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तापमान की अस्थिरता से फसल में हो सकता है नुकसान
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Fri, 30 Dec 2016 11:31 PM IST
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10 डिग्री सेल्सियस तापमान,छाया कोहरा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पांच दिनों में दो बार एकदम से गिरे 10 डिग्री सेल्सियस तापमान ने अस्थिरता पैदा कर दी है। भविष्य में इसी तरह तापमान में अस्थिरता बनी रही तो यह रबी की फसल के लिए नुकसानदायक हो सकती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर कोहरे की चादर छाई रही।
वीरवार को अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री और न्यूनतम 5.6 डिग्री सेल्सियस था। दो दिन में अधिकतम तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। इससे पूर्व 25 दिसंबर को भी एकदम से अधिकतम तापमान गिरकर 16 डिग्री हो गया था। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो दिसंबर माह के अंतिम और जनवरी की शुरूआत में कड़ाके की ठंडक फसलों के लिए बेहतर है। अचानक तापमान 10 डिग्री बढ़ना और घटना फसल और स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक है।
दोपहर तक रहा घना कोहरा
तापमान के हेरफेर में कब कोहरा बन जाता है और कब छंट जाता है। यह लोगों को समझ नहीं आ रहा है। वीरवार को अधिकतम तापमान बढ़ने और रात के समय न्यूनतम तापमान गिरते ही शुक्रवार को दोपहर तक कोहरे की चादर छाई रही। शुक्रवार दिनभर सर्द हवाएं चलीं और ठंड भी काफी रही। कोहरे के चलते लोग घर से बाहर भी कम ही निकले।
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नियमित ठंड फसल के लिए लाभकारी
गेहूं की फसल के लिए कड़ाके की ठंड लाभकारी है। यह ठंड नियमित रहनी चाहिए। यदि तापमान अधिक डिग्री में बढ़ता-घटता रहा तो फसल का विकास कम होगा और फसल में नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसान गेहूं व सरसों की फसल में समय पर पानी दें, जिससे अस्थिर मौसम की मार से फसल को कुछ हद तक बचाया जा सकता है। - डॉ. रोहताश सिंह, उप निदेशक, कृषि विभाग
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वीरवार को अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री और न्यूनतम 5.6 डिग्री सेल्सियस था। दो दिन में अधिकतम तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। इससे पूर्व 25 दिसंबर को भी एकदम से अधिकतम तापमान गिरकर 16 डिग्री हो गया था। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो दिसंबर माह के अंतिम और जनवरी की शुरूआत में कड़ाके की ठंडक फसलों के लिए बेहतर है। अचानक तापमान 10 डिग्री बढ़ना और घटना फसल और स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक है।
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दोपहर तक रहा घना कोहरा
तापमान के हेरफेर में कब कोहरा बन जाता है और कब छंट जाता है। यह लोगों को समझ नहीं आ रहा है। वीरवार को अधिकतम तापमान बढ़ने और रात के समय न्यूनतम तापमान गिरते ही शुक्रवार को दोपहर तक कोहरे की चादर छाई रही। शुक्रवार दिनभर सर्द हवाएं चलीं और ठंड भी काफी रही। कोहरे के चलते लोग घर से बाहर भी कम ही निकले।
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नियमित ठंड फसल के लिए लाभकारी
गेहूं की फसल के लिए कड़ाके की ठंड लाभकारी है। यह ठंड नियमित रहनी चाहिए। यदि तापमान अधिक डिग्री में बढ़ता-घटता रहा तो फसल का विकास कम होगा और फसल में नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसान गेहूं व सरसों की फसल में समय पर पानी दें, जिससे अस्थिर मौसम की मार से फसल को कुछ हद तक बचाया जा सकता है। - डॉ. रोहताश सिंह, उप निदेशक, कृषि विभाग