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Rewari News: स्वच्छता सर्वेक्षण टीम अब बावल और धारूहेड़ा का करेगी निरीक्षण
Wed, 24 Jun 2026 07:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 24 Jun 2026 07:33 PM IST
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अनाज मंडी के पास पड़ा कूड़ा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत पहुंची छह सदस्यीय निरीक्षण टीम ने रेवाड़ी शहर में अपना सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। अब टीम जल्द ही बावल और धारूहेड़ा में सफाई व्यवस्थाओं का जायजा लेगी।
टीम ने नागरिकों से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, सफाई व्यवस्था और नगर परिषद के कार्यों को लेकर फीडबैक भी लिया। निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों और नगर परिषद की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई।
पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में रेवाड़ी को राष्ट्रीय रैंकिंग और ओडीएफ स्टेटस दोनों में बड़ा झटका लगा था। वर्ष 2024-25 में शहर की राष्ट्रीय रैंकिंग 490 तक पहुंच गई थी जबकि राज्य स्तर पर भी प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। बावल और धारूहेड़ा की स्थिति भी कमजोर थी। बावल की राष्ट्रीय रैंकिंग 1271 और धारूहेड़ा की 637 दर्ज की गई थी।
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शहर में सफाई कर्मियों की कमी, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण में अनियमितता, सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति और जगह-जगह बने कचरा प्वाइंट प्रमुख समस्याएं बनी हुई हैं। कई क्षेत्रों में डस्टबिन नहीं होने से लोग खुले स्थानों पर कचरा डालने को मजबूर हैं। इसके अलावा कचरा निस्तारण व्यवस्था और एमआरएफ सेंटर की स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई जा रही।
उम्मीद है कि सर्वेक्षण के आधार पर शहर की कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आने वाले वर्षों में रेवाड़ी, बावल और धारूहेड़ा की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार हो सके।
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रेवाड़ी। केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत पहुंची छह सदस्यीय निरीक्षण टीम ने रेवाड़ी शहर में अपना सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। अब टीम जल्द ही बावल और धारूहेड़ा में सफाई व्यवस्थाओं का जायजा लेगी।
टीम ने नागरिकों से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, सफाई व्यवस्था और नगर परिषद के कार्यों को लेकर फीडबैक भी लिया। निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों और नगर परिषद की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई।
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पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में रेवाड़ी को राष्ट्रीय रैंकिंग और ओडीएफ स्टेटस दोनों में बड़ा झटका लगा था। वर्ष 2024-25 में शहर की राष्ट्रीय रैंकिंग 490 तक पहुंच गई थी जबकि राज्य स्तर पर भी प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। बावल और धारूहेड़ा की स्थिति भी कमजोर थी। बावल की राष्ट्रीय रैंकिंग 1271 और धारूहेड़ा की 637 दर्ज की गई थी।
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शहर में सफाई कर्मियों की कमी, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण में अनियमितता, सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति और जगह-जगह बने कचरा प्वाइंट प्रमुख समस्याएं बनी हुई हैं। कई क्षेत्रों में डस्टबिन नहीं होने से लोग खुले स्थानों पर कचरा डालने को मजबूर हैं। इसके अलावा कचरा निस्तारण व्यवस्था और एमआरएफ सेंटर की स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई जा रही।
उम्मीद है कि सर्वेक्षण के आधार पर शहर की कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आने वाले वर्षों में रेवाड़ी, बावल और धारूहेड़ा की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार हो सके।