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Rewari News: कोर्ट से बच्चों को मिला न्याय, स्कूल ने जारी की एसएलसी

Thu, 19 Feb 2026 11:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Thu, 19 Feb 2026 11:24 PM IST
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The children got justice from the court, the school issued SLC
रेवाड़ी। बाल विकास विद्यालय से जुड़े एक मामले में जिला न्यायालय के हस्तक्षेप से तीन नाबालिग बच्चों को राहत मिली है। गांव संगवाड़ी निवासी मुकेश शर्मा के बच्चों अनामिका, सुहाना और हनीश को स्कूल छोड़ने का एसएलसी जारी कर दिया गया है। इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश चंद ने बच्चों की मदद की।
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मुकेश शर्मा के तीनों बच्चे पहली कक्षा से ही बाल विकास विद्याल में अध्ययनरत थे। वर्ष 2023-24 के दौरान अनामिका कक्षा दसवीं, सुहाना चौथी और हनीश दूसरी कक्षा में पढ़ रहे थे। मुकेश शर्मा ने बताया कि वे नियमित रूप से बच्चों की फीस जमा करते रहे। हालांकि उनकी दोनों किडनी फेल है और उन्हें सप्ताह में तीन दिन डायलिसिस कराना पड़ता है।
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अभिभावक ने वर्ष 2024 में स्कूल को सूचित किया कि आगामी सत्र में वे बच्चों का दाखिला अन्य विद्यालय में करवाएंगे। अनामिका ने दसवीं का ऑनलाइन परिणाम प्राप्त कर कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश लिया, जबकि सुहाना और हनीश ने राजकीय विद्यालय संगवाड़ी में अस्थायी प्रवेश ले लिया।
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बाल विकास विद्यालय द्वारा स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र और अनामिका की बोर्ड अंकतालिका जारी नहीं किए जाने के कारण तीनों बच्चों का स्थायी दाखिला अटक गया।
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21 जुलाई को न्यायालय में किया था वाद दायर
परिजनों का कहना है कि विद्यालय प्रबंधन ने 3,40,274 रुपये बकाया फीस बताकर दस्तावेज देने से इनकार कर दिया। इस संबंध में कई बार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी गुहार लगाई गई लेकिन समाधान नहीं हुआ। 21 जुलाई 2025 को न्यायालय में वाद दायर किया गया। न्यायालय में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ी। 22 अगस्त 2025 को सुहाना की एसएलसी जारी कर दी गई। वहीं 18 फरवरी 2026 को हनीश की भी एसएलसी स्कूल की ओर से जारी कर दी गई। पहले राजकीय विद्यालय की ओर से एसएलसी के अभाव में परीक्षा पर रोक लगा दी गई थी, जिससे बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया था।
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