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परिवार पहचान पत्र की शर्त ने बढ़ाई विद्यार्थियों की परेशानी, 40 प्रतिशत कम आए आवेदन

Thu, 26 Aug 2021 11:56 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 26 Aug 2021 11:56 PM IST
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The condition of family identification increased the problems of the students, 40 percent less applications
दिल्ली रोड स्थित केएलपी कॉलेज। - फोटो : Rewari
रेेवाड़ी। परिवार पहचान पत्र की शर्त के चलते कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं में आवेदन काफी कम आए हैं। प्रक्रिया के आखिरी दिन तक बीते सत्र के मुकाबले आवेदनों की संख्या 40 प्रतिशत कम रही। इसको देखते हुए उच्च्तर शिक्षा विभाग ने आवेदन करने की अंतिम तिथि दो सितंबर तक बढ़ा दी है।
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कॉलेजों में स्नातक के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का वीरवार को अंतिम दिन था। परिवार पहचान पत्र के चलते आवेदन करने में आ रही परेशानी के चलते इस बार बहुत से विद्यार्थियों का आवेदन रद्द हो गए। कॉलेज प्राचार्यों की मानें तो बुधवार तक कॉलेजों में बीते साल के मुकाबले 60 प्रतिशत विद्यार्थी ही आवेदन कर सके हैं। 2020-21 सत्र में कुल 9010 सीटों के लिए करीब 17000 आवेदन आए थे। 19-20 में यह आंकड़ा 15 हजार था। वहीं इस बार की बात करें तो बीते साल के मुकाबले यह आंकड़ा 60 प्रतिशत तक ही पहुंचा है। बता दें कि सीबीएसई व हरियाणा बोर्ड की कक्षा बाहरवीं का परिणाम शत प्रतिशत रहा था। ऐसे में आवेदनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद थी। वहीं इस बार विभाग की ओर से परिवार पहचान पत्र दाखिले के लिए अनिवार्य है। आवेदन करते समय अधिकतर विद्यार्थियों के आय प्रमाण पत्र व परिवार पहचान पत्र भरी गई आय का मिलान नहीं होने के कारण आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। वहीं कई विद्यार्थियों के कागजात से परिवार पहचान पत्र में मिलान नहीं हुआ। सरकार के जारी निर्देश के अनुसार विद्यार्थी परिवार पहचान पत्र में भी केवल दो बार संशोधन करा सकते हैं। उसके बाद विद्यार्थी संशोधित नहीं पाए, जिसके चलते बहुत से विद्यार्थी आवेदन करने से वंचित रह गए।
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शत प्रतिशत था बाहरवीं कक्षा का परिणाम
सरकार द्वारा कोरोना महामारी के चलते सीबीएसई व हरियाणा के बोर्ड की बाहरवीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों का पास किया था। इसलिए इस बार यूजी कोर्स में दाखिल के लिए मारामारी होने की उम्मीद थी। जिले की बात करें तो इस बार लगभग 18 हजार विद्यार्थियों ने बाहरवीं कक्षा उत्तीर्ण की हैं। वहीं पिछली बार जिले में 9010 सीटों पर लगभग 17 हजार आवेदन आए थे। लेकिन इस बार फैमिली आईडी से कागजात का मिलान नहीं होने के कारण बहुत से विद्यार्थी आवेदन नहीं कर पाए। इस बार पिछली साल के मुकाबले 30 प्रतिशत आवेदन कम आए हैं।
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यह रहेगा दाखिले का शेड्यूल
- दो सितंबर तक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
- चार सितंबर तक कालेजों में ऑनलाइन माध्यम से प्रमाण पत्रों की जांच की जाएगी।
- आठ सितंबर को पहली मेरिट सूची जारी की जाएगी, जोकि 13 सितंबर तक मान्य होगी।
- नौ से 13 सितंबर तक पहली मेरिट सूची में शामिल विद्यार्थियों को फीस जमा करानी होगी।
- 15 सितंबर को दूसरी मेरिट सूची जारी की जाएगी।
- 16 से 18 सितंबर तक दूसरी मेरिट सूची में शामिल विद्यार्थियों को फीस जमा करानी होगी।
- 21 सितंबर को कालेजों में खाली सीटें रहने की स्थिति में निदेशालय की तरफ से दोबारा से पोर्टल खोला जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड व दसवीं तथा बारहवीं के प्रमाण पत्र।
- परिवार पहचान पत्र।
- रिहायशी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (एससी व बीसी वर्ग के छात्रों के लिए)।
- गैप ईयर का प्रमाण पत्र (जिनका गैप ईयर है)।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
- आय प्रमाण पत्र (छह महीने से ज्यादा पुराना न हो)
- चरित्र प्रमाण पत्र (स्कूल से मिलेगा, जिन्होंने ओपन से बारहवीं की है या जिनका गैप ईयर है वह अपने वार्ड के पार्षद अथवा गांव के सरपंच से बनवा सकते हैं।)
- ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर (वही मोबाइल नंबर भरें जो स्थायी हो क्योंकि कॉलेज के विभिन्न प्रकार के फार्मों से संबंधित कार्यों के लिए तीनों साल इसी नंबर की जरूरत पड़ेगी)।

- माइग्रेशन सर्टिफिकेट (हरियाणा बोर्ड को छोड़कर सीबीएसई व अन्य बोर्डों से बारहवीं पास करने वाले छात्रों के लिए)।
- बैंक खाते की पासबुक की फोटोकापी आईएफसी कोड सहित (बैंक खाता आधार कार्ड से लिक होना चाहिए, आधार से लिंक नहीं है तो तुरंत करवाएं)।
- कोई विद्यार्थी ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) वर्ग में आवेदन करता है तो उसे ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र देना होगा।
राजकीय महाविद्यालय कोसली के प्रिंसिपल सुधीर कुमार यादव ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग ने स्नातक के आवेदन के शेड्यूल में बदलाव किया है। इस बार बहुत से विद्यार्थी आवेदन करने से वंचित रह गए थे। विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने शेड्यूल में बदलाव किया है। विद्यार्थी अब दो सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पहली साल के मुकाबले इस बार आवेदन कम आए हैं।
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