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नया गांव में समस्याएं बरसों पुरानी, जलनिकासी का साधन नहीं, आज भी नहीं मिल रहा शुद्ध पानी
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कोसली। पंचायत चुनावों में ग्रामीण गांव से जुड़ी समस्याएं को चुनावी मुद्दा बनाकर प्रत्याशियों के समक्ष पेश कर रहे हैं। कोसली उपमंडल मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित नया गांव में समस्याएं बरसों पुरानी हैं। इससे लोग परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां जलनिकासी का उचित साधन नहीं है। इससे मार्ग पर हमेशा जलभराव रहता है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही शुद्ध पेयजल, परिवहन व्यवस्था, जोहड़ में भरा गंदा पानी की समस्या बनी हुई है। लोगों का कहना है कि इस बार गांव की प्रमुख समस्याएं ही चुनावी मुद्दा हैं। इसका समाधान कराने वाले प्रत्याशी को ही वोट देंगे।
गांव नया गांव की आबादी पांच हजार से अधिक है, जिसमें 2500 मतदाता हैं। यहां अधिकतर ग्रामीण खेती-बाड़ी का कार्य करते हैं। हालांकि ग्रामीणों के भाईचारे मिसाल आसपास के गांवों में दी जाती है, लेकिन गांव व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीण कई बार संबंधित अधिकारियों के पास भी जा चुके है। इस बार पंचायत के चुनावों में मतदाताओं ने ठान लिया है कि ऐसे प्रत्याशी को गांव ही बागडोर सौंपेंगे, जो समस्याओं का प्रमुखता से समाधान करा सके।
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क्या कहना है ग्रामीणों का
गांव में ऐसा सरपंच चुनना चाहिए जो गांव का विकास करवाने प्रयास करें। किसी चेहरे को देखकर वोट नहीं करना चाहिए। सभी मिलकर जनप्रतिनिधि चुने जो गांव के विकास पर ध्यान दे। इसके साथ ही गांव में शुद्ध पेयजल और जलनिकासी की समस्या को खत्म करा सके।
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- रामप्रसाद, ग्रामीण
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गांव में कई समस्याएं हैं। इस बार समस्याएं ही चुनावी मुद्दा हैं। जो प्रत्याशी परिवहन सुविधा और गंदे पानी की निकासी का समाधान करने वाले ही प्रत्याशी को वोट देंगे। ऐसे प्रत्याशी को गांव की चौधर देनी चाहिए जो बिना भेदभाव के गांव का विकास कार्य करवाए।
- महेन्द्र सिंह, ग्रामीण
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गांव में जल निकासी सबसे बड़ी समस्या है। इसका समाधान होना चाहिए। गांव एक परिवार की तरह है। सभी प्रत्याशी इसके सदस्य हैं, जो भी व्यक्ति गांव की समस्याओं का प्रमुखता से समाधान कराएगा, उसी को वोट देेंगे।
- अरुण कुमार, ग्रामीण
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कोट
गांव में परिवहन सुविधा का होना बेहद जरूरी है। इसके साथ जलनिकासी भी प्रमुख समस्या बनी हुई है। गांव उपमंडल मुख्यालय से अंतिम छोर पर होने के बाद विकास में अन्य गांवों के मुकाबले पीछे है। पिछली पंचायत कार्यकाल में विकास के लिए आए पैसों से गांव में नालियां बनवाईं, जोहड़ की सफाई के अलावा स्ट्रीट लाइट व स्वास्थ्य सहित विभिन्न विकास कार्यों पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं ।
- अभे सिंह, निवर्तमान सरपंच
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गांव नया गांव की आबादी पांच हजार से अधिक है, जिसमें 2500 मतदाता हैं। यहां अधिकतर ग्रामीण खेती-बाड़ी का कार्य करते हैं। हालांकि ग्रामीणों के भाईचारे मिसाल आसपास के गांवों में दी जाती है, लेकिन गांव व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीण कई बार संबंधित अधिकारियों के पास भी जा चुके है। इस बार पंचायत के चुनावों में मतदाताओं ने ठान लिया है कि ऐसे प्रत्याशी को गांव ही बागडोर सौंपेंगे, जो समस्याओं का प्रमुखता से समाधान करा सके।
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क्या कहना है ग्रामीणों का
गांव में ऐसा सरपंच चुनना चाहिए जो गांव का विकास करवाने प्रयास करें। किसी चेहरे को देखकर वोट नहीं करना चाहिए। सभी मिलकर जनप्रतिनिधि चुने जो गांव के विकास पर ध्यान दे। इसके साथ ही गांव में शुद्ध पेयजल और जलनिकासी की समस्या को खत्म करा सके।
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- रामप्रसाद, ग्रामीण
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गांव में कई समस्याएं हैं। इस बार समस्याएं ही चुनावी मुद्दा हैं। जो प्रत्याशी परिवहन सुविधा और गंदे पानी की निकासी का समाधान करने वाले ही प्रत्याशी को वोट देंगे। ऐसे प्रत्याशी को गांव की चौधर देनी चाहिए जो बिना भेदभाव के गांव का विकास कार्य करवाए।
- महेन्द्र सिंह, ग्रामीण
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गांव में जल निकासी सबसे बड़ी समस्या है। इसका समाधान होना चाहिए। गांव एक परिवार की तरह है। सभी प्रत्याशी इसके सदस्य हैं, जो भी व्यक्ति गांव की समस्याओं का प्रमुखता से समाधान कराएगा, उसी को वोट देेंगे।
- अरुण कुमार, ग्रामीण
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कोट
गांव में परिवहन सुविधा का होना बेहद जरूरी है। इसके साथ जलनिकासी भी प्रमुख समस्या बनी हुई है। गांव उपमंडल मुख्यालय से अंतिम छोर पर होने के बाद विकास में अन्य गांवों के मुकाबले पीछे है। पिछली पंचायत कार्यकाल में विकास के लिए आए पैसों से गांव में नालियां बनवाईं, जोहड़ की सफाई के अलावा स्ट्रीट लाइट व स्वास्थ्य सहित विभिन्न विकास कार्यों पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं ।
- अभे सिंह, निवर्तमान सरपंच
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