फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Technical glitches in the paperless registry are causing problems.

Rewari News: पेपरलेस रजिस्ट्री में तकनीकी खामियों की वजह से हो रही परेशानी

Fri, 31 Oct 2025 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 31 Oct 2025 12:21 AM IST
विज्ञापन
Technical glitches in the paperless registry are causing problems.
रेवाड़ी तहसील। संवाद
रेवाड़ी। जिले में पेपर लेस रजिस्ट्री शुरू हो गई है। मगर शुरूआत में काफी समस्या आ रही है। इस वजह से रजिस्ट्री का कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। अभी तक करीब 7 रजिस्ट्री हो पाई है। तहसील में कार्य करने वाले लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को ज्ञापन भी दिया गया है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया है कि मौजूदा पेपरलेस रजिस्ट्री में काफी त्रुटियां हैं, जिस वजह से परेशानियां हो रही हैं। अगर त्रुटियों को ठीक किया जाएगा तभी बात बन पाएगी। मांग की है कि जब तक त्रुटियां ठीक नहीं हो जाती, तब तक पुराने पैटर्न से रजिस्ट्री करवाई जाए। ताकि कार्य में कोई परेशानी ना हो।
विज्ञापन

बताया कि फॉर्म भरते वक्त कई बार देखने को मिल रहा है कि कॉलोनी का नाम गलत है। टोकन काटते वक्त जमीन की इस प्रकार की जानकारी मांग रहे हैं जो दी ही नहीं जा सकती है। सर्वर सेलेक्ट करते हैं तो कई बार एरर बताता है। जो अप्रूव कॉलोनी है, उसका भी कार्य नहीं हो पा रहा है। ऐसी कई कॉलोनी है। कन्वेंस डीड का भी ऑप्शन नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बिल में प्रॉपर्टी की डिटेल मांग रहा है। बता दें कि 28 अक्तूबर से ही पुराने पैटर्न पर रजिस्ट्रियां बंद कर दी गई हैं। पुरानी प्रणाली के बंद होने से अब सिर्फ नए पेपरलेस सिस्टम का ही विकल्प बचा है।

ऑनलाइन कागजात चेक होने के बाद कटेगा टोकन
सरकार का प्लान है कि लोग तहसील में बार-बार चक्कर न लगे। रजिस्ट्री का काम सहूलियत के साथ हो जाए। इसीलिए ऑनलाइन आवेदन के लिए पेपरलेस सिस्टम शुरू किया गया है। अब केवल एक बार ही तहसील में आना होगा। पुराने पैटर्न के अनुसार लोग रजिस्ट्री करने के लिए पहले अच्छी खासी फाइल तैयार करते थे तथा ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेते थे।


सॉफ्टवेयर इंजीनियर की ली जा रही मदद
तहसीलों में तहसीलदार और कर्मचारियों के सामने तकनीकी समस्याएं भी आ रही हैं, इसलिए सरकार को सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मदद लेनी पड़ी है। नई प्रणाली के क्रियान्वयन के दौरान जिलों को सहायता प्रदान करने के लिए आईटी डिविजन से 6 सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को डिवीजन-वाइज तैनात किया गया है। किसी तरह की समस्या सामने आने पर अधिकारी सॉफ्टवेयर इंजीनियर से मदद ले सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed