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Rewari News: अनाज मंडी में पूरे दिन चला बाजरे का उठान का कार्य
Mon, 13 Oct 2025 01:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 13 Oct 2025 01:03 AM IST
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फोटो : 28अनाज मंडी में उठान का कार्य करते श्रमिक। संवाद
रेवाड़ी। अनाज मंडी में रविवार को पूरे दिन बाजरे का उठान का कार्य चलता रहा। मंडी में बाजरे की आवक जारी है जिससे मजदूर दिनभर पसीना बहाते नजर आए। जिले में अब तक करीब 45 हजार टन बाजरा की आवक हो चुकी है जबकि लगभग 16 हजार गेट पास काटे जा चुके हैं। मंडी के हर कोने में बाजरे के कट्टों के ढेर लग गए हैं।
हालत यह है कि मंडी की सड़कों और गलियों के साथ-साथ मुख्य मार्गों तक कट्टों के ढेर पहुंच गए हैं, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कई बार किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली और खरीदारों के वाहनों के कारण मंडी के अंदर जाम की स्थिति बन जाती है।
श्रमिकों और ठेकेदारों का कहना है कि रोजाना बड़ी मात्रा में फसल आने से उठान का कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है। कई बार रात देर तक भी अनाज उठाने का काम जारी रहता है ताकि मंडी में नए किसानों के लिए जगह बनाई जा सके।
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उन्होंने बताया कि मंडी परिसर में जगह की कमी के कारण फसल को अस्थायी रूप से सड़क किनारे रखा जाता है, जिससे आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
किसानों का कहना है कि वे सुबह-सुबह मंडी में पहुंचते हैं, लेकिन लंबी कतारों और प्रक्रिया में देरी के कारण शाम तक मंडी में ही फंसे रहते हैं।
कुल मिलाकर, मंडी में बाजरा की भारी आवक से एक ओर किसानों में उत्साह है तो दूसरी ओर अव्यवस्था और जगह की कमी ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उठान की गति बढ़ने के बाद मंडी परिसर में थोड़ी राहत मिलेगी और किसानों को अपनी उपज बेचने में सहूलियत होगी।
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हालत यह है कि मंडी की सड़कों और गलियों के साथ-साथ मुख्य मार्गों तक कट्टों के ढेर पहुंच गए हैं, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कई बार किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली और खरीदारों के वाहनों के कारण मंडी के अंदर जाम की स्थिति बन जाती है।
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श्रमिकों और ठेकेदारों का कहना है कि रोजाना बड़ी मात्रा में फसल आने से उठान का कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है। कई बार रात देर तक भी अनाज उठाने का काम जारी रहता है ताकि मंडी में नए किसानों के लिए जगह बनाई जा सके।
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उन्होंने बताया कि मंडी परिसर में जगह की कमी के कारण फसल को अस्थायी रूप से सड़क किनारे रखा जाता है, जिससे आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
किसानों का कहना है कि वे सुबह-सुबह मंडी में पहुंचते हैं, लेकिन लंबी कतारों और प्रक्रिया में देरी के कारण शाम तक मंडी में ही फंसे रहते हैं।
कुल मिलाकर, मंडी में बाजरा की भारी आवक से एक ओर किसानों में उत्साह है तो दूसरी ओर अव्यवस्था और जगह की कमी ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उठान की गति बढ़ने के बाद मंडी परिसर में थोड़ी राहत मिलेगी और किसानों को अपनी उपज बेचने में सहूलियत होगी।