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Rewari News: मुंशी के कोर्ट में पाबंदी लगाने के प्रस्ताव पर हाईकोर्ट ने एसपी को दिए जांच के आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रेवाड़ी बार एसोसिएशन की ओर से 25 जुलाई को एक अधिवक्ता के मुंशी के कोर्ट में आने पर पाबंदी लगाने के प्रस्ताव को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक को गहनता से जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। मुंशी ने कोर्ट के आदेश की काॅपी पुलिस अधीक्षक को सौंपकर सुरक्षा की मांग की है। याचिका में कहा गया था कि बार किसी की रोजी-रोटी व व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कैसे छीन सकता है।
रेवाड़ी बार एसोसिएशन ने बार की जनरल हाउस की मीटिंग बुलाकर एक प्रस्ताव पारित किया था कि रेवाड़ी बार के वरिष्ठ वकील बाबूलाल खोला के मुंशी सुनील यादव ने दिवंगत वकील सुनील कुमार के क्लेम केस में रूकावट डालने के उद्देश्य से एक गुमनाम शिकायत इंश्योरेंस कम्पनी के वकील के पास भेजी है।
सुनील यादव मुंशी को रेवाड़ी कोर्ट परिसर में घुसने पर पाबंदी लगा दी तथा मुंशी का साथ देने के आरोप में पूर्व प्रधान अधिवक्ता शमशेर यादव, बाबूलाल खोला, रवि यादव हांसाका व आकाश यादव को नोटिस जारी किए कि क्यों ना आपको डी बार किया जाए। गुमनाम शिकायत में यह लिखा था कि दिवंगत एडवोकेट सुनील कुमार की मृत्यु 2 अगस्त 2024 को उसकी मोटरसाइकिल पेड़ से टकराने की वजह से हुई थी तथा मृतक एडवोकेट सुनील कुमार एक एडवोकेट का सगा भांजा था।
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उसी एडवोकेट ने इस केस में इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम लेने के लिए पुलिस से साजबाज होकर फर्जी गाड़ी व फर्जी चालक दिखाया। इस केस में उस एडवोक्ट ने अपने सगे साले को झूठा गवाह बनाया तथा इस गुमनाम शिकायत में इस केस की जांच करने की मांग की गई थी। इस केस में एफआईआर अगस्त 2024 को पुलिस थाना रामपुरा दर्ज हुई थी।
पुलिस करेगी मामले की जांच :
सुनील यादव मुंशी ने बार के प्रस्ताव के फैसले के खिलाफ 28 जुलाई 2025 को उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाणा में एक याचिका दायर की, जिस पर संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय की दो जजों की खण्डपीठ ने फैसला सुनाया तथा रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक को आदेश देते हुए कहा कि याची सुनील यादव मुंशी की याचिका के सभी पहलुओं पर गहनता से जांच करें। याचिका में लगाए आरोप सत्य पाये जाने पर कानून के मुताबिक जल्द से जल्द कार्यवाही करें।
30 जुलाई को सुनील यादव मुंशी ने रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक को अपनी याचिका व खण्डपीठ के आदेश की कापी संलग्न करते हुए एक दरखास्त पेश की व सुरक्षा मुहैया कराने की प्रार्थना की। इस पर एसएचओ माडल टाउन ने तुरन्त कार्यवाही की। मुंशी सुनील यादव द्वारा दायर याचिका व गुमनाम शिकायत की जांच करके संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने का पुलिस ने आश्वासन दिया है।
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रेवाड़ी। रेवाड़ी बार एसोसिएशन की ओर से 25 जुलाई को एक अधिवक्ता के मुंशी के कोर्ट में आने पर पाबंदी लगाने के प्रस्ताव को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक को गहनता से जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। मुंशी ने कोर्ट के आदेश की काॅपी पुलिस अधीक्षक को सौंपकर सुरक्षा की मांग की है। याचिका में कहा गया था कि बार किसी की रोजी-रोटी व व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कैसे छीन सकता है।
रेवाड़ी बार एसोसिएशन ने बार की जनरल हाउस की मीटिंग बुलाकर एक प्रस्ताव पारित किया था कि रेवाड़ी बार के वरिष्ठ वकील बाबूलाल खोला के मुंशी सुनील यादव ने दिवंगत वकील सुनील कुमार के क्लेम केस में रूकावट डालने के उद्देश्य से एक गुमनाम शिकायत इंश्योरेंस कम्पनी के वकील के पास भेजी है।
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सुनील यादव मुंशी को रेवाड़ी कोर्ट परिसर में घुसने पर पाबंदी लगा दी तथा मुंशी का साथ देने के आरोप में पूर्व प्रधान अधिवक्ता शमशेर यादव, बाबूलाल खोला, रवि यादव हांसाका व आकाश यादव को नोटिस जारी किए कि क्यों ना आपको डी बार किया जाए। गुमनाम शिकायत में यह लिखा था कि दिवंगत एडवोकेट सुनील कुमार की मृत्यु 2 अगस्त 2024 को उसकी मोटरसाइकिल पेड़ से टकराने की वजह से हुई थी तथा मृतक एडवोकेट सुनील कुमार एक एडवोकेट का सगा भांजा था।
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उसी एडवोकेट ने इस केस में इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम लेने के लिए पुलिस से साजबाज होकर फर्जी गाड़ी व फर्जी चालक दिखाया। इस केस में उस एडवोक्ट ने अपने सगे साले को झूठा गवाह बनाया तथा इस गुमनाम शिकायत में इस केस की जांच करने की मांग की गई थी। इस केस में एफआईआर अगस्त 2024 को पुलिस थाना रामपुरा दर्ज हुई थी।
पुलिस करेगी मामले की जांच :
सुनील यादव मुंशी ने बार के प्रस्ताव के फैसले के खिलाफ 28 जुलाई 2025 को उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाणा में एक याचिका दायर की, जिस पर संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय की दो जजों की खण्डपीठ ने फैसला सुनाया तथा रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक को आदेश देते हुए कहा कि याची सुनील यादव मुंशी की याचिका के सभी पहलुओं पर गहनता से जांच करें। याचिका में लगाए आरोप सत्य पाये जाने पर कानून के मुताबिक जल्द से जल्द कार्यवाही करें।
30 जुलाई को सुनील यादव मुंशी ने रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक को अपनी याचिका व खण्डपीठ के आदेश की कापी संलग्न करते हुए एक दरखास्त पेश की व सुरक्षा मुहैया कराने की प्रार्थना की। इस पर एसएचओ माडल टाउन ने तुरन्त कार्यवाही की। मुंशी सुनील यादव द्वारा दायर याचिका व गुमनाम शिकायत की जांच करके संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने का पुलिस ने आश्वासन दिया है।