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Rewari News: कोहरे से वाहनों की रफ्तार हुई धीमी, 10 मीटर से भी कम रही दृष्यता
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शहर के बावल रोड पर घने कोहरे के बीच से गुजरते वाहन और साइकिल सवार । संवाद
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। दिसंबर का दूसरा पखवाड़ा शुरू होने के साथ ही जिले में ठंड ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को सुबह घने कोहरे और सर्दी ने ठंड बढ़ा दी। इसके कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। इस दौरान चालकों 10 मीटर तक भी कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।
नेशनल हाईवे से लेकर विभिन्न सड़कों से सफेद पट्टी पूरी तरह से मिट चुकी है। ऐसे में कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय यह पता नहीं चलेगा कि कब सड़क के बीचों बीच पहुंच गए। सड़क से गड्ढे कब पहुंच जाएं, यह भी पता नहीं लग पाएगा। ऐसे में लोग हादसे का शिकार हो सकते हैं। हाईवे सहित सर्विस रोड पर बने अवैध कट और यू टर्न भी खतरनाक साबित हो सकते हैं। यहां साइन बोर्ड और रिफ्लेक्टर तक नहीं लगे हैं। इससे वहां अक्सर हादसे की संभावना बनी रहती है।
इन स्थानों पर होती हैं ज्यादा दुर्घटनाएं
हाईवे पर जयसिंहपुर खेड़ा, ओढ़ी कट, नैचाना कट, बनीपुर चौक, असाही कंपनी के समीप, आसलवास कट, खरखड़ा कट, एनएच 71 के समीप, मालपुरा के समीप, कापड़ीवास के समीप आदि स्थानों पर दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैैं। उक्त स्थानों पर साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टिंग बोर्ड, अंडरपास ब्रिज ट्रैफिक, पुलिस कर्मी की तैनाती की कमी हादसों का कारण बन रही है। वाहन चालकों के लिए धुंध का खतरा शुरू हो चुका है।
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नेशनल हाईवे से लेकर लिंक रोड से सफेद पट्टी हो रखी है गायब
नेशनल हाईवे पर बहुत सी जगह पर सफेद पट्टी लगी ही नहीं। कुछ हिस्सों में पुरानी पट्टी दिख तो रही हैं, लेकिन धुंध वाहन के अंदर से दिखाई नहीं देती। शहर के आसपास के चौराहों और मोड़ पर भी सफेद पट्टी नहीं लगी हुई। इसके अलावा भाड़ावास रोड, बेरली रोड व रामगढ़ रोड सहित अनेकों शहर से लिंक करने वाली सड़कों पर सफेद पट्टी किनारों पर सफेद पट्टी नहीं लगी हैं।
गड्ढ़े बन सकते हैं हादसे का कारण
सड़कों पर सफेद पट्टी का न होना तो खतरनाक है ही इसके जितना ही खतरनाक विभिन्न सड़कों पर बने गहरे गड्ढे भी हैं। जिले के कई प्रमुख रास्तों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। नेशनल हाईवे से लेकर गांवों को शहर से जोड़ने वाले लिंक रोड पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। ये गड्ढे भी हादसे का कारण बन सकते हैं। संबंधित अधिकारी इन गड्ढों को भरने की कोई योजना नहीं बना रहे।
कोट
पुलिस प्रशासन की ओर से वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं। हाईवे पर सफेद पट्टी लगाने के लिए एनएचएआई को लिखा गया गया है। इसके अलावा दुर्घटना क्षेत्र या मुख्य मोड़ पर रिफ्लेक्टिंग लाइट लगाए जा रहे हैं। वाहन चालकों को भी धीरे वाहन चलाने की सलाह दी जा रही है।
-अनूप सिंह, थाना प्रभारी, ट्रैफिक थाना रेवाड़ी।
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नेशनल हाईवे से लेकर विभिन्न सड़कों से सफेद पट्टी पूरी तरह से मिट चुकी है। ऐसे में कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय यह पता नहीं चलेगा कि कब सड़क के बीचों बीच पहुंच गए। सड़क से गड्ढे कब पहुंच जाएं, यह भी पता नहीं लग पाएगा। ऐसे में लोग हादसे का शिकार हो सकते हैं। हाईवे सहित सर्विस रोड पर बने अवैध कट और यू टर्न भी खतरनाक साबित हो सकते हैं। यहां साइन बोर्ड और रिफ्लेक्टर तक नहीं लगे हैं। इससे वहां अक्सर हादसे की संभावना बनी रहती है।
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इन स्थानों पर होती हैं ज्यादा दुर्घटनाएं
हाईवे पर जयसिंहपुर खेड़ा, ओढ़ी कट, नैचाना कट, बनीपुर चौक, असाही कंपनी के समीप, आसलवास कट, खरखड़ा कट, एनएच 71 के समीप, मालपुरा के समीप, कापड़ीवास के समीप आदि स्थानों पर दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैैं। उक्त स्थानों पर साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टिंग बोर्ड, अंडरपास ब्रिज ट्रैफिक, पुलिस कर्मी की तैनाती की कमी हादसों का कारण बन रही है। वाहन चालकों के लिए धुंध का खतरा शुरू हो चुका है।
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नेशनल हाईवे से लेकर लिंक रोड से सफेद पट्टी हो रखी है गायब
नेशनल हाईवे पर बहुत सी जगह पर सफेद पट्टी लगी ही नहीं। कुछ हिस्सों में पुरानी पट्टी दिख तो रही हैं, लेकिन धुंध वाहन के अंदर से दिखाई नहीं देती। शहर के आसपास के चौराहों और मोड़ पर भी सफेद पट्टी नहीं लगी हुई। इसके अलावा भाड़ावास रोड, बेरली रोड व रामगढ़ रोड सहित अनेकों शहर से लिंक करने वाली सड़कों पर सफेद पट्टी किनारों पर सफेद पट्टी नहीं लगी हैं।
गड्ढ़े बन सकते हैं हादसे का कारण
सड़कों पर सफेद पट्टी का न होना तो खतरनाक है ही इसके जितना ही खतरनाक विभिन्न सड़कों पर बने गहरे गड्ढे भी हैं। जिले के कई प्रमुख रास्तों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। नेशनल हाईवे से लेकर गांवों को शहर से जोड़ने वाले लिंक रोड पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। ये गड्ढे भी हादसे का कारण बन सकते हैं। संबंधित अधिकारी इन गड्ढों को भरने की कोई योजना नहीं बना रहे।
कोट
पुलिस प्रशासन की ओर से वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं। हाईवे पर सफेद पट्टी लगाने के लिए एनएचएआई को लिखा गया गया है। इसके अलावा दुर्घटना क्षेत्र या मुख्य मोड़ पर रिफ्लेक्टिंग लाइट लगाए जा रहे हैं। वाहन चालकों को भी धीरे वाहन चलाने की सलाह दी जा रही है।
-अनूप सिंह, थाना प्रभारी, ट्रैफिक थाना रेवाड़ी।