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Rewari News: शिक्षकों को एआई के माध्यम से सिखाई जाएगी भाषा कुशलता
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फोटो : 19रेवाड़ी। डाइट हुसैनपुर में शिक्षकों को रुचिकर व नवीन तरीकों से पढ़ाने को लेकर जानक
रेवाड़ी। डाइट हुसैनपुर में नई शिक्षा नीति के तहत तीन दिवसीय संस्कृत प्राध्यापकों का भाषा कौशल विकास प्रशिक्षण व कंप्यूटर साइंस और फिजिकल एजुकेशन प्राध्यापकों का पांच दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में शिक्षकों को रुचिकर व नवीन तरीकों से पढ़ाने और आधुनिक टीचिंग-लर्निंग मटेरियल के उपयोग की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. बीर सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना, शिक्षण विधियों को प्रभावी बनाना और शिक्षकों को ऐसे तकनीकी साधनों से परिचित कराना है जिससे विद्यार्थियों की विषयों में रुचि और भाषा दक्षता दोनों बढ़ें। इस प्रशिक्षण में संस्कृत के 69, कंप्यूटर साइंस के 12 और फिजिकल एजुकेशन के 13 प्राध्यापक भाग ले रहे हैं।
प्रशिक्षण के दूसरे दिन एनसीईआरटी हरियाणा, गुरुग्राम के मास्टर ट्रेनर और डाइट महेंद्रगढ़ के प्राध्यापक अरुण कुमार को विशेष सत्र के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने बताया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग कर संस्कृत भाषा को सरल बनाया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि संस्कृत को कठिन मानने वाली विद्यार्थियों की धारणाओं को एआई टूल्स बदल सकते हैं क्योंकि इनके माध्यम से विभक्तियों, वाक्य निर्माण और व्याकरण को बेहद आसान तरीके से समझाया जा सकता है।
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प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. बीर सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना, शिक्षण विधियों को प्रभावी बनाना और शिक्षकों को ऐसे तकनीकी साधनों से परिचित कराना है जिससे विद्यार्थियों की विषयों में रुचि और भाषा दक्षता दोनों बढ़ें। इस प्रशिक्षण में संस्कृत के 69, कंप्यूटर साइंस के 12 और फिजिकल एजुकेशन के 13 प्राध्यापक भाग ले रहे हैं।
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प्रशिक्षण के दूसरे दिन एनसीईआरटी हरियाणा, गुरुग्राम के मास्टर ट्रेनर और डाइट महेंद्रगढ़ के प्राध्यापक अरुण कुमार को विशेष सत्र के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने बताया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग कर संस्कृत भाषा को सरल बनाया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि संस्कृत को कठिन मानने वाली विद्यार्थियों की धारणाओं को एआई टूल्स बदल सकते हैं क्योंकि इनके माध्यम से विभक्तियों, वाक्य निर्माण और व्याकरण को बेहद आसान तरीके से समझाया जा सकता है।