{"_id":"66562aed4756dea968078504","slug":"there-may-be-delay-in-giving-drinking-water-report-rewari-news-c-198-1-rew1001-204928-2024-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: पेयजल की रिपोर्ट देने में हो सकती है देरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: पेयजल की रिपोर्ट देने में हो सकती है देरी
Wed, 29 May 2024 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 29 May 2024 12:35 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर पेयजल स्थिति की रिपोर्ट मांगी थी। सोमवार को सभी कक्षाओं के लिए अवकाश घोषित किया गया है। ऐसे में रिपोर्ट देने में देरी हो सकती है।
जिन स्कूलों में पेयजल की जरूरत थी, वहां व्यवस्था बनाने का काम भी छुट्टी के चलते प्रभावित होगा। अभी तक शिक्षक लोकसभा चुनाव को लेकर ड्यूटी में व्यक्त थे। अब वे चुनाव ड्यूटी से फ्री हुए है। लेकिन भीषण गर्मी के चलते विभाग ने सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिए। इसलिए पेयजल स्थिति को लेकर डाटा जुटाने का काम बीच में ही रुक गया है। शिक्षकों की मानें तो केवल सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में ही पेयजल की स्थिति सही है। केवल उन स्कूलों में वाटर कूलर लगे हैं, जिनमें संस्थाओं ने भेंट किए थे। प्राइमरी, अपर प्राइमरी स्कूलों में पेयजल की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इन स्कूलों में पानी की टंकी लगी है। छतों पर रखी गई पानी की टंकियों से गर्म पानी आता है। यह पानी सुबह स्टॉक किया जाता है।
विज्ञापन
रेवाड़ी। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर पेयजल स्थिति की रिपोर्ट मांगी थी। सोमवार को सभी कक्षाओं के लिए अवकाश घोषित किया गया है। ऐसे में रिपोर्ट देने में देरी हो सकती है।
जिन स्कूलों में पेयजल की जरूरत थी, वहां व्यवस्था बनाने का काम भी छुट्टी के चलते प्रभावित होगा। अभी तक शिक्षक लोकसभा चुनाव को लेकर ड्यूटी में व्यक्त थे। अब वे चुनाव ड्यूटी से फ्री हुए है। लेकिन भीषण गर्मी के चलते विभाग ने सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिए। इसलिए पेयजल स्थिति को लेकर डाटा जुटाने का काम बीच में ही रुक गया है। शिक्षकों की मानें तो केवल सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में ही पेयजल की स्थिति सही है। केवल उन स्कूलों में वाटर कूलर लगे हैं, जिनमें संस्थाओं ने भेंट किए थे। प्राइमरी, अपर प्राइमरी स्कूलों में पेयजल की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इन स्कूलों में पानी की टंकी लगी है। छतों पर रखी गई पानी की टंकियों से गर्म पानी आता है। यह पानी सुबह स्टॉक किया जाता है।
विज्ञापन