चुके हैं और भारतीय सेना में देश सेवा करना चाहते थे। दसवीं पास न कर पाने के कारण उनका सपना अधूरा रह गया।