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Rewari News: सरसों के तेल के दाम बढ़ाने पर गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा
Wed, 02 Jul 2025 11:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 02 Jul 2025 11:24 PM IST
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रमेश कुमार, कोसली
कोसली। सरकार की तरफ से गरीब परिवारों को राशन में मिलने वाले सरसों के तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की गई है। अब एएवाई (अंत्योदय अन्न योजना) और बीपीएल राशन कार्डधारकों को हर महीने मिलने वाला 2 लीटर तेल पहले की तरह 40 रुपये में नहीं, बल्कि 100 रुपये में मिलेगा। यानी अब हर कार्डधारक को तेल के लिए 60 रुपए अधिक चुकाने होंगे।
यह फैसला एएवाई और बीपीएल कार्डधारकों यानी समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लिए भारी संकट लेकर आया है। जिले में इस समय 1,56,494 बीपीएल राशन कार्डधारक हैं। हर कार्डधारक को हर महीने 2 लीटर तेल दिया जाता है। इस हिसाब से अब तेल के लिए प्रति कार्डधारक को 100 रुपये यानी कुल 1.56 करोड़ रुपये प्रति माह डिपो होल्डरों को देने होंगे।
पहले यह खर्च 1,56,494 कार्ड गुणा 40 रुपये यानी 62.59 लाख रुपये प्रति माह था। अब यानी एक महीने में ही 93.89 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ गरीब परिवारों पर पड़ेगा। वहीं अगर सालाना की बात करें 18.77 करोड़ रुपये कार्डधारकों को डिपो होल्डर को तेल के बदले देने होंगे। पहले सालाना 7.51 करोड़ रुपये था। इस प्रकार 11.26 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार गरीब लाभार्थियों पर आएगा। संवाद
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सरकार ने तेल के दाम बढ़ाकर गरीब लोगों पर अधिक आर्थिक बोझ डाल दिया है। इससे गरीब की रसोई में बढ़ोतरी होना लाजमी है। बीपीएल परिवार के लिए वैसे ही मुसीबतें कम नहीं है, ऊपर अब जो भार डाला गया है, वह असहनीय है।
रमेश कुमार, कोसली
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सरकार ने 40 रुपये में मिलने वाला सरसों के तेल में 60 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी से गरीब परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है। जिन्हें दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, अब सरसों के तेल में बढ़ोतरी करके ओर परेशानी पैदा कर दी है।
प्रेम कुमार, कोसली
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मेहनत मजदूरी करके दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने वाले गरीब परिवारों पर यह बढ़ोतरी पहाड़ के जैसा है। सरसों तेल के दाम में बढ़ोतरी कर गरीब के जेब पर भार डालने का काम किया है। सरकार इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस ले।
खेमचंद, कोसली।
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पहले ही महंगाई के कारण गरीब तबका परेशान है। एक तो जल्दी मजदूरी का कार्य भी नहीं मिलता है। अब जो फैसला लिया है, बिल्कुल भी उचित नहीं है। फैसला वापस होना चाहिए।
मनोज कुमार, कोसली।
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यह फैसला एएवाई और बीपीएल कार्डधारकों यानी समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लिए भारी संकट लेकर आया है। जिले में इस समय 1,56,494 बीपीएल राशन कार्डधारक हैं। हर कार्डधारक को हर महीने 2 लीटर तेल दिया जाता है। इस हिसाब से अब तेल के लिए प्रति कार्डधारक को 100 रुपये यानी कुल 1.56 करोड़ रुपये प्रति माह डिपो होल्डरों को देने होंगे।
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पहले यह खर्च 1,56,494 कार्ड गुणा 40 रुपये यानी 62.59 लाख रुपये प्रति माह था। अब यानी एक महीने में ही 93.89 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ गरीब परिवारों पर पड़ेगा। वहीं अगर सालाना की बात करें 18.77 करोड़ रुपये कार्डधारकों को डिपो होल्डर को तेल के बदले देने होंगे। पहले सालाना 7.51 करोड़ रुपये था। इस प्रकार 11.26 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार गरीब लाभार्थियों पर आएगा। संवाद
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सरकार ने तेल के दाम बढ़ाकर गरीब लोगों पर अधिक आर्थिक बोझ डाल दिया है। इससे गरीब की रसोई में बढ़ोतरी होना लाजमी है। बीपीएल परिवार के लिए वैसे ही मुसीबतें कम नहीं है, ऊपर अब जो भार डाला गया है, वह असहनीय है।
रमेश कुमार, कोसली
सरकार ने 40 रुपये में मिलने वाला सरसों के तेल में 60 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी से गरीब परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है। जिन्हें दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, अब सरसों के तेल में बढ़ोतरी करके ओर परेशानी पैदा कर दी है।
प्रेम कुमार, कोसली
मेहनत मजदूरी करके दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने वाले गरीब परिवारों पर यह बढ़ोतरी पहाड़ के जैसा है। सरसों तेल के दाम में बढ़ोतरी कर गरीब के जेब पर भार डालने का काम किया है। सरकार इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस ले।
खेमचंद, कोसली।
पहले ही महंगाई के कारण गरीब तबका परेशान है। एक तो जल्दी मजदूरी का कार्य भी नहीं मिलता है। अब जो फैसला लिया है, बिल्कुल भी उचित नहीं है। फैसला वापस होना चाहिए।
मनोज कुमार, कोसली।

रमेश कुमार, कोसली

रमेश कुमार, कोसली

रमेश कुमार, कोसली