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कैंपस में तनाव एसडीएम और पुलिस बल तैनात
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sat, 21 May 2016 12:47 AM IST
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अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आईजीयू विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार से अनशन पर बैठे अनुबंध कर्मियों ने रजिस्ट्रार पर कैंपस का संघीकरण करने का आरोप लगाया है। अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठे 120 से अधिक कर्मियों के प्रधान देव प्रकाश ने आरोप लगाते हुए कहा कि रजिस्ट्रार मदनलाल गोयल मीरपुर गांव के कर्मचारियों को हटाकर अन्य जिलों के संघ से जुड़े लोगों को विश्वविद्यालय में लगा रहे हैं।
हालांकि रजिस्ट्रार ने देव प्रकाश के आरोप का पूरी तरह से खंडन किया है। गौरतलब है कि अनुबंध कर्मचारी नए डीसी रेट के हिसाब में वेतनमान एवं पीएफ नहीं मिलने के विरोध में बृहस्पतिवार से धरने बैठे हुए थे। वहीं आईजीयू प्रशासन एवं प्रदर्शनकारियों के बीच भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश खोला और इनेलो से विधायक प्रत्याशी रहे सतीश यादव की मध्यस्थता के बाद देव प्रकाश ने अनशन तोड़ दिया। नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सभी मांगे मान लेने का आश्वासन दिया।
महिलाओं द्वारा वीसी कार्यालय घेरने कोशिश रही नाकाम
बृहस्पतिवार को कैंपस गेट पर केवल लगभग 120 अनुबंध कर्मी ही हड़ताल पर बैठे हुए थे। लेकिन शुक्रवार को इन कर्मियों के परिवार वाले भी धरने पर आकर बैठ गए। जिनमें 100 से अधिक महिलाएं शामिल थी। ये सभी महिलाएं धरने पर से उठकर वीसी कार्यालय का घेराव करने की योजना ही बना रही थी कि वीसी ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए मौके पर रेवाड़ी एसडीएम मनोज कुमार, डीएसपी बिरम सिंह,धारूहेड़ा एसएचओ अमन, महिला थाना प्रभारी उमेश बाला सहित भारी पुलिस बल पहुंच गया। महिलाएं जैसे ही वीसी कार्यालय के बाहर पहुंची तो महिला पुलिस कर्मियों ने उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया। जिसके चलते महिलाएं धरने स्थल पर वापस लौट आई।
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नेताओं के प्रयास से सुलझाया मामला
कर्मचारी देव प्रकाश, कृष्ण एवं योगेश, राहुल एवं संदीप ने कहा कि सरकारी ओर से डीसी रेट बढ़ाने के आदेश आने के बावजूद उन्हें बढ़ा हुआ वेतनमान नहीं दिया जा रहा है। लंबे समय उनका पीएफ भी नहीं निकलवाया गया है। उन्होंने कहा कि आए दिन रजिस्ट्रार उन्हें हटाने की धमकी देते हैं। कर्मचारियों की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने पांच सूत्रीय मंाग पत्र दिया गया था। धरने पर पहुंचे बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश खोला, पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव एवं इनेलो के जिलाध्यक्ष राजपाल यादव प्रदर्शनकारियों से मिलने के बाद वीसी से मिलने पहुंचे। लगभग दो घंटे से भी ज्यादा चली बातचीत के बाद ये नेता प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे तथा उनकी सभी मांगे मान लेने की बात कही। लेकिन प्रदर्शनकारी उनका वेतनमान नहीं मिलने तक अनशन करने पर अड़े रहे। नेताओं ने पांच मिनट के अंदर सैलरी खाते में आने की बात कहकर देवप्रकाश को पानी पिलाकर अनशन तुड़वाया।
ब्लॉक समित सदस्य भी पहुंचे कर्मचारियों के समर्थन में
धरने पर बैठे प्रदर्शकारियों को समर्थन देने पहुंचने वालों में ब्लॉक समिति चेयरप्रर्सन उमेशलता, समिति सदस्य देवेंद्र यादव एवं संजय माल्हेड़ा सहित अन्य लोग पहुंच रहे थे। इधर मीरपुर के ग्रामीणों में यशवीर लंबरदार, राव उदयराज एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
संघ से जुड़े लोगों की कर रहे हैं भर्ती
आरोप किसी और ने नहीं बल्कि यहीं पर अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों ने लगाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि यहां के रजिस्ट्रार पुराने कर्मचारियों को हटाकर संघ से जुड़े लोगों की भर्ती करने में लगे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि दस दिन से कैंपस में सुबह के समय आरएसएस की कक्षाएं भी लगनी शुरू हो गई हैं। आरोप आईजीयू के नवनियुक्त रजिस्ट्रार मदनलाल गोयल पर लगाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मदनलाल गोयल छात्र जीवन से ही एबीवीपी में महत्वपूर्ण पदों पर रहने के साथ आरएसएस से जुड़े रहे हैं।
आरएसएस ज्वाइन करो, नौकरी पक्की
विश्वविद्यालय में अनुबंध पर लगे कर्मचारियों के प्रधान देवप्रकाश का कहना है कि यहां के रजिस्ट्रार मदनलाल गोयल विश्वविद्यालय का पूरी तरह से संघीकरण करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को हटाने की धमकी दी जा रही है, आरएसएस ज्वाइन करने पर नौकरी पर रखने का आश्वासन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वविदित है कि रजिस्ट्रार आरएसएस से जुड़े रहे हैं। जबसे यहां पर आए हैं, अपना एंजेडा थोपने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार साहब के आने से पहले कभी भी यहां पर हड़ताल नहीं हुई थी। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय में जितने भी कर्मचारी लगे हैं, वह कांग्रेस के शासन काल में लगाए गए हैं।
वर्जन-
विश्वविद्यालय को राजनीति का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। किसी भी कर्मचारी को विश्वविद्यालय से नहीं हटाया गया है। वहीं वेज मामले में सरकार के आदेशों के अनुसार काम किया जाएगा। संघीकरण किये जाने के सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
-मदनलाल गोयल, रजिस्ट्रार, आईजीयू
हमारा देश सेक्युलर है। गीता के बारे में पढ़ाने पर बुराई नहीं है। पढ़ाई के सेंटर्स पर राव गोपाल देव, राव तुलाराम, राव वीरेंद्र सिंह जैसी शख्सियतों के बारे में पढ़ाना चाहिये। कॉलेजों में भगवाकरण नहीं होने दिया जाएगा। आरएसएस का आजादी में कोई योगदान नहीं रहा, उल्टा राष्ट्रपिता की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे का आरएसएस से संबंध रहा है। यूनिवर्सिटी में आरएसएस से जुड़ी गतिविधियां हो रही हैं तो इनका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
-कैप्टन अजय यादव, पूर्व वित्त मंत्री
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हालांकि रजिस्ट्रार ने देव प्रकाश के आरोप का पूरी तरह से खंडन किया है। गौरतलब है कि अनुबंध कर्मचारी नए डीसी रेट के हिसाब में वेतनमान एवं पीएफ नहीं मिलने के विरोध में बृहस्पतिवार से धरने बैठे हुए थे। वहीं आईजीयू प्रशासन एवं प्रदर्शनकारियों के बीच भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश खोला और इनेलो से विधायक प्रत्याशी रहे सतीश यादव की मध्यस्थता के बाद देव प्रकाश ने अनशन तोड़ दिया। नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सभी मांगे मान लेने का आश्वासन दिया।
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महिलाओं द्वारा वीसी कार्यालय घेरने कोशिश रही नाकाम
बृहस्पतिवार को कैंपस गेट पर केवल लगभग 120 अनुबंध कर्मी ही हड़ताल पर बैठे हुए थे। लेकिन शुक्रवार को इन कर्मियों के परिवार वाले भी धरने पर आकर बैठ गए। जिनमें 100 से अधिक महिलाएं शामिल थी। ये सभी महिलाएं धरने पर से उठकर वीसी कार्यालय का घेराव करने की योजना ही बना रही थी कि वीसी ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए मौके पर रेवाड़ी एसडीएम मनोज कुमार, डीएसपी बिरम सिंह,धारूहेड़ा एसएचओ अमन, महिला थाना प्रभारी उमेश बाला सहित भारी पुलिस बल पहुंच गया। महिलाएं जैसे ही वीसी कार्यालय के बाहर पहुंची तो महिला पुलिस कर्मियों ने उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया। जिसके चलते महिलाएं धरने स्थल पर वापस लौट आई।
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नेताओं के प्रयास से सुलझाया मामला
कर्मचारी देव प्रकाश, कृष्ण एवं योगेश, राहुल एवं संदीप ने कहा कि सरकारी ओर से डीसी रेट बढ़ाने के आदेश आने के बावजूद उन्हें बढ़ा हुआ वेतनमान नहीं दिया जा रहा है। लंबे समय उनका पीएफ भी नहीं निकलवाया गया है। उन्होंने कहा कि आए दिन रजिस्ट्रार उन्हें हटाने की धमकी देते हैं। कर्मचारियों की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने पांच सूत्रीय मंाग पत्र दिया गया था। धरने पर पहुंचे बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश खोला, पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव एवं इनेलो के जिलाध्यक्ष राजपाल यादव प्रदर्शनकारियों से मिलने के बाद वीसी से मिलने पहुंचे। लगभग दो घंटे से भी ज्यादा चली बातचीत के बाद ये नेता प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे तथा उनकी सभी मांगे मान लेने की बात कही। लेकिन प्रदर्शनकारी उनका वेतनमान नहीं मिलने तक अनशन करने पर अड़े रहे। नेताओं ने पांच मिनट के अंदर सैलरी खाते में आने की बात कहकर देवप्रकाश को पानी पिलाकर अनशन तुड़वाया।
ब्लॉक समित सदस्य भी पहुंचे कर्मचारियों के समर्थन में
धरने पर बैठे प्रदर्शकारियों को समर्थन देने पहुंचने वालों में ब्लॉक समिति चेयरप्रर्सन उमेशलता, समिति सदस्य देवेंद्र यादव एवं संजय माल्हेड़ा सहित अन्य लोग पहुंच रहे थे। इधर मीरपुर के ग्रामीणों में यशवीर लंबरदार, राव उदयराज एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
संघ से जुड़े लोगों की कर रहे हैं भर्ती
आरोप किसी और ने नहीं बल्कि यहीं पर अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों ने लगाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि यहां के रजिस्ट्रार पुराने कर्मचारियों को हटाकर संघ से जुड़े लोगों की भर्ती करने में लगे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि दस दिन से कैंपस में सुबह के समय आरएसएस की कक्षाएं भी लगनी शुरू हो गई हैं। आरोप आईजीयू के नवनियुक्त रजिस्ट्रार मदनलाल गोयल पर लगाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मदनलाल गोयल छात्र जीवन से ही एबीवीपी में महत्वपूर्ण पदों पर रहने के साथ आरएसएस से जुड़े रहे हैं।
आरएसएस ज्वाइन करो, नौकरी पक्की
विश्वविद्यालय में अनुबंध पर लगे कर्मचारियों के प्रधान देवप्रकाश का कहना है कि यहां के रजिस्ट्रार मदनलाल गोयल विश्वविद्यालय का पूरी तरह से संघीकरण करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को हटाने की धमकी दी जा रही है, आरएसएस ज्वाइन करने पर नौकरी पर रखने का आश्वासन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वविदित है कि रजिस्ट्रार आरएसएस से जुड़े रहे हैं। जबसे यहां पर आए हैं, अपना एंजेडा थोपने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार साहब के आने से पहले कभी भी यहां पर हड़ताल नहीं हुई थी। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय में जितने भी कर्मचारी लगे हैं, वह कांग्रेस के शासन काल में लगाए गए हैं।
वर्जन-
विश्वविद्यालय को राजनीति का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। किसी भी कर्मचारी को विश्वविद्यालय से नहीं हटाया गया है। वहीं वेज मामले में सरकार के आदेशों के अनुसार काम किया जाएगा। संघीकरण किये जाने के सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
-मदनलाल गोयल, रजिस्ट्रार, आईजीयू
हमारा देश सेक्युलर है। गीता के बारे में पढ़ाने पर बुराई नहीं है। पढ़ाई के सेंटर्स पर राव गोपाल देव, राव तुलाराम, राव वीरेंद्र सिंह जैसी शख्सियतों के बारे में पढ़ाना चाहिये। कॉलेजों में भगवाकरण नहीं होने दिया जाएगा। आरएसएस का आजादी में कोई योगदान नहीं रहा, उल्टा राष्ट्रपिता की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे का आरएसएस से संबंध रहा है। यूनिवर्सिटी में आरएसएस से जुड़ी गतिविधियां हो रही हैं तो इनका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
-कैप्टन अजय यादव, पूर्व वित्त मंत्री