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Rewari News: रैलियों की रौनक से महका फूलों का बाजार, 20 प्रतिशत बढ़े दाम
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सर्कुलर रोड के पास फूल बेचता दुकानदार। संवाद
रेवाड़ी। जिले में विभिन्न पार्टियों की जनसभाओं और रैलियों के कारण फूल मालाओं और बुके की मांग में बढ़ गई है। मांग बढ़ने के साथ ही गेंदे और गुलाब के फूलों के दामों में भी करीब 20 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका असर फूल मालाओं की कीमतों पर पड़ा है।
पहले सामान्य आकार की माला 50 रुपये में मिल जाती थी। अब इसकी कीमत बढ़कर लगभग 80 से 100 रुपये तक पहुंच गई है। बड़े आकार और विशेष डिजाइन वाली मालाओं की कीमत और भी अधिक हो गई है।
सर्कुलर रोड के पास फूलों की दुकान चलाने वाले पवन सैनी ने बताया कि पहले गेंदे का भाव 120 रुपये प्रति किलो और गुलाब 250 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहा था लेकिन अब गेंदे की कीमत 180 से 200 रुपये प्रति किलो और गुलाब की कीमत 350 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
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उन्होंने बताया कि चुनावी दौर में प्रत्याशी और राजनीतिक दलों के पदाधिकारी लगातार संपर्क कर रहे हैं। रैलियों, जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों में नेताओं के स्वागत के लिए फूल मालाओं और बुके की भारी मांग बनी हुई है जिससे बाजार में रौनक के साथ-साथ कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है।
बाजार में फूलों की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा
फूल विक्रेता रामजीलाल ने बताया कि शाम के समय कई बार फूल मालाओं की कमी पड़ जाती है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि पहले से ऑर्डर देकर मालाएं तैयार करवा रहे हैं, ताकि सभाओं और रैलियों में किसी तरह की कमी न रहे। चुनावी गतिविधियों के चलते इस समय प्रतिदिन करीब 500 फूल मालाओं की बिक्री हो रही है, जो सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। मांग बढ़ने का सीधा असर फूलों की कीमतों पर भी पड़ा है। खासकर गेंदे और गुलाब के फूलों की मालाओं की सबसे अधिक डिमांड है। लगातार बढ़ रही खपत के कारण बाजार में फूलों की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है, जिससे दामों में भी तेजी बनी हुई है।
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पहले सामान्य आकार की माला 50 रुपये में मिल जाती थी। अब इसकी कीमत बढ़कर लगभग 80 से 100 रुपये तक पहुंच गई है। बड़े आकार और विशेष डिजाइन वाली मालाओं की कीमत और भी अधिक हो गई है।
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सर्कुलर रोड के पास फूलों की दुकान चलाने वाले पवन सैनी ने बताया कि पहले गेंदे का भाव 120 रुपये प्रति किलो और गुलाब 250 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहा था लेकिन अब गेंदे की कीमत 180 से 200 रुपये प्रति किलो और गुलाब की कीमत 350 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
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उन्होंने बताया कि चुनावी दौर में प्रत्याशी और राजनीतिक दलों के पदाधिकारी लगातार संपर्क कर रहे हैं। रैलियों, जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों में नेताओं के स्वागत के लिए फूल मालाओं और बुके की भारी मांग बनी हुई है जिससे बाजार में रौनक के साथ-साथ कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है।
बाजार में फूलों की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा
फूल विक्रेता रामजीलाल ने बताया कि शाम के समय कई बार फूल मालाओं की कमी पड़ जाती है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि पहले से ऑर्डर देकर मालाएं तैयार करवा रहे हैं, ताकि सभाओं और रैलियों में किसी तरह की कमी न रहे। चुनावी गतिविधियों के चलते इस समय प्रतिदिन करीब 500 फूल मालाओं की बिक्री हो रही है, जो सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। मांग बढ़ने का सीधा असर फूलों की कीमतों पर भी पड़ा है। खासकर गेंदे और गुलाब के फूलों की मालाओं की सबसे अधिक डिमांड है। लगातार बढ़ रही खपत के कारण बाजार में फूलों की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है, जिससे दामों में भी तेजी बनी हुई है।