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Rewari News: हर वर्ष 4 करोड़ रुपये किराया वसूलने का था लक्ष्य, 30-35 प्रतिशत हुई वसूली
Mon, 24 Mar 2025 12:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 24 Mar 2025 12:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नगर परिषद तीन वर्ष से किराया वसूलने के लिए संघर्ष कर रही है। 3 वर्षों में 12 करोड़ रुपये किराया वसूलने का लक्ष्य तय था लेकिन सिर्फ 3.90 करोड़ रुपये ही वसूले गए हैं। जबकि नगर परिषद के अंतर्गत 500 से अधिक दुकानें व प्लाॅट आते हैं।
नगर परिषद का वित्त वर्ष 2022-23 में 4 करोड़ रुपये किराया वसूलने का लक्ष्य था लेकिन 1.37 करोड़ रुपये ही आय हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में 4 करोड़ रुपये का वसूली का लक्ष्य था लेकिन 1.39 करोड़ रुपये की आय हुई थी। वर्तमान वित्त वर्ष 2024-25 में चार ही करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य है लेकिन इनकम 1.14 करोड़ रुपये हुई है। इस बार सबसे कम किराया वसूला गया है, जबकि 2022 और 2023 में 2024 की तुलना में अधिक कराया वसूला गया था। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए किराया वसूलने का लक्ष्य बढ़ाया गया है। पिछले वर्षों की तुलना में 70 लाख रुपये अधिक वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नगर परिषद की कोशिश वर्ष 2025-26 में 4.70 करोड़ रुपये वसूली की रहेगी।
नगर परिषद के अधिकारियों ने किराया वसूली पर कभी मंथन नहीं किया। यही कारण है कि किराया वसूलने का लक्ष्य तो हर वर्ष एक जैसा ही रहा और स्थिति नहीं सुधरी। हाउस की बैठक में पार्षदों ने बीते सालों में किराया वसूलने पर खानापूर्ति का मुद्दा उठाया था। बताते हैं कि कई दुकानदार 20 साल से समय से दुकानों पर काबिज हैं। वह अपने आपको इसका मालिक बताते हैं। मालिकाना हक के लिए वे संघर्ष कर रहे हैं। इस वजह से किराया फंसता जा रहा है
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विज्ञापन शुल्क के नाम पर भी हुई खानापूर्ति
2022 में विज्ञापन शुल्क के नाम पर 50 लाख रुपये वसूलने का लक्ष्य बनाया गया था, जिसमें अपेक्षित इनकम नहीं आ पाई थी। 2023 में एक करोड़ रुपये का लक्ष्य था जिसमें 34 लाख रुपये की इनकम हुई थी। 2024 में 1.50 करोड़ रुपये का लक्ष्य था जिसमें 32 लाख रुपये इनकम हुई है। इस बार 1.60 करोड़ रुपये का विज्ञापन वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रॉपर्टी टैक्स पर 3.50 करोड़ रुपये का लक्ष्य था, इस पर नगर परिषद ने 3.53 करोड़ वसूल किए हैं।
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नप अभी तक नहीं भर पाई अपना खजाना
नगर में वित्त वर्ष 2024-25 में 72.50 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य था लेकिन 52 करोड़ (वसूलने की प्रक्रिया जारी) अभी तक इनकम आई है। वर्ष 2022 में 72.10 करोड़ का बजट पास हुआ था, 64.09 करोड़ इनकम आई थी। वर्ष 2023 में 77.60 करोड़ का बजट पास हुआ था, 70 करोड़ इनकम हुई थी। इस बार पिछले सालों की अपेक्षा 19 करोड़ रुपये अधिक यानी 91.19 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है।
वर्जन:
इस सप्ताह विभिन्न स्रोतो से अधिक इनकम होगी। यह सप्ताह मायने रखता है। पिछले वित्त वर्षों की बात करें तो कुछ ज्यादा फर्क देखने को नहीं मिल रहा है। इस बार मार्च के अंत तक इनकम का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। नगर परिषद तीन वर्ष से किराया वसूलने के लिए संघर्ष कर रही है। 3 वर्षों में 12 करोड़ रुपये किराया वसूलने का लक्ष्य तय था लेकिन सिर्फ 3.90 करोड़ रुपये ही वसूले गए हैं। जबकि नगर परिषद के अंतर्गत 500 से अधिक दुकानें व प्लाॅट आते हैं।
नगर परिषद का वित्त वर्ष 2022-23 में 4 करोड़ रुपये किराया वसूलने का लक्ष्य था लेकिन 1.37 करोड़ रुपये ही आय हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में 4 करोड़ रुपये का वसूली का लक्ष्य था लेकिन 1.39 करोड़ रुपये की आय हुई थी। वर्तमान वित्त वर्ष 2024-25 में चार ही करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य है लेकिन इनकम 1.14 करोड़ रुपये हुई है। इस बार सबसे कम किराया वसूला गया है, जबकि 2022 और 2023 में 2024 की तुलना में अधिक कराया वसूला गया था। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए किराया वसूलने का लक्ष्य बढ़ाया गया है। पिछले वर्षों की तुलना में 70 लाख रुपये अधिक वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नगर परिषद की कोशिश वर्ष 2025-26 में 4.70 करोड़ रुपये वसूली की रहेगी।
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नगर परिषद के अधिकारियों ने किराया वसूली पर कभी मंथन नहीं किया। यही कारण है कि किराया वसूलने का लक्ष्य तो हर वर्ष एक जैसा ही रहा और स्थिति नहीं सुधरी। हाउस की बैठक में पार्षदों ने बीते सालों में किराया वसूलने पर खानापूर्ति का मुद्दा उठाया था। बताते हैं कि कई दुकानदार 20 साल से समय से दुकानों पर काबिज हैं। वह अपने आपको इसका मालिक बताते हैं। मालिकाना हक के लिए वे संघर्ष कर रहे हैं। इस वजह से किराया फंसता जा रहा है
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विज्ञापन शुल्क के नाम पर भी हुई खानापूर्ति
2022 में विज्ञापन शुल्क के नाम पर 50 लाख रुपये वसूलने का लक्ष्य बनाया गया था, जिसमें अपेक्षित इनकम नहीं आ पाई थी। 2023 में एक करोड़ रुपये का लक्ष्य था जिसमें 34 लाख रुपये की इनकम हुई थी। 2024 में 1.50 करोड़ रुपये का लक्ष्य था जिसमें 32 लाख रुपये इनकम हुई है। इस बार 1.60 करोड़ रुपये का विज्ञापन वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रॉपर्टी टैक्स पर 3.50 करोड़ रुपये का लक्ष्य था, इस पर नगर परिषद ने 3.53 करोड़ वसूल किए हैं।
नप अभी तक नहीं भर पाई अपना खजाना
नगर में वित्त वर्ष 2024-25 में 72.50 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य था लेकिन 52 करोड़ (वसूलने की प्रक्रिया जारी) अभी तक इनकम आई है। वर्ष 2022 में 72.10 करोड़ का बजट पास हुआ था, 64.09 करोड़ इनकम आई थी। वर्ष 2023 में 77.60 करोड़ का बजट पास हुआ था, 70 करोड़ इनकम हुई थी। इस बार पिछले सालों की अपेक्षा 19 करोड़ रुपये अधिक यानी 91.19 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है।
वर्जन:
इस सप्ताह विभिन्न स्रोतो से अधिक इनकम होगी। यह सप्ताह मायने रखता है। पिछले वित्त वर्षों की बात करें तो कुछ ज्यादा फर्क देखने को नहीं मिल रहा है। इस बार मार्च के अंत तक इनकम का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।