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Rewari News: जिले में 7 हजार एकड़ में मूंग की बिजाई का लक्ष्य तय
Tue, 10 Jun 2025 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 10 Jun 2025 11:42 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कृषि विभाग की ओर से मूंग की खेती पर जोर दिया जा रहा है। कृषि विभाग ने इस बार जिले में 7 हजार एकड़ में मूंग बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए किसानों को 10 हजार क्विंटल मूंग का बीज 75 प्रतिशत अनुदान पर दिया गया है।
अप्रैल में गेहूं की कटाई के बाद मूंग की बुआई का काम शुरू किया गया था। मूंग की खेती को बढ़ावा देने से दलहन की उपज बढ़ेगी। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और भूमि की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी।
मूंग की खेती से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़त है जिससे अगली फसल को प्राकृतिक खाद मिलती है और खेत की उर्वरता बढ़ती है। मूंग की फसल जल्दी तैयार हो जाती है, जिससे कम समय में अच्छी कमाई हो सकती है।
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इस बार प्रदेश में एक लाख एकड़ में मूंग बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। अधिकारियों का कहना है कि मूंग की खेती न केवल मिट्टी के लिए वरदान है, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी सहयोगी है।
एक दशक पहले जिले में मूंग की खेती हर गांव में होती थी, लेकिन कुछ वर्षों से इसकी खेती न के बराबर हो गई है। अब फसल चक्र के लिए मूंग की खेती को फिर बढ़ावा दिया जा रहा है।
कृषि अधिकारियों के अनुसार ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा इसलिए घट गया कि ये खरीफ की फसल थी। एक तरह से दो माह में यह पककर तैयार हो जाती थी। पहले लगभग गांवों में इसकी खेती होती थी। उस समय नुकसान भी नहीं होता था।
वर्जन
जिले में इस बार 7000 हजार एकड़ में मूंग की बिजाई करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक किया जा रहा है।-डॉ. अनिल, कृषि अधिकारी रेवाड़ी
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रेवाड़ी। कृषि विभाग की ओर से मूंग की खेती पर जोर दिया जा रहा है। कृषि विभाग ने इस बार जिले में 7 हजार एकड़ में मूंग बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए किसानों को 10 हजार क्विंटल मूंग का बीज 75 प्रतिशत अनुदान पर दिया गया है।
अप्रैल में गेहूं की कटाई के बाद मूंग की बुआई का काम शुरू किया गया था। मूंग की खेती को बढ़ावा देने से दलहन की उपज बढ़ेगी। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और भूमि की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी।
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मूंग की खेती से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़त है जिससे अगली फसल को प्राकृतिक खाद मिलती है और खेत की उर्वरता बढ़ती है। मूंग की फसल जल्दी तैयार हो जाती है, जिससे कम समय में अच्छी कमाई हो सकती है।
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इस बार प्रदेश में एक लाख एकड़ में मूंग बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। अधिकारियों का कहना है कि मूंग की खेती न केवल मिट्टी के लिए वरदान है, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी सहयोगी है।
एक दशक पहले जिले में मूंग की खेती हर गांव में होती थी, लेकिन कुछ वर्षों से इसकी खेती न के बराबर हो गई है। अब फसल चक्र के लिए मूंग की खेती को फिर बढ़ावा दिया जा रहा है।
कृषि अधिकारियों के अनुसार ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा इसलिए घट गया कि ये खरीफ की फसल थी। एक तरह से दो माह में यह पककर तैयार हो जाती थी। पहले लगभग गांवों में इसकी खेती होती थी। उस समय नुकसान भी नहीं होता था।
वर्जन
जिले में इस बार 7000 हजार एकड़ में मूंग की बिजाई करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक किया जा रहा है।-डॉ. अनिल, कृषि अधिकारी रेवाड़ी