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निजी स्कूलों में कक्षाओं के लगाने के समय का नहीं हो रहा पालन
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कड़ी धूप में स्कूल से घर लौटते बच्चे।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी के बावजूद शिक्षण संस्थाओं पर इसका कोई असर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा। निजी स्कूलों की ओर से विशेष रूप से गर्मी को अनदेखा किया जा रहा है। ऐसे में शिक्षा विभाग के आदेशों की अवहेलना हो रही है। दोपहर बाद छुट्टी होने पर कड़ी धूप में नौनिहाल घर पहुंच रहे हैं। इससे उनकी तबीयत खराब होने की आशंका प्रबल हो रही है। इसे लेकर अभिभावक परेशान हैं। उनका कहना है कि विभाग इन स्कूलों पर कार्रवाई करे, जिससे बच्चों को गर्मी से राहत मिल सके।
शिक्षा विभाग के माध्यम से मान्यता प्राप्त जिले में सैकड़ों स्कूल इन दिनों संचालित हो रहे हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को सुबह 7 बजे से 12 बजे तक खोलने के आदेश दिए थे। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में नए निर्देश जारी किए, मगर इनका असर जिले के निजी स्कूलों पर नहीं पड़ा है। जिले में निजी स्कूल प्रबंधन अपने मनमाफिक स्कूलों का संचालन कर रहे हैं। ऐसी सूरत में बच्चों को स्कूल आने और पढ़ने के बाद घर वापस जाने में काफी समस्या आ रही है।
जिले में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार चल रहा है। ऐसे में नौनिहालों को भरी दोपहर में गर्म हवाओं के बीच स्कूल से घर लौटना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में होते हुए भी विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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अभिभावक बोले
ग्रामीण सूबे सिंह, रामचंद्र और देवेंद्र ने कहा कि यह गंभीर समस्या है। यह सभी बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग जल्द अंकुश लगाए। ग्रामीण क्षेत्र के निजी स्कूल ऐसा कर रहे हैं। इनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
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कोट
- मेरे संज्ञान में ऐसा सिर्फ एक मामला आया था। उस पर हमने संबंधित स्कूल प्रबंधन को सख्त चेतावनी भी दे दी थी। भविष्य में भी अगर कोई भी स्कूल जारी किए गए समय का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर अभिभावक कहीं ऐसा देखें तो लिखित शिकायत जरूर करें। चूंकि गर्मी का मौसम है, छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था के आदेश पहले ही दे चुके हैं। - नसीब सिंह जिला शिक्षा अधिकारी।
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शिक्षा विभाग के माध्यम से मान्यता प्राप्त जिले में सैकड़ों स्कूल इन दिनों संचालित हो रहे हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को सुबह 7 बजे से 12 बजे तक खोलने के आदेश दिए थे। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में नए निर्देश जारी किए, मगर इनका असर जिले के निजी स्कूलों पर नहीं पड़ा है। जिले में निजी स्कूल प्रबंधन अपने मनमाफिक स्कूलों का संचालन कर रहे हैं। ऐसी सूरत में बच्चों को स्कूल आने और पढ़ने के बाद घर वापस जाने में काफी समस्या आ रही है।
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जिले में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार चल रहा है। ऐसे में नौनिहालों को भरी दोपहर में गर्म हवाओं के बीच स्कूल से घर लौटना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में होते हुए भी विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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अभिभावक बोले
ग्रामीण सूबे सिंह, रामचंद्र और देवेंद्र ने कहा कि यह गंभीर समस्या है। यह सभी बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग जल्द अंकुश लगाए। ग्रामीण क्षेत्र के निजी स्कूल ऐसा कर रहे हैं। इनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
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कोट
- मेरे संज्ञान में ऐसा सिर्फ एक मामला आया था। उस पर हमने संबंधित स्कूल प्रबंधन को सख्त चेतावनी भी दे दी थी। भविष्य में भी अगर कोई भी स्कूल जारी किए गए समय का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर अभिभावक कहीं ऐसा देखें तो लिखित शिकायत जरूर करें। चूंकि गर्मी का मौसम है, छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था के आदेश पहले ही दे चुके हैं। - नसीब सिंह जिला शिक्षा अधिकारी।