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Rewari News: 31 मार्च को वित्तीय वर्ष हो जाएगा समाप्त, नहीं खर्च हो पाई राशि

Fri, 21 Mar 2025 12:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 21 Mar 2025 12:27 AM IST
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The financial year will end on March 31, but the money could not be spent
फोटो : 15सोलहाराही तालाब के निर्माण के लिए पड़ी सामग्री। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो जाएगा लेकिन पंचायतों और डी प्लान के तहत मिला बजट पूरा खर्च नहीं हो पाया है। जिले में केंद्र और प्रदेश सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि पंचायती राज संस्थाएं खर्च नहीं कर पाई हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में पंचायतों को 160 करोड़ रुपये मिले थे जिसमें करीब 100 करोड़ रुपये बचे हैं। अगर यह राशि खर्च नहीं हुई तो वित्तीय वर्ष खत्म होने के साथ ही यह राशि लेप्स हो जाएगी।
विकास एवं पंचायती विभाग को केंद्र सरकार की तरफ से 118 करोड़ और राज्य सरकार की तरफ से 42 करोड़ रुपये की राशि जारी हुई थी। इनमें से करीब 100 करोड़ रुपये अभी खर्च नहीं हो पाए हैं। पिछले 4 साल की बात करें तो स्थिति इसी प्रकार से रही है। जिला परिषद, ब्लाक समितियां हो या पंचायतें, केंद्र और प्रदेश सरकार से विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने में कंजूसी दिखाती हैं जिससे निर्माण कार्य अटके हुए हैं। विकास एवं पंचायत विभाग की उदासीनता के कारण हर साल आधी से अधिक ग्रांट लैप्स हो जाती है।
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डी प्लान के तहत अभी तक 30% राशि हो पाई खर्च

वर्ष 2024-25 में जिले में डी-प्लान के तहत 14 करोड़ 20 लाख 56 हजार रुपये की राशि जारी की गई थी। अभी तक करीब 30% राशि खर्च हो पाई है। हर साल यही स्थिति देखने को मिलती है। डी-प्लान के तहत मिलने वाली राशि को समय पर खर्च करना भी जरूरी होता है। वर्ष 2016-17 में 7 करोड़ 10 लाख रुपये की ग्रांट आई थी। तब भी कुछ बची हुई राशि लैप्स हो गई थी। स्थानीय स्तर पर भी इसका मुद्दा उठाया गया था। वर्ष 2017-18 में 6 करोड़ 89 लाख रुपये की राशि ग्रांट के तौर पर आई थी। तब 30 नवंबर तक इस राशि में महज 36 लाख 37 हजार रुपये का ही हिसाब दिखाया गया था, उस वक्त ज्यादातर कार्य तो शुरू भी नहीं हो पाए थे। डी प्लान की ग्रांट को 31 मार्च तक खर्च करना होता है।
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वर्जन:

जिले को हर वर्ष केेंद्र और राज्य सरकार से बजट जारी होता है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाते हैं। बजट पूरा खर्च न होने के कई कारण हो सकते हैं। कई बार विकास कार्य के लिए बजट दिया जाता है लेकिन वह ऑनलाइन दर्शाता नहीं है। कई बार पेमेंट का इशू पड़ जाता है। मनोज यादव, चेयरमैन, जिला परिषद।
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