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पहाड़ों पर बर्फबारी से न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री गिरा, ठिठुरन बढ़ा
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रेवाड़ी। पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते मंगलवार को न्यूनतम तापमान में 2.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सूर्यदेव के दर्शन देने के बाद भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। इस दौरान लोगों को अलाव या रूम हीटर का सहारा लेना पड़ रहा है। मंगलवार को दोपहर तक कोहरा छाया रहा। इस दौरान अधिकतम तापमान 14 और न्यूनतम 3.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार को अधिकतम 15.8 और न्यूनतम 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
जिले में मंगलवार को सुबह से ही चल रही सर्द हवा से दिनभर लोग घरों और प्रतिष्ठानों में ही बैठे रहे। बाजार में दोपहर तक लोगों की चहल पहल कम रही। दोपहर बाद धूप निकलने से कुछ राहत मिली, लेकिन शाम होते होते ठंड के तेवर तीखे होने लगे।
हिसार के हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 26 जनवरी से हल्की गति से उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से रात्रि तापमान में कमी आने की संभावना है। ऐसे में अभी कुछ दिन और सुबह की सर्दी से राहत मिलने की संभावना कम है। दिन में हल्की धूप निकलने से राहत मिल सकती है। उतार-चढ़ाव भरा रहा है तापमान बूंदाबांदी और सर्द हवा के चलते कभी तापमान में काफी कमी तो कभी बढ़ता रहा। जनवरी में नियमित अंतराल पर हुई बारिश और शीतलहर से अधिकांश समय ठिठुरन से जनजीवन प्रभावित रहा।
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दिनांक अधिकतम न्यूनतम तापमान
24 जनवरी 15.8 6.2
23 जनवरी 16.2 10.5
22 जनवरी 15.5 9.0
21 जनवरी 12.5 8.0
20 जनवरी 16.5 7.5
19 जनवरी 17.6 3.5
18 जनवरी 14.0 5.5
17 जनवरी 12.2 3.5
16 जनवरी 15.5 5.5
15 जनवरी 12.6 5.5
14 जनवरी 13.5 6.0
13 जनवरी 19.0 3.5
12 जनवरी 16.6 5.8
11 जनवरी 16.5 3.5
10 जनवरी 16.5 4.5
-------------
रूम हीटर या अंगीठी जलाते वक्त बरतें सावधानी
सर्दी के दौरान लोग रूम हीटर और अंगीठी जलाकर ज्यादा देर सोते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बंद कमरे में हीटर, ब्लोअर या अंगीठी जलाने से गर्मी बढ़ने से धीरे-धीरे कमरे में ऑक्सीजन खत्म हो जाती है। इस दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड अत्यधिक बढ़ जाती है। यह गैस सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंच कर खून में मिलती है। इससे खून में हीमोग्लोबिन का स्तर घटता है, जिससे व्यक्ति की मौत हो सकती है। ऐसे में खिड़की या दरवाजे खुले रखने चाहिए। ताकि हवा का आवागमन जारी रहे।
-डॉ. रणबीर सिंह, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल
पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। इसलिए ठंड का असर ज्यादा है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान में 2.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इसके कारण ठिठुरन बरकरार है। धूप नहीं निकलती है तो ठंड का असर ऐसे ही बरकरार रहेगा।
-डॉ. धर्मबीर यादव, क्षेत्रीय निदेशक, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, बावल
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जिले में मंगलवार को सुबह से ही चल रही सर्द हवा से दिनभर लोग घरों और प्रतिष्ठानों में ही बैठे रहे। बाजार में दोपहर तक लोगों की चहल पहल कम रही। दोपहर बाद धूप निकलने से कुछ राहत मिली, लेकिन शाम होते होते ठंड के तेवर तीखे होने लगे।
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हिसार के हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 26 जनवरी से हल्की गति से उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से रात्रि तापमान में कमी आने की संभावना है। ऐसे में अभी कुछ दिन और सुबह की सर्दी से राहत मिलने की संभावना कम है। दिन में हल्की धूप निकलने से राहत मिल सकती है। उतार-चढ़ाव भरा रहा है तापमान बूंदाबांदी और सर्द हवा के चलते कभी तापमान में काफी कमी तो कभी बढ़ता रहा। जनवरी में नियमित अंतराल पर हुई बारिश और शीतलहर से अधिकांश समय ठिठुरन से जनजीवन प्रभावित रहा।
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दिनांक अधिकतम न्यूनतम तापमान
24 जनवरी 15.8 6.2
23 जनवरी 16.2 10.5
22 जनवरी 15.5 9.0
21 जनवरी 12.5 8.0
20 जनवरी 16.5 7.5
19 जनवरी 17.6 3.5
18 जनवरी 14.0 5.5
17 जनवरी 12.2 3.5
16 जनवरी 15.5 5.5
15 जनवरी 12.6 5.5
14 जनवरी 13.5 6.0
13 जनवरी 19.0 3.5
12 जनवरी 16.6 5.8
11 जनवरी 16.5 3.5
10 जनवरी 16.5 4.5
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रूम हीटर या अंगीठी जलाते वक्त बरतें सावधानी
सर्दी के दौरान लोग रूम हीटर और अंगीठी जलाकर ज्यादा देर सोते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बंद कमरे में हीटर, ब्लोअर या अंगीठी जलाने से गर्मी बढ़ने से धीरे-धीरे कमरे में ऑक्सीजन खत्म हो जाती है। इस दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड अत्यधिक बढ़ जाती है। यह गैस सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंच कर खून में मिलती है। इससे खून में हीमोग्लोबिन का स्तर घटता है, जिससे व्यक्ति की मौत हो सकती है। ऐसे में खिड़की या दरवाजे खुले रखने चाहिए। ताकि हवा का आवागमन जारी रहे।
-डॉ. रणबीर सिंह, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल
पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। इसलिए ठंड का असर ज्यादा है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान में 2.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इसके कारण ठिठुरन बरकरार है। धूप नहीं निकलती है तो ठंड का असर ऐसे ही बरकरार रहेगा।
-डॉ. धर्मबीर यादव, क्षेत्रीय निदेशक, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, बावल