फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   the test was not going on without cheking

प्रदूषण बिना जांचे थमाए जा रहे प्रमाण पत्र

Sun, 08 Sep 2019 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 08 Sep 2019 12:15 AM IST
विज्ञापन
the test was not going on without cheking
रेवाड़ी। बिना जांच के ही बना रहे प्रदूषण प्रमाण पत्र - फोटो : Rewari
प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट में प्रदूषण नियंत्रित प्रमाण पत्र(पीयूसीसी) न होने पर जुर्माने की राशि बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी। वहीं, वाहनों से निकलने वाले कार्बन मोनोक्साइड का स्तर जांचने वाले सेंटर इस नियम की आड़ में धड़ल्ले से प्रमाण पत्र देने में जुटे हुए हैं। अकेले रेवाड़ी में सात दिनों के भीतर 20 हजार वाहनों को प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। इनमें से कई वाहनों को जब दूसरे सेंटर पर जांच कराई गई तो उसमें प्रदूषण का स्तर अलग-अलग मिला।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक बीते एक से सात सितंबर के बीच जिला के 40 प्रदूषण मापक केंद्रों से करीब 28 हजार वाहनों को प्रमाण पत्र जारी किए हैं। गंभीर तथ्य ये है कि इनमेें 20 हजार उन वाहनों को प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जिनके प्रदूषक तत्वों की जांच ही नहीं हुई। हालात ऐसे हैं कि शहर में एक ही बाइक के पांच स्थानों पर पीयूसीसी बिना जांच किए जारी कर दिए गए। प्रदूषक तत्वों की मात्रा भी अलग-अलग बताई गई। असली मात्रा कहीं पर भी नहीं सामने नहीं आई।
विज्ञापन

प्रदूषण जांच केंद्रों की ओर से एक मशीन के तहत वाहनों से निकलने वाले धुएं में कार्बन मोनोक्साइड की मात्रा(सीओ) के अलावा अन्य प्रदूषक हाइड्रोकार्बन की मात्रा को मापा जाता है। निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा पाए जाने पर सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जा सकता है। लेकिन बिना जांच के ही धड़ल्ले से प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जुर्माने बचने के लिए सारी कवायद
कानून एवं जुर्माने की राशि में बदलाव के बाद वाहन स्वामी की दिलचस्पी प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर है। उनके लिए इसकी उपयोगिता बस इतनी है कि प्रदूषण प्रमाण पत्र न होने की दशा में दस हजार रुपये जुर्माना न भरना पड़े। वहीं, केंद्र संचालकों की दिलचस्पी भी ज्यादा से ज्यादा वाहनों के प्रमाण पत्र जारी करने में रहती है। पहले जहां प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करने वालों के पास 10 से 20 लोग पर्ची आते थे। वहीं एक सितंबर से ये आंकड़ा रोजाना 100 का आंकड़े को पार कर रहा है। एक दिन में एक केंद्र से औसतन 100 प्रमाण पत्र जारी हो रहे हैं। ऐसे में बीते सात दिन के दौरान 28 हजार प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं। इनमें से 20 हजार प्रमाण बिना जांच के जारी हो गए।
है।
इस तरह होती हैं धुएं की जांच
वाहनों से निकले वाले धुएं में कार्बन मोनोक्साईड(सीओ) की प्रतिशत मात्रा आयतन पर मापते हैं। ये केंद्र पेट्रोल पंप के पास ही बनाए जाते हैं। किसी भी वाहन के प्रदूषण स्तर को मापने के लिए इन केंद्रों पर प्रदूषण जांच मशीन को वाहन के साइलेंसर के अंदर डाला जाता है। इसके बाद गाड़ी से निकलने वाले धुएं की मशीन जांच करती है। जैसे एक बाइक का सीओ निर्धारित मानक स्तर 3.5 है, इसमें प्रदूषण इस स्तर से ऊपर नहीं जाना चाहिए। जबकि एचसी का मानक 4500 है। इससे ऊपर किसी भी वाहन का स्तर नहीं होना चाहिए।

आंखों के इशारे से नापते हैं प्रदूषण की मात्रा
प्रदूषण मापने वाले वाहन का मॉडल नंबर बताते ही आंखों से ही वाहन के प्रदूषक तत्वों का माप देते हैं। अमर उजाला की ओर से एक ही बाइक के शहर में पांच स्थानों पर प्रमाण पत्र बनवाए गए। किसी भी केंद्र संचालक ने सीट से उठने तक की तकलीफ नहीं की। फोटो करने के बाद मॉडल नंबर पूछकर प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इन संचालकों का कहना है कि देखने से ही पता चल जाता है कि वाहन कितना प्रदूषण फैला रहा है।
-एक ही बाइक में सीओ की मात्रा 0.5 से 2.9 तक पहुंची
-धारुहेड़ा चुंगी: प्रदूषण केंद्र पर सीओ का मापित स्तर 0.5, एचसी मापित स्तर 3591 पाया गया।
-बावल रोड: सीओ का मापित स्तर 1.2, एचसी मापित स्तर 3087 पाया गया।
-बावल रोड: सीओ का मापित स्तर 1.38, एचसी मापित स्तर 716 पाया गया।
-हनुमान मंदिर के पास: 2.1, एचसी मापित स्तर 2618 पाया गया।
-झज्जर चौक: सीओ का मापित स्तर 2.9, एचसी मापित स्तर 1209 पाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed